ZP Election | अगले चुनाव में जिलापरिषद की 69 सीटे और पंचायत समिती की 138 सीटों के लिए होंगा चुनाव


Yavatmal ZP

  • जिप.सर्कल,पंस.गण के सीटों में सदस्य संख्या बढाने का सरकारी फैसला

यवतमाल. राज्य चुनाव आयोग ने जिलापरिषद पंचायत समिती चुनावों के पहले पंस. के गण और जिलापरिषद के सर्कल बढाने के लिए प्रारुप रचना का एक्शन प्लान जिलाधिकारी प्रशासन से मांगा है. इसी बीच राज्य सरकार क मंत्रीमंडल ने जिलापरिषद और और पंचायत समिती की सीटों में ईजाफा लेने का निर्णय लिया. 

जिससे यवतमाल जिलापरिषद और 16 पंचायत समितीयों के सदस्य संख्या बढेंगी.वर्तमान में जिलापरिषद में 61 सदस्य है,इस निर्णय के बाद अब 8 सदस्यों के लिए सीटे बढकर यह संख्या 69 होंगी.इसी बीच इस फैसले से जिलापरिषद और पंचायत समितीयों के चुनावों के लिए राजनितीक दलों के राजनिती में भी बदलाव होंगा, नए सर्कल और गण बढने से अपने राजकीय दल अपने बल पर जिप.पर सत्ता काबिज करने नई रणनिती अपना सकते है.

राज्य चुनाव आयोग ने जिलापरिषद और पंचायत समितीयों का कार्यकाल समाप्त होता देख चुनावी प्रक्रिया शुरु कर दी है. इसी के तहत जिलाधिकारी को सर्कल और गण का कच्चा प्रारुप तैयार कर इसकी रिपोर्ट मांगी थी. 2011 के जनगणना के आधार पर जिला प्रशासन ने चुनावों के लिए कच्चा प्रारुप तैयार किया है, इसमें वणी तहसील के जिप. में एक सर्कल और पंचायत समिती दो गण बढाने का प्रस्ताव चुनाव के सामने रखा था.

इसके बाद राज्यमंत्रीमंडल की बैठक में जिन जिलापरिषदों की सदस्य संख्या 50 या इससे अधिक 75 है वहां पर 55 से 85 सदस्य संख्या बढाने को मंजुरी दी.इसी बीच जिलापरिषद 1961 के अधिनियम के मताबक इसमें सुधार का प्रस्ताव रखा गया है. जिससे अब जिलापरिषद और पंचायत समिती सदस्यों की संख्या जिले में बढेंगी.

आरक्षण सर्कल और गण के बाद 

यवतमाल जिलापरिषद के सर्कल और पंस. गण के नए प्रारुप के बाद ही सीटों पर आरक्षण की प्रक्रिया होंगी. इससे पहले राजनितीक दल के टिकट के ईच्छुक और निर्दलीय उमीदवार चुनाव विभाग से आरक्षण के तहत लिए जानेवाले फैसले से पुर्व जानकारी ईकठठा कर रहे है, लेकिन सर्कल और गण की नए सिरे से निर्मिती न होने पर आरक्षण पर सीटों के ईलाके बढने पर ही आरक्षण की प्रक्रिया होंगी,एैसी जानकारी चुनाव विभाग द्वारा दी जा रही है.

फिलहाल यवतमाल जिलापरिषद में शिवसेना, कॉंग्रेस, राष्ट्रवादी कॉंग्रेस की मिलीजुली सत्ता है. बिते चुनावों के बाद यहां पर भाजपा के पास 18 सिटें थी, युती होने के चलते शिवसेना के पास 20 सीटें होने से उसे अध्यक्षपद और भाजपा को उपाध्यक्ष पद दिया गया था, लेकिन इसके बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन होकर महाविकास आघाडी की सरकार बनी थी.शिवसेना,20,कॉंग्रेस 11, राष्ट्रवादी 11 तथा नंदिनी दरणे यह महिला सदस्य निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद कॉंग्रेस में शामिल हो गयी.

जिससे कॉंग्रेस के पास 12 सिटें है, जिप.में फिलहाल शिवसेना के पास अध्यक्षपद और दोनों घटक दलों के पास सभापति और उपाध्यक्ष पद है.लेकिन आगामी चुनावों में यह तीनों दल स्वतंत्र होकर चुनाव लडते है, तब जिलापरिषद और पंचायत समिती के चुनावों में प्रमुख दल शिवसेना,भाजपा, कॉंग्रेस, राकांपा के बीच घमासान हो सकता है. क्योंकी फिलहाल भाजपा को छोडकर महाविकास आघाडी के तीनो घटक दल गठबंधन को लेकर मौन साधे हुए है.





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