aryan khan bail hearing detail: Neither Ncb Won Nor Satish Maneshinde: आर्यन खान केस में न एनसीबी की चली और न सतीश मानशिंदे की चली।


शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) के परिवार के लिए अक्टूबर की शुरुआत काफी खराब रही है। दरअसल, बीते 2 अक्टूबर की रात में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) मुंबई में एक क्रूज पर हो रही ड्रग्स पार्टी में एनसीबी (NCB) की छापेमारी के दौरान पकड़े गए और इसके बाद उन्हें एनसीबी की हिरासत में भेज दिया गया था। कोर्ट में गुरुवार को आर्यन खान सहित 8 आरोपियों की जमानत पर सुनवाई हुई और सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे पहले एनसीबी ने सभी आरोपियों की 11 अक्टूबर तक के लिए कस्टडी मांगी थी। वहीं, आर्यन खान के वकील सतीश मानशिंदे (Satish Maneshinde) ने अपने मुक्किल को जमानत दिलाने के लिए पूरी कोशिश की। आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कोर्ट में क्या हुआ…

1- कोर्ट में सुनवाई शुरू होने पर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) अनिल सिंह ने कहा कि अब तक 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया। एनसीबी ने अचित कुमार को आर्यन खान की गवाही पर गिरफ्तार किया। ऐसे में इन दोनों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ किए जाने की जरूरत है। एएसजी ने कहा कि आगे की जांच और अपराध की गंभीरता को देखते हुए हिरासत की अवध‍ि बढ़ाने की आवश्यकता है। जांच एक ऐसे मुकाम पर है, जहां इन दोनों का आमना-सामना करवाना जरूरी है। आरोपों और तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, दोनों आरोपियों की कस्‍टडी जरूरी है। एएसजी ने कहा कि एक व्यक्ति को दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता। अधिनियम का उद्देश्य गिरोह को हमेशा के लिए रोकना है।

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2- आर्यन खान के वकील सतीश मानशिंदे ने कहा कि जहां तक आर्यन के मामले का संबंध है, पहले दिन वह तुरंत एक और दिन की रिमांड के लिए सहमत हो गए, यह सोचकर कि इससे केस में कुछ डपलपमेंट होगा। लेकिन कुछ और गिरफ्तारियों के अलावा और कुछ नहीं हुआ है। जहां तक आर्यन से पूछताछ की बात है, अध‍िकारियों ने उनके विदेश में प्रवास से जुड़े सवालों के अलावा और कुछ नहीं पूछा है।

3- सतीश मानशिंदे ने कहा कि यदि आर्यन खान बयान पर किसी को गिरफ्तार किया जाता है, तो जांच से जुड़े किसी वरिष्ठ अधिकारी को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि यह वही शख्‍स है या नहीं, उससे आर्यन का संबंध है या नहीं, लेकिन कल से आज तक में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। कल, जब उन्होंने अचित कुमार को गिरफ्तार किया, तो उन्हें आर्यन से उनका सामना करवाना चाहिए था। यह देखना चाहिए था कि अचित सही में अरबाज या आर्यन से संबंधित थे या नहीं। लेकिन अध‍िकारियों ने ऐसा नहीं किया। ऐसे में रिमांड के लिए सिर्फ आमना-सामना करवाने का एकमात्र आधार नहीं होना चाहिए।

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4- सतीश मानशिंदे ने कहा कि अध‍िकारियों ने आर्यन से उनका मोबाइल लिया। उनका ऑर्गेनाइजर्स से कोई संबंध नहीं है। आर्यन इस बात से इनकार नहीं करते हैं अरबाज उनके दोस्‍त हैं। आर्यन ने सिर्फ चैट्स के आधार पर पूछताछ हुई है। अचित ही एकमात्र ऐसे शख्‍स जिनसे आर्यन का आमना-सामना करवाकर पूछताछ होनी है। यह तो किसी भी वक्‍त, किसी भी दिन हो सकता है। यह तो आर्यन को जमानत दिए जाने के बाद भी हो सकता है।

5- सतीश मानशिंदे ने कहा कि आर्यन खान से दो रात से पूछताछ नहीं हुई है, फिर उनको अब कस्‍टडी में लेकर पूछताछ करने की क्‍या जरूरत है? सतीश मानशिंदे ने कहा कि इनको कस्‍टडी क्‍यों दी जाए? जहां तक मेरी जानकारी है आर्यन के सामने बिठाकर अभी तक किसी से पूछताछ नहीं हुई है। न ड्रग्‍स मिले हैं। आर्यन के बैग में कुछ नहीं था। न आर्यन ने अपने फोन के साथ कोई छेड़छाड़ की। जब एनसीबी अब तक इसमें कुछ नहीं कर पाई है तो आगे ऐसा क्‍या करेगी?

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6- सतीश मानशिंदे ने कहा कि एनसीबी लगातार कह रही है कि उन्‍हें मुख्‍य आरोपी तक पहुंचना है, यदि ऐसा है तो आर्यन को हॉस्‍टेज बनाकर क्‍यों रखा जा रहा है, जबकि वह मुख्‍य आरोपी को अभी तक नहीं पकड़ पाए हैं। बाकी चीजों को छोड़ भी दें तो आर्यन ने एक लंबा समय कस्‍टडी में बिता लिया है। अब तक मामले में कोई खास तरक्‍की नहीं हुई है। यदि आर्यन पर कोई आरोप ही नहीं हैं। यदि मैटेरियल के सप्‍लाई को लेकर कोई है भी, तो वह आर्यन ने किसी से नहीं खरीदे हैं। मुझे लगता है कि केस डायरी देखने के बाद अदालत भी यह गौर करेगी कि कस्‍टडी बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है।

7- कोर्ट में जज ने कहा कि सबमिशन और रिमांड रिपोर्ट के आधार पर सार यही है कि आरोपियों के लिए एनसीबी की ओर से कस्‍टडी की मांग की गई है। वह अचित कुमार के साथ उनका सामना करवाना चाहती है। अचित के नाम का खुलासा अरबाज मर्चेंट और आर्यन खान द्वारा किया गया था। वे आरोपी नंबर 9 और अन्य आरोपियों का भी सामना करवाना चाहते हैं, जिन्हें 6 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था और रिमांड पर लिया गया था। मैं इस पहलू में नहीं जाना चाहता कि किसी आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए अधिकारी को इतना समय क्यों चाहिए। अचित की गिरफ्तारी के समय को ध्यान में रखते हुए, जब आर्यन और अचित दोनों एनसीबी की हिरासत में थे, कोर्ट में पेशी होने तक कुछ भी जांच नहीं की गई। इसके अलावा, एनसीबी ने सही तर्क दिया कि जांच के विवरण को पॉइंट आउट करने की जरूरत थी और यह रिमांड में प्रतिबिंबित नहीं होता है। इसलिए रिमांड अप्‍लीकेशन में अस्पष्ट आधार पर, हर आरोपी की कस्‍टडी को नहीं बढ़ाया जा सकता है। इसलिए सभी 8 आरोपी को न्‍यायिक हिरासत में भेजा जाता है।

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