Aryan Khan Bail Statement: i am from respectable family cannot abscond says aryan khan via satish manshinde in court during bail plea hearing- ‘मैं सम्मानित परिवार से हूं, कहीं भाग नहीं सकता’, कोर्ट में जमानत के लिए ये सब बोले आर्यन खान


ड्रग्स केस में फंसे शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) की बेल पर सुनवाई के बीच उन्हें ऑर्थर रोड जेल ले जाया गया है। कोर्ट में आर्यन के वकील सतीश मानशिंदे (Satish Maneshinde) उनकी पैरवी कर रहे हैं। सतीश मानशिंदे ने कोर्ट में कहा कि आर्यन खान का बैकग्राउंड किसी क्र‍िमिनल केस से नहीं जुड़ा है। उनसे जो भी पूछताछ की गई, उन्‍होंने सहायता की। उनके पास से कोई ड्रग्‍स बरामद नहीं हुआ। जब भी पूछताछ की जरूरत होगी, आर्यन हाजिर हो जाएंगे। उन्‍हें जमानत दी जाए।

आर्यन के हवाले (Aryan Khan bail statement) से सतीश मानशिंदे ने कोर्ट में कहा, ‘मैं 23 साल का हूं और मेरा कोई पुराना आपराध‍िक बैकग्राउंड नहीं है। मैं बॉलिवुड का हिस्‍सा हूं, इसलिए मैं इंटरनैशनल टर्मिनल गया था। जब मैं वहां पहुंचा, NCB ने मुझसे पूछा कि क्‍या मेरे पास ड्रग्‍स है, मैंने इनकार किया। उन्‍होंने मेरी तलाशी ली, मेरे बैग, मेरे कपड़ों की तलाशी ली, उन्‍होंने मेरा फोन लिया। उन्‍हें लगा कि उन्‍हें कुछ मिलेगा ताकि वह मुझसे पूछताछ कर सके। पहले दिन की पूछताछ के अलावा मेरे साथ कोई पूछताछ नहीं हुई है।’

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‘मैं सम्मानित परिवार से, भाग नहीं सकता’

मानशिंदे ने आर्यन के हवाले से आगे कहा, ‘पिछले पांच दिनों में केस में कुछ भी नया नहीं आया है। अचित के नाम का खुलासा पहले ही दिन की पूछताछ में हुआ था, लेकिन NCB ने अपना समय लिया और अचित कुमार को गुरुवार को रिमांड पर लिया। मैं एक सम्‍मानित परिवार से ताल्‍लुक रखता हूं, मेरे माता-पिता, मेरे भाई-बहन यही हैं। मेरे पास भारतीय पासपोर्ट है। मेरी जड़ें इसी समाज में हैं। मैं भाग नहीं सकता। सबूतों के साथ या आरोपियों के साथ छेड़छाड़ का सवाल ही नहीं है। मेरे इलेक्‍ट्रॉनिक सबूत ले लिए गए हैं। बाकी के आरोपी भी हिरासत में हैं। इन तर्कों और दलीलों के साथ मैं अपनी बात समाप्‍त करता हूं।’

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‘अगर गंभीर अपराध नहीं होता है तो जमानत दी जाती है’

सतीश मानशिंदे ने आर्यन की जमानत पर पर जोर देते हुए कहा, ‘तर्क दिया जा रहा है कि कस्‍टडी इसलिए जरूरी है कि दूसरे आरोपी के आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की जरूरत होगी। इसे सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही खारिज कर दिया है। जस्‍ट‍िस कृष्‍णा अय्यर ने अपने एक फैसले में कहा है कि आरोपी की हिरासत के अभाव में भी उसे कन्‍फ्रंट किया जा सकता है और पूछताछ हो सकती है। इस निर्णय पर बार-बार विचार किया गया है कि न्यायालय की सामान्य प्रवृत्ति यह है कि यदि कोई गंभीर अपराध नहीं होता है तो जमानत दे दी जाती है। और कुछ भी नहीं निकलेगा क्योंकि कुछ भी नहीं है।’

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