Aryan Khan Case Witness Prabhakar Sail: ​What Happened Before Aryan Khan Arrest in Drugs Case, Witness Prabhakar Sail Affidavit 20 Take Away in Detail NCB Sameer Wankhede Pooja Dadlani- ड्रग्‍स केस के गवाह का हलफनामा: 35 घंटों में हुईं ये 20 बड़ी बातें, 18 Cr की डील, ऐसे अरेस्‍ट हुए आर्यन खान


क्रूज ड्रग्‍स केस (Cruise Drugs Case) में गिरफ्तार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan Arrest) की जमानत पर 26 अक्‍टूबर को हाई कोर्ट में सुनवाई है। NCB दूसरी ओर, ताबड़तोड़ छापेमारी और पूछताछ कर रही है। लेकिन इसी बीच प्रभाकर सैल (Prabhakar Sail) नाम के एक शख्‍स ने हलफनामा देकर ऐसे खुलासे किए हैं, जिसने सीधे-सीधे NCB के जोनल डायरेक्‍टर समीर वानखेड़े, उनके मुखबिर किरण गोसावी (Kiran Gosavi) और यहां तक कि शाहरुख खान की मैनेजर पूजा ददलानी (Pooja Dadlani) पर भी सवाल खड़े दिए हैं। प्रभाकर का दावा है कि वह किरण गोसावी का बॉडीगार्ड है। 2 अक्‍टूबर की सुबह 7:30 बजे से 3 अक्‍टूबर की शाम तक इस केस में जो भी हुआ वह इसका गवाह है। प्रभाकर को डर है कि किरण गोसावी की तरह NCB अब उसे भी गायब कर देगी या मार देगी। ऐसे में हलफनामा दायर कर प्रभाकर ने कई सनसीखेज खुलासे किए हैं। उसने बताया कि है आर्यन की गिरफ्तारी से पहले उसने कार में पूजा ददलानी, किरण गोसावी और सैम नाम के एक शख्‍स को बात करते हुए देखा था। यही नहीं, उसने गोसावी को फोन पर यह कहते हुए सुना था कि समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) को 8 करोड़ रुपये देने हैं।

आगे पढ़‍िए, 2 अक्‍टूबर की सुबह 7:30 बजे से अगले 35 घंटों की पूरी कहानी प्रभाकर सैल के हलफनामे की जुबानी-

– मैं प्रभाकर रगहोजी सैल, उम्र 40 साल। मैं कहना चाहता हूं कि मुझे किरण प्रकाश गोसावी ने 22 जुलाई 2021 को अपना पर्सनल बॉडीगार्ड नियुक्‍त किया था। मैं तब से उनके साथ काम कर रहा हूं। मुझे पहले 30 जुलाई को क‍िरण गोसावी के घर श‍िफ्ट किया गया था।

– किरण गोसावी ने मुझे बताया कि उनका एक्‍सपोर्ट का बिजनस है। मैं उनके साथ उनके मीटिंग्‍स और बाकी जगहों पर जाता था।

– 8 सितंबर को गोसावी वाशी इलाके में श‍िफ्ट हुए। 27 सितंबर को किरण गोसावी अपनी इनोवा कार से अहमदाबाद निकल गए। मुझसे कहा गया कि मैं वाशी में ही रहूं।

– 1 अक्‍टूबर को रात 9:45 बजे उन्‍होंने मुझे फोन किया और कहा कि सुबह 7:30 बजे तैयार रहना। 2 अक्‍टूबर की सुबह गोसावी ने मुझे 500 रुपये जी-पे से ट्रांसफर किए और वॉट्सऐप पर एक लोकेशन भेजा। जब मैं 8:45 में सीएसटी स्‍टेशन पहुंचा और लोकेशन चेक किया तो पता चला कि वह NCB दफ्तर है।

– मैं जब वहां पहुंचा तो वहां पहले से गोसावी की इनोवा कर लगी हुई थी। मैंने ड्राइवर विजय सूर्यवंशी से पूछा तो पता चला कि किरण गोसावी एनसीबी दफ्तर में हैं। उनकी मीटिंग चल रही है। थोड़ी देर बाद गोसावी और एक अध‍िकारी नीचे उतरे और इनोवा से कहीं चले गए। मुझे इंतजार करने को कहा गया।

– 12 बजे दोपहर में गोसावी ने मुझे फोन किया और ग्रीन गेट आने को कहा। जब मैं वहां पहुंचा तो हमदोनों कार में बैठे और रोल्‍स, कोल्‍ड ड्रिंक्‍स, पानी आदि खरीदने के लिए आगे बढ़े। हम वापस ग्रीन गेट पहुंचे। हम बोर्डिंग पैड के पास गए।

– मुझे लाया गया खाना बांटने को कहा गया। मैंने वहां मौजूद समीर वानखेड़े और दूसरे स्‍टाफ में रोल्‍स और बाकी चीजें बांटी। मुझसे कहा गया कि यहां से मत जाना और क्रूज एरिया में ग्रीन गेट के पास इंतजार करने का निर्देश दिया गया।

– करीब 1:23 बजे किरण गोसावी ने मुझे वॉट्सऐप पर कुछ तस्‍वीरें भेजीं, कहां कि मैं इन लोगों पर नजर रखूं। कहा गया कि यदि इनमें से कोई भी क्रूज पर बोर्ड करता हुए दिखे तो उन्‍हें बताऊं।

– मैं वहां इंतजार कर रहा था। मुझे उन तस्‍वीरों में से एक इंसान वहां दिखा। मैंने उनलोगों को चैट पर बताया कि उस शख्‍स ने बस नंबर 2700 बोर्ड किया है। 4:23 बजे उन्‍होंने रिप्‍लाई किया। बताया कि जिस शख्‍स को मैंने पहचाना था वह और बाकी 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

– मैं वहां 7 बजे शाम तक इंतजार करता रहा। गोसावी ने मुझे फोन किया और कहा कि इनोवा कार में बैठ जाओ और सीआईएसएफ से कहो कि इनोवा कार को समीर वानखेड़े ने अंदर जाने देने के लिए कहा है। हालांकि, सीआईएसएफ ने इनकार कर दिया और मुझे येलो गेट पर जाने को कहा। वहां भी CISF ने कार को अंदर जाने नहीं दिया। इसके बाद गोसावी खुद वहां आए, कार में बैठे, कपड़े बदले और फिर ग्रीन गेट से अंदर चले गए।

– रात 10:30 बजे मुझे किरण गोसावी ने मुझे बोर्डिंग एरिया में बुलया। मैंने वहां आर्यन खान को एक केबिन में देखा। मैंने एक लड़की मुनमुन धमेचा को भी देखा, जो एनसीबी के अध‍िकार‍ियों के साथ थीं।

– रात 12:30 बजे किरण गोसावी और एनसीबी अध‍िकारी आर्यन खान को इनोवा कार से ही एनसीबी के दफ्तर लेकर गए। मैं भी पैदल एनसीबी दफ्तर पहुंचा। अब करीब 1 बज चुके थे। मुझे गोसावी का फोन आया, कहा कि मुझे एक पंच के तौर पर दस्‍तखत करने होंगे। उन्‍होंने मुझे एनसीबी दफ्तर बुलाया। वहां समीर वानखेड़े ने मुझसे कहा कि मैं कागजों पर अपना नाम लिखूं और दस्‍तखत करूं।

– एनसीबी के ही एक सालेकर ने मुझे 10 खाली पन्‍नों पर दस्‍तखत करने के लिए दिए। सालेकर ने मुझसे आधार कार्ड के डिटेल्‍स मांगे। मुझसे वॉट्सऐप पर एक सॉफ्ट कॉपी भी भेजने को कहा गया। मैंने उन्‍हें भेज दिया। उन्‍होंने इसके बाद मुझे खाना खाने को कहा। ड्राइवर विजय सूर्यवंशी के लिए भी एक फूड पैकेट दिया।

– कुछ देर बाद गोसावी नीचे आए। उनके साथ एक और शख्‍स सैम डिसूजा था। दोनों एनसीबी दफ्तर से करीब 500 मीटर की दूरी पर खड़े थे। सैम ने गोसावी से करीब 5 मिनट बात की। फिर दोनों अंदर चले गए। इसके बाद दोनों फिर बाहर आए। गोसावी अपनी सफेद इनोवा में आगे बढ़े, पीछे सैम की इनोवा क्र‍िस्‍टा गाड़ी साथ-साथ चल पड़ी। इसके बाद अहम लोअर परेल ब्रिज के पास बिग बाजार के पास रुके। जब तक हम वहां पहुंचे गोसावी और सैम फोन पर बात कर रहे थे।

– गोसावी को मैंने यह कहते हुए सुना कि तुमने 25 करोड़ का बम दे दिया है, इसे 18 पर फाइनल करते हैं, क्‍योंकि समीर वानखेड़े को भी 8 करोड़ रुपये देने है। थोड़ी देर बाद वहां एक ब्‍लू कलर की मर्सिडीज कार भी आकर रुकी।

– मैंने उस ब्‍लू मर्सिडीज कार में पूजा ददलानी को देखा। सैम, गोसावी और पूजा कुछ देर कार में बैठकर बात करते रहे। फिर 15 मिनट के बाद हम सभी वहां से निकल गए। गोसावी और मैं मंत्रालय पहुंचे। गोसावी ने फिर किसी से फोन पर बात की और फिर हम वाशी के लिए नि‍कले।

– वाशी पहुंचते ही गोसावी ने मुझसे कहा कि मैं इनोवा कार से इंडियाना होटल के पास सिग्‍नल पर जाऊं और 50 लाख रुपये कैश ले आऊं। मैं वहां सुबह 9:45 बजे पहुंचा। वहां एक सफेद रंग की कार आई और मुझे 2 बैग्‍स दिए गए। इनमें कैश भरा हुआ था। मैं इसे लेकर वाशी में गोसावी के घर आ गया।

– मैंने देखा कि गोसावी उस वक्‍त अपना बैग पैक कर रहे थे और कहीं निकलने वाले थे। गोसावी ने मुझे शाम को वाशी ब्रिज के पास आने को कहा। बाद में लोकेशन चेंज हुआ और इनऑर्बिट मॉल पर आना तय हुआ। वहां गोसावी ने मुझसे कहा कि मैं वो बैग सैम को दे दूं।

– सैम ने मुझे शाम के 6:15 मिनट पर फोन किया। बताया कि वह ट्राइडेंट होटल के पास है। मैं वहां पुंचा। मैंने उसे कैश वाला बैग दे दिया। वह अपनी इनोवा क्र‍िस्‍टा कार में था। हालांकि, जब उसने कैश को गिना तो वह 38 लाख रुपये थे।

– मैं यह कहना चाहता हूं किरण गोसावी अब गायब हैं और मुझे एनसीबी के अध‍िकारियों से डर लग रहा है। मुझे इसमें शामिल बाकी लोगों से भी डर लग रहा है, वो लोग मुझे मार देंगे या मेरा अपहरण कर लेंगे, जैसा कि उन्‍होंने किरण गोसावी के साथ किया है। जैसा कि बड़े-बड़े मामलों में होता है, गवाहों को अक्‍सर मार दिया जाता है ताकि सच को छुपाया जा सके।

Aryan Khan केस में ट्विस्‍ट: गवाह बोला- हुई थी समीर वानखेड़े को 8 करोड़ देने की बात, पूजा ददलानी भी आई थीं नजर
नौकर पहुंचाता था आर्यन खान को ड्रग्‍स? अनन्‍या पांडे से पूछताछ के बाद हरकत में आई NCB
बढ़ी हुई दाढ़ी, लाल आंखें, परेशान चेहरा… शाहरुख खान की वायरल हो रही इस फोटो का सच कुछ और है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

AllwNews