gadar 2 announcement sunny deol ameesha patel: 5 Things Of Gadar Which Fans Have Not Been Able To Forget Even After 20 Years


सनी देओल (Sunny Deol) के करियर की सबसे जबरदस्‍त फिल्‍मों में से एक ‘गदर: एक प्रेम कथा’ के सीक्‍वल का अनाउंसमेंट हो गया है। ‘गदर 2’ में एक बार फिर सनी और अमीषा पटेल अपनी ऐक्‍टिंग का जलवा बिखेरने के लिए तैयार हैं। चूंकि फैंस के बीच ‘गदर’ काफी पॉप्‍युलर फिल्‍म रही है, ऐसे में अब इसके दूसरे पार्ट से उनकी उम्‍मीदें और ज्‍यादा बढ़ गई हैं और वे फिल्‍म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। डायरेक्‍टर अनिल शर्मा की यह फिल्‍म 15 जून 2001 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और अब 20 साल बाद भी इसकी पॉप्‍युलैरिटी में कमी नहीं आई है। यहां हम आपको फिल्‍म की 5 सबसे जबरदस्‍त चीजों के बारे में बता रहे हैं जिन्‍हें लोग आज तक भुला नहीं पाए हैं…

​हिंदुस्‍तान-पाकिस्‍तान की लड़ाई के बीच प्रेम कहानी

फिल्‍म में सनी देओल ने तारा सिंह का किरदार निभाया जो भारत से ताल्‍लुक रखता है। वहीं, अमीषा पटेल का किरदार सकीना का संबंध पाकिस्‍तान से होता है। दोनों के बीच प्‍यार होता है, शादी होती है और फिर एक बेटा होता है। हालांकि, सकीना के घरवालों, खासतौर पर उसके पिता मेयर अशरफ अली (अमरीश पुरी) को यह रिश्‍ता पसंद नहीं होता है। यहीं से मामला हिंदुस्‍तान और पाकिस्‍तान की ओर करवट ले लेता है लेकिन अंत में दो देशों के बीच की दीवार को प्‍यार अपनी ताकत से तोड़ देता है।

​सनी देओल का हैंडपम्‍प उखाड़ना

तारा सिंह अपने प्‍यार को पाने के लिए हर मुश्‍किलों से गुजरता हुआ सरहद पार कर लेता है। वह अपनी जान की बाजी लगाकर सकीना को अपने साथ भारत लाने की हर कोशिश करता है। इस दौरान पाकिस्‍तानी फौज उसके पीछे लग जाती है लेकिन वह हर किसी से लड़ता हुआ अपनी मंजिल को पाने की ओर बढ़ता है। इस दौरान एक मौका ऐसा भी आता है जब तारा पाकिस्‍तानियों को मारने के लिए पूरा का पूरा हैंडपम्‍प उखाड़ लेता है। यह भारतीय सिनेमा के सबसे आइकॉनिक सीन्‍स में से एक है। इस सीन पर सबसे ज्‍यादा तालियां और सीटियां बजी थीं।

​फिल्‍म के गाने जबरदस्‍त

फिल्‍म की कहानी और कलाकारों की अदाकारी तो जबरदस्‍त थी ही, इसके गाने भी ऐसे थे जिन्‍होंने हर किसी का दिल जीता। ‘उड़ जा काले कावां’, ‘मुसाफिर जाने वाले’, ‘मैं निकला गड्डी लेके’, ‘हम जुदा हो गए’, ‘आन मिलो सजना’ जैसे सभी गाने म्‍यूजिक चार्टबस्‍टर्स में टॉप पर रहे और ये आज भी लोगों के फेवरिट हैं। फिल्‍म में गानों का प्‍लेसमेंट इस तरह से था कि इसने हर किसी के साथ रिलेट किया।

​पिता के रोल में अमरीश पुरी का वर्चस्‍व

सनी देओल, अमीषा पटेल और उनके बेटे के रोल में उत्‍कर्ष शर्मा के काम की हर किसी ने तारीफ की लेकिन इसके साथ ही जिस कलाकार ने लोगों के दिल और दिमाग में छाप छोड़ी, वह अमरीश पुरी थे। फिल्‍म में उन्‍होंने एक ऐसे पिता की भूमिका निभाई जो अपनी बेटी से प्‍यार तो खूब करता है लेकिन इसके साथ ही चाहता है कि वह हमेशा खुश रहे। तारा के हिंदुस्‍तानी होने के नाते अशरफ अली को तमाम चिंताएं होती हैं। अमरीश पुरी ने कठोर पिता के किरदार को बखूबी जिया लेकिन अंत में वह भी प्‍यार के आगे हार जाते हैं।

​डायलॉग डिलिवरी और जबरदस्‍त ऐक्‍शन सीन्‍स

फिल्‍म के एक-एक डायलॉग आज भी लोगों के जुबां पर हैं। हजारों पाकिस्‍तानियों के बीच जब सनी अपनी दमदार आवाज में कहते हैं कि हिंदुस्‍तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है और जिंदाबाद रहेगा… तो हर हिंदुस्‍तानी के रौंगटे खड़े हो जाते हैं। बात करें ऐक्‍शन सीन्‍स की तो यह कहना गलत नहीं होगा कि सनी की दहाड़ ही हर किसी के लिए काफी थी। इसके अलावा सनी के मुक्‍के, मालगाड़ी में भारत के लिए बढ़ते समय सनी की पाकिस्‍तानी फौजियों से लड़ाई फैंस में रोमांच पैदा करती है। यही नहीं, जब सनी अपने परिवार को लेकर ट्रक से भागते हैं तो हर किसी की धड़कन ऊपर-नीचे हो जाती है।

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