Reality Show Emotional Scene: रियलिटी शो को लेकर मनीष पॉल ने कहा कि टीआरपी के लिए कोई इमोशनल नहीं होता है।


चाहे अवॉर्ड सेरेमनी हो या फिर कोई रियलिटी शो, एक एंकर या होस्ट के तौर दिल्ली का लड़का यानी मनीष पॉल का नाम सबसे ऊपर आता है। अब वह ‘इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 2’ को होस्ट करते नजर आने वाले हैं। ऐसे में मनीष पॉल ने हमसे शो, उनके करियर और दिल्ली की अपनी यादों को लेकर बात की।

ये शो पहले भारती और हर्ष ने होस्ट किया था, इस बार आपको चुना गया है, तो ये रिप्लेसमेंट किस वजह से हुआ है और अब आपके आने से क्या बदलाव देखने को मिलेगा?
जब इस शो को भारती और हर्ष होस्ट करते थे, तो उनका अपना एक अंदाज था, उन्होंने बहुत अच्छा काम किया था। लेकिन अब जब मैं इस शो को होस्ट करने वाला हूं तो मैं अपना एक फ्लेवर लेकर आऊंगा। मेरा अपना अलग यूनिक स्टाइल है, तो मैं अपने स्टाइल से होस्ट करूंगा। लेकिन ये शो मेरे बारे में उतना नहीं है, जितना उन प्रतिभागियों के बारे में है, जो इस शो में नजर आएंगे। वो हैं इसलिए में शो कर रहा हूं, वरना अकेला तो मैं भी कुछ नहीं कर सकता। इस बार हमें कमाल के प्रतिभागी मिले हैं। ऑडिशन के समय हमें ये भी समझ नहीं आ रहा था कि किसको लें और किसको हटाएं। वहीं अगर बात भारती और हर्ष की है तो इतना ही कहूंगा कि मुझे काम मिल रहा है, तो किसी को क्यों हटाया गया, इसको मैं नहीं जानना चाहता हूं। (हंसते हुए) मैं तो इस बात से खुश हूं कि मुझे काम मिल रहा है।

आप लंबे समय से रियलिटी और अवॉर्ड शो कर रहे हैं, इसमें आपकी बड़ी पहचान भी बन चुकी है। आपको नहीं लगता अब इससे अलग भी कोई और पहचान बनाने की भी जरूरत है?
मैं पहले भी इसलिए इस लाइन में नहीं आया था कि मुझे होस्ट के लिए ही पहचाना जाए। हमारी पहचान दर्शकों से होती है और हमें सिर्फ अपना काम करना होता है। अभी इस शो में होस्टिंग का काम मिला है तो ये कर रहा हूं। इसके अलावा कुछ फिल्में भी हैं, जो मैं कर रहा हूं। तो मुझे लगता है कि किसी भी माध्यम में दर्शकों को प्यार मिलना चाहिए। मैंने कभी ये नहीं सोचा कि ये करूंगा और वो नहीं। मुझे जो काम मिलेगा मैं उसे अच्छे से करूंगा।


कोरोना काल में शो के लिए ऑडिशन करना और अच्छे प्रतिभागियों को चुनना कितना मुश्किल रहा है?
हमारी बहुत बड़ी टीम है, जो पूरे देश में फैली हुई है। ऐसी ही बहुत सी जगह से उन्होंने टैलेंट को ढूंढा है, वहां से यहां तक उनको पहुंचाया है। मुझे लगता है कि ये बहुत बड़ा काम है, इसमें काफी समय लगता है, लेकिन हम खुश हैं कि हमें ऐसे प्रतिभागी मिले हैं।

आप दिल्ली से हैं, तो यहां आकर आपको कैसा महसूस होता है?
दिल्ली आकर तो ऐसा लगता है जैसे मैं अपने घर में आ गया हूं। मेरा पूरा बचपन दिल्ली में बीता है, इसलिए मैं हूं तो दिल्ली का ही लड़का। बहुत सी यादें मेरी दिल्ली से जुड़ी हुई हैं। मैं हाल ही जनपथ में शूट कर रहा था तो एकदम से मेरी यादें ताजा हो गईं कि जनपथ में मैं कितना घूमा करता था और यहां कितनी शॉपिंग की है। मेरा कॉलेज भी यहीं से हुआ है। मेरे बहुत से दोस्त और परिवार के सदस्य यहां हैं, तो दिल्ली तो मेरे दिल में है।

रियलिटी शोज को लेकर अक्सर सवाल खड़े होते रहे हैं। अक्सर लोग कहते हैं कि रियलिटी शो में आने के लिए एक कहानी का होना जरूरी है, इमोशनल स्टोरी दिखा कर रियलिटी शो चलते हैं, आप इस बारे में क्या सोचते हैं?
देखिए मुझे ऐसा नहीं लगता है। हालांकि मैं अपने शो के बारे में ही बात कर सकता हूं बाकियों के बारे में कॉमेंट नहीं देना चाहता। देखिए, जो प्रतिभागी छोटे तबके, छोटे जगह से आया है और उसके बारे में बात करके कोई इमोशनल महसूस करता है तो मुझे लगता है ये स्वाभाविक है। वो कोई बनावटी या टीआरपी के लिए नहीं किया जाता। अगर एक लड़का पिछले छह साल से कोशिश कर रहा हो और अब जाकर उसे मौका मिला हो, उसके घर के हालात खराब हों, तो ये टीआरपी के लिए नहीं है। अगर किसी के इमोशन और पर्सनैलिटी के बारे में बताया जाए, तो उसे टीआरपी के लिए नहीं किया जाता। इसका कारण यह है कि कल जब वो ही लड़का तरक्की करेगा, तो हम इस बारे में बात करेंगे कि वह कहां से आया है। आज हम शाहरुख सर या बच्चन साहब के स्ट्रगल के बारे में बात करते हैं कि कहां से आए और आज कहां पहुंच गए हैं। मतलब इरादा वही होता है, उसके सफर को दिखाने का। ना कि नकली गरीबी दिखाओ या लाचार मां-बाप दिखाओ, वो उद्देश्य नहीं है। तो हमारे शो में हम ऐसा नहीं कर रहे।


आपने कई फिल्में भी की हैं, लेकिन जो पहचान आपने होस्ट में बनाई है, वह ऐक्टिंग में नहीं बना पाए, इसकी क्या वजह मानते हैं?
मुझे इसकी वजह तो नहीं पता है। जैसा मैंने पहले ही कहा कि मैं होस्ट बनने नहीं आया था। काम मिलता गया और करता गया और चमक गया। फिल्मों में भी धीरे-धीरे काम मिल रहा है। कुछ हैं जो ऐवरेज रहीं, कुछ फ्लॉप भी हुई हैं। अभी आगे और बड़ी फिल्में आ रही हैं, जिसमें मैं मल्टीस्टार में नजर आ रहा हूं। तो ये धीरे-धीरे आगे बढ़ने वाला सफर है। मैं रातों रात सफलता पाने मुम्बई नहीं आया हूं। मैं यहां लंबे समय तक काम करना चाहता हूं।

आर्यन इन दिनों ड्रग्स के मामले में फंसे हुए हैं और शाहरुख जो काफी मुश्किलों से गुजर रहे हैं, आपके काफी करीबी हैं, इस बारे में आप क्या कहना चाहेंगे?
मैं ईमानदारी से इतना ही कहना चाहता हूं कि ये सच मैं एक परिवार का निजी विषय है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि इस बारे में बातें करके मैं उसे पब्लिक करना चाहूंगा। सिर्फ ये ही कहना चाहता हूं कि उनका परिवार बहुत मुश्किल समय ये गुजर रहा है। जल्दी से उनकी ये मुसीबत खत्म हो और सब सुख-शांति से रहें।

मनीष पॉल

मनीष पॉल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *