Ajit Doval on Afghanistan says it is India’s important partner and will be in future too | NSA अजीत डोवल ने दुशान्बे में अफगानिस्तान और भारत के रिश्तों पर दिया बड़ा बयान


Image Source : PTI
NSA Ajit Doval with national security advisors/secretaries of security councils during a meeting on 4th Regional Security Dialogue on Afghanistan, in Dushanbe.

Highlights

  • अजीत डोवल ने आतंकवाद और आतंकवादी समूहों का मुकाबला करने में अफगानिस्तान की मदद करने का आह्वान किया है।
  • डोवल ने बैठक के इतर ईरान, ताजिकिस्तान और रूस के अपने समकक्षों एवं अन्य देशों के नेताओं से भी मुलाकात की।

Ajit Doval on Afghanistan: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल ने शुक्रवार को आतंकवाद और आतंकवादी समूहों का मुकाबला करने में अफगानिस्तान की मदद करने का आह्वान किया है। इसके साथ ही उन्होंने अफगानिस्तान की क्षमता बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत हमेशा से ही काबुल का एक महत्वपूर्ण साझेदार रहा है और भविष्य में भी रहेगा। डोवल ने ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे में ‘अफगानिस्तान पर चौथे क्षेत्रीय सुरक्षा संवाद’ में कहा कि आतंकवाद और आतंकवादी समूह क्षेत्रीय सुरक्षा तथा शांति के लिए बड़ा खतरा हैं, इसलिए सभी देशों को इसका मुकाबला करने के लिए अफगानिस्तान की मदद करनी चाहिए।

डोवल ने कहा, ‘अफगानिस्तान के लोगों के साथ सदियों से भारत के विशेष संबंध रहे हैं और कैसी भी परिस्थितियां हों, भारत का दृष्टिकोण अफगानिस्तान को लेकर नहीं बदल सकता।’ अफगानिस्तान पर चौथे क्षेत्रीय सुरक्षा संवाद की बैठक में ताजिकिस्तान, रूस, कजाखस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान, किर्गिजस्तान और चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने भी हिस्सा लिया। सूत्रों के मुताबिक डोवल समेत विभिन्न देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने तथा आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए रचनात्मक तरीके खोजने की जरूरत को रेखांकित किया।

डोवल ने कहा, ‘आतंकवाद और आतंकवादी समूहों का मुकाबला करने के लिए अफगानिस्तान की क्षमता बढ़ाने में, क्षेत्रीय सुरक्षा संवाद में मौजूद सभी देशों के सहयोग की आवश्यकता है।’ उन्होंने कहा कि सबसे पहली प्राथमिकता अफगानिस्तान में सभी लोगों के जीवन के अधिकार की रक्षा और सम्मानजनक जीवन के साथ-साथ उनके मानवाधिकारों की सुरक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मानवीय सहायता सभी के लिए सुलभ होनी चाहिए, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के तहत सभी दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।’

डोवल ने कहा कि भारत ने पिछले कई दशकों के दौरान अफगानिस्तान में बुनियादी ढांचे के विकास, कनेक्टिविटी (संचार के साधनों) को बढ़ाने और मानवीय सहायता पर ध्यान केंद्रित किया है। भारत 50,000 मीट्रिक टन गेहूं की आपूर्ति करने की कुल प्रतिबद्धता में से 17,000 मीट्रिक टन गेहूं अफगानिस्तान को उपलब्ध करा चुका है। इसके अलावा भारत ने कोविड-19 रोधी टीके कोवैक्सीन की 5 लाख खुराक, 13 टन आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं और सर्दियों के कपड़ों के साथ-साथ पोलियो टीके की 6 करोड़ खुराक अफगानिस्तान को प्रदान की है।

डोवल ने अफगानिस्तान के विकास में महिलाओं और अल्पसंख्यकों सहित समाज के सभी वर्गों के प्रतिनिधित्व की आवश्यकता भी रेखांकित की ताकि अफगानिस्तान की आबादी के सबसे बड़े संभावित अनुपात की सामूहिक ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में योगदान करने के लिए प्रेरित महसूस करे। उन्होंने कहा, ‘महिलाएं और युवा किसी भी समाज के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। अफगानिस्तान में लड़कियों को शिक्षा और महिलाओं तथा युवाओं को रोजगार का प्रावधान उत्पादकता और विकास सुनिश्चित करेगा। इसका सकारात्मक सामाजिक प्रभाव भी होगा जिसमें युवाओं के बीच कट्टरपंथी विचारधाराओं को हतोत्साहित करना शामिल है।’

उन्होंने कहा, ‘क्षेत्रीय संवाद सदस्यों के सामूहिक प्रयासों से हम एक बार फिर से समृद्ध और जीवंत राष्ट्र के निर्माण में अफगानिस्तान के गौरवान्वित लोगों की मदद कर सकते हैं।’ डोवल ने बैठक के इतर ईरान, ताजिकिस्तान और रूस के अपने समकक्षों तथा वार्ता में शामिल अन्य देशों के नेताओं से भी मुलाकात की। बता दें कि भारत ने नवंबर 2021 में नयी दिल्ली में अफगानिस्तान को लेकर क्षेत्रीय सुरक्षा संवाद की मेजबानी की थी जिसमें ईरान और रूस सहित 8 देशों ने भाग लिया था। इस मंच का उद्देश्य पिछले साल अगस्त में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद आतंकवाद, कट्टरपंथ, मादक द्रव्यों की तस्करी आदि के बढ़ते खतरों से निपटने में व्यवहारिक सहयोग के लिए साझा प्रयासों को मजबूत बनाना है।



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