america authorises new covid 19 antibody drug for high risk patients। ‘एस्ट्राजेनेका’ की एंटीबॉडी दवा को अमेरिका की हरी झंडी, बढ़ाएगी प्रतिरोधक क्षमता


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एंटीबॉडी दवा को मिली मंजूरी

Highlights

  • यह पहली ऐसी दवा है, जो संक्रमण के खिलाफ दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करेगी ।
  • कैंसर रोगी, अंग प्रत्यारोपण कराने वाले, गठिया जैसी बीमारियों से परेशान लोग इस दवा को ले सकते हैं।
  • स्वास्थ्य समस्याओं या एलर्जी से पीड़ित लोगों के लिए लाभदायक साबित होगी ये दवा।

वाशिंगटन: इन दिनों पूरे विश्व में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर चिंता बनी हुई है। लोगों के मन में कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी बीच अमेरिका के संघीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं या एलर्जी से पीड़ित उन लोगों के लिए कोविड-19 के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता बनाने वाली एक दवा को बुधवार को मंजूरी दी, जिन्हें टीकाकरण से पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल सकती है। 

कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए प्रतिरोधक क्षमता निर्मित करना पिछले एक साल से इसका एक मानक उपचार रहा है। हालांकि, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा जिस ‘एस्ट्राजेनेका’ की एंटीबॉडी दवा को बुधवार को मंजूरी दी गई है वह अलग है। यह पहली ऐसी दवा है, जो संक्रमण के खिलाफ दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करेगी। 

कैंसर रोगी, अंग प्रत्यारोपण कराने वाले, गठिया जैसी बीमारियों से परेशान लोग इस दवा को ले सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अनुमान जताया है कि अमेरिका की आबादी का दो से तीन प्रतिशत हिस्सा इस दायरे में आता है। घोषणा से पहले मिनेसोटा विश्वविद्यालय के डॉ.डेविड बौलवेयर ने कहा, ‘‘ये लोग अब भी बाहर नहीं निकल पा रहे हैं क्योंकि उनके संक्रमण की चपेट में आने या उससे मौत होने का खतरा इन्हें अधिक है। ’’ 

उन्होंने कहा कि इस दवा से इनमें से कई लोग एक बार फिर अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट पाएंगे। एफडीए ने ‘एस्ट्राजेनेका’ की जिस एंटीबॉडी दवा को मंजूरी दी है, उसका नाम ‘एवुशेल्ड’ है। यह दवा उन व्यस्क और 12 या उससे अधिक आयु के बच्चों के लिए है, जिनके कोविड-19 रोधी टीके लेने के बाद भी उनके शरीर में पर्याप्त प्रतिरोधक क्षमता नहीं बन पाई है, या जिन्हें टीके लेने से गंभीर एलर्जी हो जाती है।



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