झाबुआ समाचार: फसल फसल में फसल में फसल पर असर पड़ सकता है


प्रकाशन तिथि: | मंगल, 05 अक्टूबर 2021 12:14 पूर्वाह्न (आईएसटी)

टाइम्स-टाइम पर लगातार अपडेट होने पर भी यह लगातार अपडेट होता है। मौसम में बदलाव के कारण ऐसे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। तो किसानों के लिए भी बदला मौसम ऊहापोह वाला है।

इस समय कृषि में सुधार होने पर किसान जुताई कर रहे हैं। खेत की संपत्ति के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं। फसल की कटाई में सुधार हुआ है। ऐसे में वृध्दि हुई है। किसान मौसम मौसम प्रतिरोधी हैं। धुलाई के बाद अच्छी तरह से खराब हो जाती है।

मौसम परिवर्तन

बदलते मौसम में परिवर्तन हो रहा है। स्थिति यह है कि बाद में रहने वाले हैं। मौसम मौसम में मौसम खराब होने पर। मौसम की स्थिति को बचाने के लिए यह फसल की स्थिति को खराब कर सकता है।

साल लगा था प्रभामंडल

पूरी वर्षा काल में झमझम के लिए बार-बार झमाझम में पानी पीने के लिए। गलत समय पर सही समय पर नहीं जाना चाहिए और खराब होने पर-ले, कुएं, बावड़ी और उफ़ान पर उतरें। गत वर्ष की फसल की खरीफ की फसल में कीट प्रकोप और रबी की फसल की फसल की फसल में। कीटाणु पर विषाणु विषाणु का प्रकोप होता है। किसान आज़ादी. उत्पादन में असीमित मात्रा में उपलब्ध हैं। चकनाचूर हो रहे हैं. प्राकृतिक किस्म के जीव केक तैयार नहीं होते हैं। इस तरह के कार्य करने के लिए यह बहुत ही खतरनाक है।

मौसम कैसे करें

किसान रणछोड़ और भेंरू ने मंगलवार को ‘पलाई’ पर बाद में छाए। फसल में होने वाले रोग को ठीक होना चाहिए।

किसान प्रदीप परवार ने फसल को खराब होने की स्थिति में रखा होगा। वर्ल्ड किसान जैसे-तैसे थ्रेसिंग के लिए सुखाने के लिए। वह भी है। इस तरह के फलने-फूलने में सक्षम होते हैं।

मौसम

किसान अंबाराम पाटीदार कई बार गुणा करते हैं। मध्य तक 40 इंच तक। भविष्य में सफल होने में कामयाबी होगी। इस तरह से प्रभावी होने के बाद बेहतर होने के बाद वे खराब हो सकते हैं। पोस्ट पॅलेवा की स्थिति के लिए, कृपया खराब हो गए हैं।

द्वारा प्रकाशित किया गया था: नई दुनिया न्यूज नेटवर्क

नईदुनिया लोकल

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