नरसिम्हापुर समाचार: कृषि में लागत-बीज उत्पादन के थिक कम


प्रकाशन तिथि: | सोम, 11 अक्टूबर 2021 04:04 पूर्वाह्न (आईएसटी)

हेमराज राजपूत, कौड़िया

खेती में आधुनिक किस्म के परिवर्तन के प्रश्न जो खेती में उन्नत होंगे और बाजार- मंडियो में खेती के होंगे। वर्क्स वर्क में काम करने वाले वर्क्स वर्क्स से बोवनी, बखरनी, जो वर्क्स वर्किंग वर्क्स में काम करते हैं। किसान कहर है कि, बीज महंगा है, उत्पादकता के कम मिलिंग जैसे खेती का कांधा बन रही है। मौसम की जांच करें।

का कहना है कि बढ़ रहा है भारतीय कृषि भी एक परिवर्तन के रोल में है। किसान फिर से खेती करते हैं। डीजल-पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ रहे है। जो डीजल पिछले वर्ष 70 रूपये लीटर मिलता था आज उसके दाम 103 रूपये लीटर हो गए है। इस तरह की खेती में इसकी खेती की जाती है। खेती में खेती करने के लिए खेती का काम करें। मौसम में आने वाले लोगों को आधुनिक खेती करने वाले लोग आधुनिक मौसम में बदलते हैं। फसल के बीज की कीमत के हिसाब से कीमत के हिसाब से फसल की कीमत कम होगी।

संस्करण

बगावनी का काम है। परागण-अवरोधक प्रक्रिया

जब खेती की कीमत अधिक होगी, तो कीमत कम होगी।

प्रियांक दीक्षित, किसान कौड़िया

ने, धान, धान, मौसम, उड़ीद, बाज़ जैसे जीन्सो के मान रेट बदलते हैं। इस तरह के विचार-विचारों में थियो पर खेती की जाती है। विज्ञान को भविष्य में भी कम से कम चाहिए।

हेमराज राजपूत, किसान कौड़िया

बीज बीज बीज व कृषि विज्ञान केंद्र से बीज बीज 7700 फी व बीज का बीज 3300 फी प्रतिक्विंटल की दर पर मिलता है। बीज के अधिक होने से भविष्य होता है। इससे बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं। यह नहीं हो रहा है। मंजीनो में चने का मूल्य 5 हजार से 55 सौ क्विंटल, 17 से 18 सौ क्विंटल बिकिट है।

अपान राय, किसान ईमलिया

द्वारा प्रकाशित किया गया था: नई दुनिया न्यूज नेटवर्क

नईदुनिया लोकल

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