भोपाल कला एवं संस्कृति समाचार निमाड़ी देवी गीत व जावरे नृत्य प्रस्तुत कर कलाकारों ने की मां जगदम्बा की पूजा


प्रकाशन तिथि: | बुध, 06 अक्टूबर 2021 07:48 पूर्वाह्न (आईएसटी)

भोपाल कला और संस्कृति समाचार: भोपाल (नव वृहद) मप्र संस्थान की बहुविविध कला नृत्य कला कैमरा पर एकाग्र ‘गमक’ सांख्य के रेटस जन जाति लोक कला और बोल की ओर से खंडवा की सुर खोज और विभाग निमा देवी गीत और ऋतिक केश नृत्य रायवकवार और ऋतिक केश नृत्य रायवकवार और स्किट बैदी और जवा की कार्य दिवस।

कार्यक्रम की खोज और डायरी गाने वाली पेशों से पेश होतीं। गणगौरी रोती पंडावा की ओ अंबे…, जैसे ही रती पडवा की ओ अंबे…, नवदुर्गा की रात चांदनी गरबो खेल… ऑनलाइन इंटरनेट से भाकतिरस से सराबोर कर। उनकेसाथ मंच पर संगीता पराशर। डॉक्टर श्रुति चौरे, अमृता खुला ने सह-गायन। ढोलक पर जितेंद्र शर्मा, ढोलक पर प्रकाश बानुरी पर नितेशरोले ने मो.

कार्यक्रम में डांस करने के लिए डांस की प्रणाली और डांस बैरी और जवारे डांस की तारीख। जवारा एकानिक लोकनृत्य है, जो कि नवरात्र के नवमी के दिन है। पुरूषों के बीच सहभागिता नहीं है। महिला सर पर जवारे के पात्र को नृत्य करना है। इस नॉर्टमेंट के दीवले से मेरठ तक मेढिया तक, जरवारे विसर्जित होने वाले हैं। बरेदी डांस बुंदेलखंड अंचल के अहीर समूह के लोगों द्वारा डांस डांस है।

गमक में आज : गमक सांकेतिक सात बजे शाम को सात बजे शाम सात बजे संगीत और कला की ओर से भोले की सप्राइट और धाम गीत गायन और ढोलक ढोलक जुगलबंदी की दैत्य डायट। टीवी का प्रसारण चैनल चैनल पर लाइव पेज लाइव.

द्वारा प्रकाशित किया गया था: रवींद्र सोनिक

नईदुनिया लोकल

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