Aaj Ka Shabd Bhagini Gopal Singh Nepali Best Poem Tu Chingari Bankar Ud Ri – आज का शब्द: भगिनी और गोपाल सिंह नेपाली की कविता- तू बन जा हहराती गँगा, मैं झेलम बेहाल बनूँ


                
                                                             
                            अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है-भगिनी, जिसका अर्थ है- सहोदरा या बहन। प्रस्तुत है गोपाल सिंह नेपाली की कविता- तू बन जा हहराती गँगा, मैं झेलम बेहाल बनूँ
                                                                     
                            

तू चिंगारी बनकर उड़ री, जाग-जाग मैं ज्वाल बनूँ,
तू बन जा हहराती गँगा, मैं झेलम बेहाल बनूँ,
आज बसन्ती चोला तेरा, मैं भी सज लूँ लाल बनूँ,
तू भगिनी बन क्रान्ति कराली, मैं भाई विकराल बनूँ,
यहाँ न कोई राधारानी, वृन्दावन, बंशीवाला,
तू आँगन की ज्योति बहन री, मैं घर का पहरे वाला ।

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