कैसे बनाएं सही जन्मकुंडली | How to create janamkundli in hindi


Astrology

oi-Ashutosh Tiwari

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वैदिक ज्योतिष द्वारा बनाई गई कुंडली का आधार बहुत मजबूत होता है। इसके द्वारा की जाने वाली गणनाओं की सूक्ष्मता को देखते हुए इसमें किसी भी प्रकार के संदेह नहीं रह जाता है। वैदिक गणित एक ऐसी पद्धति है जिसके द्वारा जन्म कुंडली की सटिकता उत्तम होती है। एक सही जन्म कुंडली के निर्माण में एक उत्कृष्ट ज्योतिषी का बहुत बड़ा योगदान होता है। एक ज्योतिषी द्वारा ज्योतिष के समस्त ज्ञान की समझ को आत्मसात करते हुए ही एक सही जन्म कुंडली का निर्माण हो पाता है। वैदिक ज्योतिष में भचक्र एवं उसमें स्थित ग्रहों व नक्षत्रों की स्थिति द्वारा कुंडली का निर्माण होता हे। यह एक अद्भुत खगोलीय स्थिति होती है जो व्यक्ति के जन्म समय एवं उसके संपूर्ण जीवन काल को प्रभावित करती है। यह प्राचीन काल में ऋषियों द्वारा बनाई गई वो गणना है जो भूत-भविष्य एवं वर्तमान की संभावनाओं को समझने में सहायक होती है। आज के समय में कुंडली निर्माण की स्थिति को जानने के लिए उपयोग की जाने वाली आधुनिक तकनीक में कुंडली के सही निर्माण में एक अहम भूमिका निभाई है। हम इन सभी इसका लाभ बहुत आसानी से उठा सकते हैं और वैदिक ज्योतिष द्वारा अपनी सही जन्म कुंडली का निर्माण से कर सकते हैं।

Vinay bajrangi

जन्म कुंडली क्या है
जन्म कुंडली किसी व्यक्ति के संपूर्ण जीवन का खाका है जो उसके जीवन के सभी कार्यों की जानकारी देने में सहायक होती है। यह ग्रह, नक्षत्रों व भावों की एक ऐसी संरचना है जो एक व्यक्ति के जीवन की घटनाओं की गणना करने हेतु बनाई जाती है। ज्योतिष को जानने वाला व्यक्ति ही जन्म कुंडली का सही रुप से वर्णन कर पाने में सक्षम होता है। जन्म कुंडली को पढ़ने से पूर्व ये जानना अत्यंत आवश्यक होता है की जन्म कुंडली का निर्माण सही किया गया हो, उसके पश्चात जन्मकुंडली विश्लेषण के संदर्भ में कुछ महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखते हुए कुंडली का विश्लेषण किया जाता है। किसी व्यक्ति की कुंडली के निर्माण में कुछ विशेष घटनाक्रम दर्ज होते हैं,जो उस व्यक्ति के जीवन पर असर डालते है। ग्रहों की स्थिति, नक्षत्रों का ज्ञान एवं भाव संरचना कैसी होगी यह सभी बातें किसी व्यक्ति के जन्म समय की स्थिति के अनुसार ही देखी जाती हैं। जन्म कुण्डली में बारह भाव, बारह राशियां, ग्रह व नक्षत्रों का समावेश होता है जिनके आधार पर एक कुंडली का निर्माण होता है।

ऑनलाइन जन्म पत्री क्या है
आज के समय में ऑनलाइन जन्म पत्री का निर्माण एक बहुत ही सरल एवं सुगम माध्यम है। इन्टरनेट के द्वारा बहुत ही सरल तरीके से जन्म कुंडली कैलकुलेटर के माध्यम से जन्मपत्री तैयार कर सकते हैं। इसके द्वारा व्यक्ति को अपनी राशि, लग्न तथा अपनी कुंडली में ग्रह-नक्षत्रों का भी पता चल जाता है। सर्वसामान्य के लिए ऑनलाइन जन्मपत्री काफी उपयोगी है जिसके द्वारा कुछ ही पलों में कुंडली का निर्माण हो जाता है। ऑनलाइन जन्म पत्री उन झंझटों से मुक्ति दिलाती है जिसमें आपको कहीं जाकर अपनी कुंडली बनाने के लिए भागदौड़ करनी पड़ती है।ऑनलाइन जन्म पत्री समय की बचत करने का का सबसे आसान तथा बेहतरीन विकल्प है।

अपनी जन्म कुंडली कैसे देखें
अपनी जन्म कुंडली को देखने के लिए कुछ चीजों के विषय में जानकारी होना आवश्यक है। इसके लिए आपको अपनी जन्म तिथि, जन्म समय, जन्म स्थान की जानकारी होनी चाहिए। इसके बाद इस जानकारी को ऑनलाइन कुंडली सॉफ्टवेयर में दर्ज कर आप अपनी जन्म कुंडली को आसानी से बना सकते हैं। इसके बाद आप इस कुंडली को किसी अच्छे ज्योतिषी को दिखाकर अपनी जीवन के सभी घटनाक्रमों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही जीवन के सभी सुखों को कैसे प्राप्त किया जाये आप किसी तरह से अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं इत्यादि बातों की भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

निशुल्क संपूर्ण जन्म कुंडली हिंदी में
निशुल्क संपूर्ण जन्म कुंडली में मौजूद सभी जानकारियों को हिंदी भाषा में जान सकते हैं। ग्रह नक्षत्रों की स्थिति के साथ-साथ कुंडली में विंशोत्तरी दशा इत्यादि का भी पता लगाया जा सकता है। किस ग्रह की दशा का प्रभाव जीवन में कब पड़ेगा तथा कौन सी दशा का प्रभाव कैसा होगा तथा कौन सा ग्रह व समय जीवन में उपलब्धियाँ लेकर आयेगा। इसके साथ ही जीवन में आने वाले विभिन उतार-चढ़ावों के बारे में आप आसानी से जान सकते हैं। यह जन्म कुंडली आप अपनी भाषा में प्राप्त करके इसका संपूर्ण लाभ उठा सकते हैं।

जन्म कुंडली जन्म तिथि और समय के अनुसार जन्म कुंडली विश्लेषण
जन्म कुंडली की उचित जानकारी के लिए जन्म तिथि और जन्म समय का ज्ञान होना आवश्यक होता है। इसी के आधार पर आप के माध्यम से अपनी जन्म कुंडली प्राप्त कर सकते हैं। अगर आपकी जन्म कुंडली का निर्माण सही नहीं हुआ है तो आप अपने जीवन में मिलने वाले फलों के विषय में ठीक प्रकार से नहीं जान पाएंगे और अपने प्रयासों में भी निष्फल हो सकते हैं। यह आपके जीवन के लिए उचित नहीं है। सही कुंडली विश्लेषण लिए आपको अपनी जन्म तिथि के बारे में सही जानकारी होना अत्यंत आवश्यक होता है।

जन्म कुंडली विश्लेषण में जन्म कुंडली में सभी भावों, ग्रहों और नक्षत्रों एवं दशाओं को सूक्ष्म रुप से देखा जाता है। इसके साथ ही ग्रह दशाओं तथा ग्रह योगों के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है। इस के साथ ही कुंडली में कौन सा ग्रह आपके जीवन के लिए सबसे अच्छा होगा और किस ग्रह के कारण आपको जीवन में सफलता पाने के लिए अधिक संघर्ष करना पड़ रहा है इस बात को समझा जा सकता है। इसके अलावा मांगलिक दोष , शनि का प्रभाव, राहु केतु प्रभाव, कालसर्प योग, कुंडली में बनने वाले शुभाशुभ योगों की जानकारी यह सभी बातें कुंडली विश्लेषण द्वारा ही संभव होती हैं। कुंडली में व्यक्ति के कर्म एवं प्रारब्ध सिद्धांत के बारे में भी जाना जाता है और उसके जीवन की समस्त शुभाशुभ घटनाओं को जानने के लिए एक अच्छे ज्योतिषी का होना बहुत आवश्यक होता है। एक उत्कृष्ट ज्योतिषी ही अपने ज्ञान, कौशल व अथक परिश्रम द्वारा किसी व्यक्ति के जीवन के संपूर्ण जीवन के बारे में सटीक भविष्यवाणी कर सकता है तथा उसी के अनुसार किए गए उपाय भी सफल होते हैं।

कुंडली निर्माण के विषय में और अधिक जानने के लिए मेरी वेबसाइट www.Vinaybajrangi.com पर जाएँ अथवा आप 9278665588 या 9278555588 पर फोन कर सकते हैं ।

English summary

How to create janamkundli in hindi

Story first published: Tuesday, October 12, 2021, 20:41 [IST]

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