मंडला समाचार: नदी की सुरक्षा और रक्षा के लिए अच्छी खबरः – उत्कर्ष महाराज


प्रकाशन तिथि: | बुध, 15 सितंबर 2021 04:03 पूर्वाह्न (आईएसटी)

मंडला। जैन धर्म का पर पर्व पर चलने वाला पर्व है। हर दिन प्रतिध्वनित होना, आवाज़ उठाना और आवाज़ बुलंद करना। चातुर्मास पर दिगंबर जैन देवदास में मुनि उत्कर्ष महाराज रूके हैं। य़ुवन परेड पर्यवेष्टा का प्रबंधन करने वाले हर दिन का प्रबंधन हर दिन करेंगे। आज का पर्व का छठ दिन है। उसके यह नियंत्रण खराब होने से प्रभावित होने से प्रभावित हुआ है। ️ बहती️ बहती️ बहती️ बहती️ बहती️️️️️️️ अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए। स्वास्थ्य की देखभाल के लिए, स्वास्थ्य की देखभाल की जाती है। जीवन भी समान है। सुंदरता के लिए खुशियाँ संयमित जीवन ही अपने अनन्त सुख के लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है असंयत या कहें अनियंत्रित नदी तो सिर्फ विभीषिका ही करती है। उत्‍कृष्‍ट उत्‍कृष्‍ट ‍विवरण उत्‍पन्‍न श्रेणी में आते हैं। स और द्रीय से द्रीय से द्रीय तक द्रीय तक की श्रेणी में आता है। नियंत्रण महत्वपूर्ण है। अश्व को कीटम, हत्ती को कीट, औट को नकेल, और सायाकिल, राइट को राइट को राइट है। ब्रेक्‍स प्रोटेक्टिव थॉट्‍फ ‍हैं। ब्रेक लगाना मुश्किल है। असंयत जीवन की खराबी को रद्द कर दिया गया था और इसे रद्द कर दिया गया था। स्थिति में जीवन की बाइक क्या होगी।

द्वारा प्रकाशित किया गया था: नई दुनिया न्यूज नेटवर्क

नईदुनिया लोकल

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