Capt Amarinder Singh May Announce New Political Party Next Week – पंजाब की सियासत : अगला हफ्ता बेहद अहम, नई पार्टी का एलान कर सकते हैं अमरिंदर, कांग्रेस चौकस


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 08 Oct 2021 12:10 AM IST

सार

पंजाब की सियासत के लिए आने वाला हफ्ता बेहद अहम है। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह बड़ा सियासी दांव खेल सकते हैं। कहा जा रहा है कि कैप्टन नए राजनीतिक दल का एलान भी कर सकते हैं। ऐसे में कांग्रेस की नजरें कैप्टन अमरिंदर सिंह के अगले कदम पर टिकीं हैं।  

गृह मंत्री अमित शाह, कैप्टन अमरिंदर सिंह
– फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

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कांग्रेस हाईकमान पंजाब में पार्टी की अंदरूनी उठापटक से उबरती नजर आने लगी है लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अभी तक पार्टी के लिए चिंता का विषय बने हैं। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद कैप्टन के दूसरे दिल्ली दौरे के साथ ही कांग्रेस हाईकमान कैप्टन के अगले कदम का इंतजार करने लगा है। इस समय प्रदेश कांग्रेस में नवजोत सिद्धू का प्रधान पद से दिया गया इस्तीफा और मुख्यमंत्री चन्नी को अगले चुनाव के लिए मजबूत करना, हाईकमान के सामने मुख्य प्रश्न हैं। लेकिन कैप्टन के अगले कदम को देखे बिना कांग्रेस सिद्धू के इस्तीफे पर फैसला लेने से कतरा रही है।

सूत्रों के अनुसार कैप्टन अगले हफ्ते अपनी रणनीति का खुलासा कर सकते हैं, जिसके तहत वह कांग्रेस पार्टी की सदस्यता भी छोड़ेंगे और अपनी नई पार्टी के गठन का भी एलान कर सकते हैं। सियासी गलियारों में यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि कैप्टन द्वारा गठित जाट महासभा जोकि इन दिनों सक्रिय नहीं है, को फिर सक्रिय किया जाएगा ताकि पंजाब के किसानों खासतौर पर जाट सिखों को जोड़ा जा सके।

अपने पिछले दिल्ली दौरे के दौरान कैप्टन ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की थी लेकिन पंजाब में कांग्रेस समेत सभी सियासी दलों ने उनकी मुलाकात पर सवाल खड़े कर दिए कि कैप्टन किस हैसियत से पंजाब के बारे में मुलाकात करने गए थे। 

आखिरकार कैप्टन को यह बयान जारी कर पल्ला छुड़ाना पड़ा कि वह भाजपा में शामिल नहीं हो रहे। अमित शाह और डोभाल से मुलाकात में कैप्टन ने पंजाब को पाकिस्तान से खतरे का हवाला दिया था और पंजाब लौटने के बाद भी कैप्टन ने राज्य की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। तब कैप्टन पर आरोप लगे कि वह पंजाब में खराब हालात को मुद्दा बनाकर केंद्र सरकार को सूबे में हस्तक्षेप का मौका दे रहे हैं। अब कैप्टन के ताजा दौरे को लेकर माना जा रहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाले हैं। फिलहाल कैप्टन दिल्ली में अपनी पत्नी सांसद परनीत कौर के आवास पर ठहरे हैं।

विस्तार

कांग्रेस हाईकमान पंजाब में पार्टी की अंदरूनी उठापटक से उबरती नजर आने लगी है लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अभी तक पार्टी के लिए चिंता का विषय बने हैं। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद कैप्टन के दूसरे दिल्ली दौरे के साथ ही कांग्रेस हाईकमान कैप्टन के अगले कदम का इंतजार करने लगा है। इस समय प्रदेश कांग्रेस में नवजोत सिद्धू का प्रधान पद से दिया गया इस्तीफा और मुख्यमंत्री चन्नी को अगले चुनाव के लिए मजबूत करना, हाईकमान के सामने मुख्य प्रश्न हैं। लेकिन कैप्टन के अगले कदम को देखे बिना कांग्रेस सिद्धू के इस्तीफे पर फैसला लेने से कतरा रही है।

सूत्रों के अनुसार कैप्टन अगले हफ्ते अपनी रणनीति का खुलासा कर सकते हैं, जिसके तहत वह कांग्रेस पार्टी की सदस्यता भी छोड़ेंगे और अपनी नई पार्टी के गठन का भी एलान कर सकते हैं। सियासी गलियारों में यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि कैप्टन द्वारा गठित जाट महासभा जोकि इन दिनों सक्रिय नहीं है, को फिर सक्रिय किया जाएगा ताकि पंजाब के किसानों खासतौर पर जाट सिखों को जोड़ा जा सके।

अपने पिछले दिल्ली दौरे के दौरान कैप्टन ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की थी लेकिन पंजाब में कांग्रेस समेत सभी सियासी दलों ने उनकी मुलाकात पर सवाल खड़े कर दिए कि कैप्टन किस हैसियत से पंजाब के बारे में मुलाकात करने गए थे। 

आखिरकार कैप्टन को यह बयान जारी कर पल्ला छुड़ाना पड़ा कि वह भाजपा में शामिल नहीं हो रहे। अमित शाह और डोभाल से मुलाकात में कैप्टन ने पंजाब को पाकिस्तान से खतरे का हवाला दिया था और पंजाब लौटने के बाद भी कैप्टन ने राज्य की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। तब कैप्टन पर आरोप लगे कि वह पंजाब में खराब हालात को मुद्दा बनाकर केंद्र सरकार को सूबे में हस्तक्षेप का मौका दे रहे हैं। अब कैप्टन के ताजा दौरे को लेकर माना जा रहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाले हैं। फिलहाल कैप्टन दिल्ली में अपनी पत्नी सांसद परनीत कौर के आवास पर ठहरे हैं।

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