Captain Amarinder Singh Slams Punjab Congress Leaders – कैप्टन का पलटवार: हरीश रावत से कहा-मुझे सेक्युलरिज्म का पाठ न पढ़ाएं, सिद्धू को कहा धोखेबाज


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 21 Oct 2021 08:30 PM IST

सार

हरीश रावत ने कैप्टन के भाजपा के साथ जाने की अटकलों पर कहा था कि ऐसा लगता है कि उन्होंने अपने भीतर के ‘धर्मनिरपेक्ष अमरिंदर’ को मार डाला है। वहीं पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को तीन कृषि कानूनों का निर्माता बताया था।

कैप्टन अमरिंदर सिंह।
– फोटो : फाइल फोटो

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सीएम पद छोड़ने के बाद भी कैप्टन अमरिंदर और पंजाब कांग्रेस में उनके विरोधियों के बीच बयानबाजी खत्म नहीं हो रही। गुरुवार को पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को तीन कृषि कानूनों का निर्माता बताया जिसके बाद अमरिंदर ने पलटवार किया। उन्होंने हरीश रावत से लेकर नवजोत सिद्धू और परगट सिंह सभी पर सवाल उठाए।

यह भी पढ़ें – कैप्टन पर भड़के नवजोत सिद्धू: पुराना वीडियो शेयर कर अमरिंदर को बताया कृषि कानूनों का निर्माता 
 

रावत को उन्होंने कहा कि मुझे धर्मनिरपेक्षता का पाठ न पढ़ाएं। मत भूलिए नवजोत सिद्धू भाजपा से कांग्रेस में आए थे और परगट सिंह अकाली दल से पार्टी में शामिल हुए थे। आज आप मुझ पर अपने प्रतिद्वंद्वी अकालियों की मदद करने का आरोप लगा रहे हैं। क्या इसलिए मैं पिछले 10 सालों से उनके खिलाफ कोर्ट केस लड़ रहा हूं। मैं 2017 के बाद से पंजाब में सभी चुनाव क्यों जीता हूं। आपको लगता है कि मैं पंजाब में कांग्रेस के हितों का नुकसान करूंगा, लेकिन सच ये है कि मुझ पर भरोसा न करके और पार्टी की कमान नवजोत सिद्धू जैसे अस्थिर आदमी के हाथ में देकर पार्टी ने अपने हितों को नुकसान पहुंचाया है। 
 

हरीश रावत ने कैप्टन के भाजपा के साथ जाने की अटकलों पर कहा था कि ऐसा लगता है कि उन्होंने अपने भीतर के ‘धर्मनिरपेक्ष अमरिंदर’ को मार डाला है। अगर वह धर्मनिरपेक्षता के प्रति अपनी पुरानी प्रतिबद्धता पर कायम नहीं रह सकते तो उन्हें (अमरिंदर सिंह) कौन रोक सकता है।

नवजोत सिद्धू पर कैप्टन की तल्खी कम नहीं हो रही। उन्होंने सिद्धू को फ्रॉड बताते हुए कहा कि आप मेरी 15 साल पुरानी फसल विविधीकरण पहल को कृषि कानूनों से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके खिलाफ मैं अब भी लड़ रहा हूं और जिसके साथ मैंने अपना राजनीतिक भविष्य जोड़ा है।

उन्होंने कहा कि सिद्धू पंजाब और उसके किसानों के हितों के बारे में अनजान हैं। वे विविधीकरण और कृषि कानूनों के बीच अंतर नहीं जानते हैं। और फिर भी पंजाब का नेतृत्व करने का सपना देखते हैं। अगर ऐसा कभी होता है तो यह भयानक होगा। यह हास्यास्पद है कि सिद्धू ने ऐसे वक्त में इस वीडियो को शेयर किया है जबकि पंजाब सरकार अपने आगामी प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने गुरुवार को पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह एक वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया था कि तीन काले कानूनों के निर्माता, जो अंबानी को पंजाब की किसानी में लाए, जिन्होंने पंजाब के किसानों, छोटे व्यापारियों और श्रमिकों को नष्ट कर दिया। कैप्टन ने इसी ट्वीट का जवाब दिया है।

विस्तार

सीएम पद छोड़ने के बाद भी कैप्टन अमरिंदर और पंजाब कांग्रेस में उनके विरोधियों के बीच बयानबाजी खत्म नहीं हो रही। गुरुवार को पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को तीन कृषि कानूनों का निर्माता बताया जिसके बाद अमरिंदर ने पलटवार किया। उन्होंने हरीश रावत से लेकर नवजोत सिद्धू और परगट सिंह सभी पर सवाल उठाए।

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रावत को उन्होंने कहा कि मुझे धर्मनिरपेक्षता का पाठ न पढ़ाएं। मत भूलिए नवजोत सिद्धू भाजपा से कांग्रेस में आए थे और परगट सिंह अकाली दल से पार्टी में शामिल हुए थे। आज आप मुझ पर अपने प्रतिद्वंद्वी अकालियों की मदद करने का आरोप लगा रहे हैं। क्या इसलिए मैं पिछले 10 सालों से उनके खिलाफ कोर्ट केस लड़ रहा हूं। मैं 2017 के बाद से पंजाब में सभी चुनाव क्यों जीता हूं। आपको लगता है कि मैं पंजाब में कांग्रेस के हितों का नुकसान करूंगा, लेकिन सच ये है कि मुझ पर भरोसा न करके और पार्टी की कमान नवजोत सिद्धू जैसे अस्थिर आदमी के हाथ में देकर पार्टी ने अपने हितों को नुकसान पहुंचाया है। 

 

हरीश रावत ने कैप्टन के भाजपा के साथ जाने की अटकलों पर कहा था कि ऐसा लगता है कि उन्होंने अपने भीतर के ‘धर्मनिरपेक्ष अमरिंदर’ को मार डाला है। अगर वह धर्मनिरपेक्षता के प्रति अपनी पुरानी प्रतिबद्धता पर कायम नहीं रह सकते तो उन्हें (अमरिंदर सिंह) कौन रोक सकता है।

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