Chancellor Angela Merkel Era Ends, Government Will Be Formed For The First Time In Germany With A Coalition Of Three Parties – मर्केल युग का अंत : तीन दलों के गठबंधन से जर्मनी में पहली बार बनेगी सरकार, वामपंथी शुल्ज होंगे देश के अगले चांसलर


एजेंसी, बर्लिन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 26 Nov 2021 12:55 AM IST

सार

तीनों पार्टियों के सदस्य अगले 10 दिनों में समझौते पर अपनी सहमति दे देंगे। जल्द ही एंगेला मर्केल का युग खत्म होने के साथ देश में पहली बार त्रिपक्षीय गठबंधन की सरकार बनेगी।

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जर्मनी में ओलाफ शुल्ज जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल का युग समाप्त करने के लिए तैयार हैं। उनके नेतृत्व में जर्मनी के तीन राजनीतिक दलों का नवगठित गठबंधन देश में अगली सरकार बनाने वाला है।

इस गठबंधन में सोशल डेमोक्रेट्स, ग्रीन्स और फ्री डेमोक्रेट्स शामिल हैं। देश के अगले चांसलर का पद संभालने वाले वामपंथी ओलाफ शुल्ज ने मर्केल नेतृत्व के 16 साल लंबे कार्यकाल को खत्म कर दिया है।

जर्मनी के तीन दलों को गठबंधन ने सरकार को संभालने के एजेंडे के साथ ‘रिस्क मोर प्रोग्रेस’ शीर्षक से अपनी योजनाओं को भी देश के सामने रखा। उन्होंने इसे स्वतंत्रता, न्याय और स्थिरता के लिए गठबंधन के रूप में चिंहित किया।

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ओलाफ शुल्ज ने कहा कि नई सरकार बड़े प्रभावों की राजनीति की संभावना की तलाश करेगी। उन्होंने जोर दिया कि संप्रभु यूरोप का महत्व, फ्रांस से मित्रता और अमेरिका के साथ साझेदारी जैसे मुद्दे सरकार की विदेश नीति के प्रमुख आधार होंगे तथा युद्ध के बाद की लंबी परंपरा जारी रखी जाएगी।

2005 से मर्केल के हाथ रही जर्मनी की कमान
एंगेला मर्केल पांचवें कार्यकाल के लिए पहले से ही होड़ में नहीं थीं। वे 2005 से देश की मुखिया रही हैं। सरकार में शामिल होने वाली तीनों पार्टियों ने उम्मीद जताई कि संसद छह दिसंबर से शुरू होने वाले सप्ताह में ओलाफ शुल्ज को चांसलर के रूप में चुन लेगी। 

रूढ़िवादी नीतियों से दूर
तीन दलों के गठबंधन में जिन मुद्दों पर सहमति बनी हैं वे बताते हैं कि देश में 16 सालों से शासन करने वाली चांसलर एंगेला मैर्केल के रूढ़िवादी प्रभाव को खत्म कर दिया जाएगा।  समझौते में में लाइसेंस प्राप्त दुकानों से भांग की बिक्री की कानूनी मान्यता, 16 से कम उम्र वालों को मतदान की मान्यता और विज्ञापन देने पर पाबंदी लगाने वाले नाजी काल के अनुच्छेद 219-ए को रद्द करना शामिल हैं। 

देश में 3 वर्ष बिताने पर मिलेगी नागरिकता
इसके अलावा एक नया नागरिकता कानून भी लाया जाएगा जिससे जर्मनी में आने वाले लाखों आप्रवासियों के लिए दो बेहद जरूरी चीजें और आसान हो जाएंगी। अप्रवासियों को देश में सिर्फ तीन साल बिताने के बाद भी नागरिकता मिल सकेगी और जर्मन नागरिक बनने के बाद उन्हें अपनी पूर्व नागरिकता भी रखे रहने की अनुमति मिलेगी।

विस्तार

जर्मनी में ओलाफ शुल्ज जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल का युग समाप्त करने के लिए तैयार हैं। उनके नेतृत्व में जर्मनी के तीन राजनीतिक दलों का नवगठित गठबंधन देश में अगली सरकार बनाने वाला है।

इस गठबंधन में सोशल डेमोक्रेट्स, ग्रीन्स और फ्री डेमोक्रेट्स शामिल हैं। देश के अगले चांसलर का पद संभालने वाले वामपंथी ओलाफ शुल्ज ने मर्केल नेतृत्व के 16 साल लंबे कार्यकाल को खत्म कर दिया है।

जर्मनी के तीन दलों को गठबंधन ने सरकार को संभालने के एजेंडे के साथ ‘रिस्क मोर प्रोग्रेस’ शीर्षक से अपनी योजनाओं को भी देश के सामने रखा। उन्होंने इसे स्वतंत्रता, न्याय और स्थिरता के लिए गठबंधन के रूप में चिंहित किया।

सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ओलाफ शुल्ज ने कहा कि नई सरकार बड़े प्रभावों की राजनीति की संभावना की तलाश करेगी। उन्होंने जोर दिया कि संप्रभु यूरोप का महत्व, फ्रांस से मित्रता और अमेरिका के साथ साझेदारी जैसे मुद्दे सरकार की विदेश नीति के प्रमुख आधार होंगे तथा युद्ध के बाद की लंबी परंपरा जारी रखी जाएगी।

2005 से मर्केल के हाथ रही जर्मनी की कमान

एंगेला मर्केल पांचवें कार्यकाल के लिए पहले से ही होड़ में नहीं थीं। वे 2005 से देश की मुखिया रही हैं। सरकार में शामिल होने वाली तीनों पार्टियों ने उम्मीद जताई कि संसद छह दिसंबर से शुरू होने वाले सप्ताह में ओलाफ शुल्ज को चांसलर के रूप में चुन लेगी। 

रूढ़िवादी नीतियों से दूर

तीन दलों के गठबंधन में जिन मुद्दों पर सहमति बनी हैं वे बताते हैं कि देश में 16 सालों से शासन करने वाली चांसलर एंगेला मैर्केल के रूढ़िवादी प्रभाव को खत्म कर दिया जाएगा।  समझौते में में लाइसेंस प्राप्त दुकानों से भांग की बिक्री की कानूनी मान्यता, 16 से कम उम्र वालों को मतदान की मान्यता और विज्ञापन देने पर पाबंदी लगाने वाले नाजी काल के अनुच्छेद 219-ए को रद्द करना शामिल हैं। 

देश में 3 वर्ष बिताने पर मिलेगी नागरिकता

इसके अलावा एक नया नागरिकता कानून भी लाया जाएगा जिससे जर्मनी में आने वाले लाखों आप्रवासियों के लिए दो बेहद जरूरी चीजें और आसान हो जाएंगी। अप्रवासियों को देश में सिर्फ तीन साल बिताने के बाद भी नागरिकता मिल सकेगी और जर्मन नागरिक बनने के बाद उन्हें अपनी पूर्व नागरिकता भी रखे रहने की अनुमति मिलेगी।

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