Chardham Yatra 2021: Hearing Nainital High Court Today Regarding Starting Chardham Yatra – उत्तराखंड: नैनीताल हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा पर लगी रोक हटाई, कोविड नियमों का पालन करने के दिए आदेश


सार

हाईकोर्ट ने 26 जून को कोविड की वजह से चारधाम यात्रा पर रोक लगा दी थी। इस आदेश के खिलाफ सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर की थी, लेकिन पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी वापस ले ली।

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उत्तराखंड हाईकोर्ट में चारधाम यात्रा पर लगी रोक हटा दी है। गुरुवार को इस मामले में हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यात्रा पर लगाई रोक के 28 जून के निर्णय को वापस ले लिया है। कोर्ट ने कोविड के नियमों का पालन करते हुए चारधाम यात्रा शुरू करने के आदेश दे दिए हैं।

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यात्रा के लिए नई एसओपी जारी करेगी सरकार
गुरुवार को सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने कहा कि कोरोना संक्रमण अब नियंत्रण में है। ऐसे में यात्रा से रोक हटाई जाए। यात्रा के लिए सरकार नई एसओपी जारी करेगी। 

कोर्ट ने कहा कि केदारनाथ धाम में 800 यात्री, बदरीनाथ धाम में 1200 यात्री, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 यात्रियों को प्रतिदिन जाने की अनुमति होगी। यात्री किसी भी कुंड में स्नान नहीं कर सकेंगे।

निगेटिव रिपोर्ट और वैक्सीन सर्टिफिकेट लाना अनिवार्य
हर यात्री को कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट और वैक्सीन सर्टिफिकेट लाना अनिवार्य होगा। कोर्ट ने चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान आवश्यकतानुसार पुलिस फोर्स तैनात करने के निर्देश भी दिए हैं।

मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष इस प्रकरण पर गुरुवार को सुनवाई हुई। बता दें कि 10 सितंबर को सरकार ने कोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया था। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 16 सितंबर की तिथि नियत की थी।

हाईकोर्ट ने 26 जून को कोविड की वजह से चारधाम यात्रा पर रोक लगा दी थी। इस आदेश के खिलाफ सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर की थी, लेकिन पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी वापस ले ली।

सरकार ने 10 सितंबर को हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी वापस लेने, राज्य में कोविड के कम मामले आने समेत कोविड नियमों के अनुपालन का पक्ष रखते हुए चारधाम यात्रा पर लगी रोक को हटाने की मांग की थी। इस मामले में कई याचिकाकर्ताओं ने बाहरी राज्यों से आ रहे लोगों की राज्य की सीमा पर ही कोविड जांच के लिए जनहित याचिका दायर की थी। कोर्ट ने इसी जनहित याचिका पर कुंभ मेले और चारधाम यात्रा को संबद्ध किया था।

चारधाम यात्रा खुलवाने के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाएगी कांग्रेस
चारधाम यात्रा के मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी भी गुरुवार को नैनीताल हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखकर यात्रा खुलवाने की गुहार लगाएगी। इसके लिए वरिष्ठ अधिवक्ता व पूर्व एडवोकेट जनरल विजय बहादुर सिंह नेगी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रदेश कांग्रेस महामंत्री संगठन मथुरादत्त जोशी ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने नेगी से आग्रह किया गया है कि वह हाईकोर्ट में कांग्रेस पार्टी का पक्ष रखें। गोदियाल ने कहा कि प्रदेश में बंद पड़ी चारधाम यात्रा को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा प्रदेश की आर्थिकी का मुख्य जरिया है। सरकार कुंभ मेले के आयोजन की इजाजत तो दे सकती है, लेकिन जिस चारधाम यात्रा के कारण कई घरों के चूल्हे जलते हैं, उसे शुरू नहीं कर पा रही है।

विस्तार

उत्तराखंड हाईकोर्ट में चारधाम यात्रा पर लगी रोक हटा दी है। गुरुवार को इस मामले में हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यात्रा पर लगाई रोक के 28 जून के निर्णय को वापस ले लिया है। कोर्ट ने कोविड के नियमों का पालन करते हुए चारधाम यात्रा शुरू करने के आदेश दे दिए हैं।

चारधाम यात्रा: एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस ने किया बदरीनाथ कूच, पुलिस व कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की, गिरफ्तारी दी

यात्रा के लिए नई एसओपी जारी करेगी सरकार

गुरुवार को सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने कहा कि कोरोना संक्रमण अब नियंत्रण में है। ऐसे में यात्रा से रोक हटाई जाए। यात्रा के लिए सरकार नई एसओपी जारी करेगी। 

कोर्ट ने कहा कि केदारनाथ धाम में 800 यात्री, बदरीनाथ धाम में 1200 यात्री, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 यात्रियों को प्रतिदिन जाने की अनुमति होगी। यात्री किसी भी कुंड में स्नान नहीं कर सकेंगे।

निगेटिव रिपोर्ट और वैक्सीन सर्टिफिकेट लाना अनिवार्य

हर यात्री को कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट और वैक्सीन सर्टिफिकेट लाना अनिवार्य होगा। कोर्ट ने चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान आवश्यकतानुसार पुलिस फोर्स तैनात करने के निर्देश भी दिए हैं।

मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष इस प्रकरण पर गुरुवार को सुनवाई हुई। बता दें कि 10 सितंबर को सरकार ने कोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया था। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 16 सितंबर की तिथि नियत की थी।


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कोविड की वजह से चारधाम यात्रा पर रोक लगा दी थी

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