Chardham Yatra 2021: Kedarnath And Yamunotri Dham Doors Will Be Closed For Winter Season Today – चारधाम यात्रा 2021: आज शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट


संवाद न्यूज ऐजेंसी, रुद्रप्रयाग/उत्तरकाशी
Published by: अलका त्यागी
Updated Sat, 06 Nov 2021 12:30 AM IST

सार

Chardham Yatra 2021: सुबह 4 बजे से केदारनाथ मंदिर में बाबा की विशेष पूजा-अर्चना शुरू होगी। मुख्य पुजारी बागेश लिंग द्वारा बाबा केदार की विधि-विधान से अभिषेक कर आरती उतारी जाएगी।

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केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट आज शनिवार को भैयादूज के पावन पर्व पर परंपरानुसार शुभ लग्न में शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट सुबह 8.30 बजे बंद कर दिए जाएंगे। बाबा की डोली धाम से अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करते हुए रात्रि प्रवास के लिए रामपुर पहुंचेगी। जबकि 7 नवंबर को बाबा की डोली शीतकालीन गद्दीस्थल में विराजमान होगी। जहां छह माह तक श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन व पूजा-अर्चना कर सकेंगे। 

चारधाम यात्रा 2021: आज शीतकाल के लिए बंद हुए गंगोत्री धाम के कपाट, बड़ी संख्या में मौजूद रहे भक्त

शनिवार सुबह 4 बजे से केदारनाथ मंदिर में बाबा की विशेष पूजा-अर्चना शुरू होगी। मुख्य पुजारी बागेश लिंग द्वारा बाबा केदार की विधि-विधान से अभिषेक कर आरती उतारी जाएगी। साथ ही स्वयंभू ज्योतिर्लिंग को समाधि रूप देते हुए लिंग को भस्म से ढक दिया जाएगा। इसके बाद बाबा केदार की पंचमुखी भोग मूर्ति का शृंगार कर चल विग्रह उत्सव डोली में विराजमान किया जाएगा। इसके बाद परंपरानुसार बाबा केदार की मूर्ति को मंदिर परिसर में भक्तों के दर्शनार्थ रखा जाएगा।

सुबह 8.30 बजे ऊखीमठ के एसडीएम जितेंद्र वर्मा व देवस्थानम बोर्ड के अपर कार्याधिकारी की मौजूदगी में केदारनाथ धाम के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। साथ ही मंदिर के कपाट की चाबी एसडीएम को सौंप दी जाएगी। इसके बाद बाबा केदार की डोली मंदिर की तीन परिक्रमा करते हुए श्रद्धालुओं के जयकारों के बीच अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करेगी। डोली रुद्रा प्वाइंट, लिनचोली, रामबाड़ा, भीमबली, जंगलचट्टी, गौरीकुंड, सोनप्रयाग में भक्तों को आशीर्वाद देते हुए रात्रि प्रवास के लिए पहले पड़ाव रामपुर पहुंचेगी। 6 नवंबर को डोली रामपुर से प्रस्थान करते हुए रात्रि प्रवास के लिए विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी। 7 नवंबर को बाबा केदार की पंचमुखी भोग मूर्ति को विधि-विधान के साथ शीतकालीन पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान कर दिया जाएगा। 

यमुनोत्री धाम के कपाट भैयादूज पर शनिवार को 12:45 बजे बंद होंगे। सुबह शीतकालीन पड़ाव खरसाली से समेश्वर देवता (शनि देव) की डोली अपनी बहन यमुना को लेने धाम पहुंचेगी। पुरोहित प्यारेलाल उनियाल ने बताया कि खरसाली स्थित मां यमुना के मंदिर को सजाने के लिए फूल मंगाए गए हैं। मंदिर को भव्य तरीके से सजाया जाएगा। 

यमुनोत्री में 50 दिन तक चली यात्रा से यमुनोत्री मंदिर समिति को 5 लाख रुपये की आय हुई है। कोविड के कारण प्रभावित चारधाम यात्रा इस बार 18 सितंबर से शुरू हुई थी। शुक्रवार तक करीब 34 हजार श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर्शन किए। कपाट बंद होने से एक दिन पहले यमुनोत्री मंदिर समिति ने प्रशासन की मौजूदगी में यमुनोत्री धाम में लगा दानपात्र खोला। समिति के कोषाध्यक्ष प्यारे लाल उनियाल ने बताया कि दानपात्र से मंदिर समिति को पांच लाख 13 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई है। 

विस्तार

केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट आज शनिवार को भैयादूज के पावन पर्व पर परंपरानुसार शुभ लग्न में शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट सुबह 8.30 बजे बंद कर दिए जाएंगे। बाबा की डोली धाम से अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करते हुए रात्रि प्रवास के लिए रामपुर पहुंचेगी। जबकि 7 नवंबर को बाबा की डोली शीतकालीन गद्दीस्थल में विराजमान होगी। जहां छह माह तक श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन व पूजा-अर्चना कर सकेंगे। 

चारधाम यात्रा 2021: आज शीतकाल के लिए बंद हुए गंगोत्री धाम के कपाट, बड़ी संख्या में मौजूद रहे भक्त

शनिवार सुबह 4 बजे से केदारनाथ मंदिर में बाबा की विशेष पूजा-अर्चना शुरू होगी। मुख्य पुजारी बागेश लिंग द्वारा बाबा केदार की विधि-विधान से अभिषेक कर आरती उतारी जाएगी। साथ ही स्वयंभू ज्योतिर्लिंग को समाधि रूप देते हुए लिंग को भस्म से ढक दिया जाएगा। इसके बाद बाबा केदार की पंचमुखी भोग मूर्ति का शृंगार कर चल विग्रह उत्सव डोली में विराजमान किया जाएगा। इसके बाद परंपरानुसार बाबा केदार की मूर्ति को मंदिर परिसर में भक्तों के दर्शनार्थ रखा जाएगा।

सुबह 8.30 बजे ऊखीमठ के एसडीएम जितेंद्र वर्मा व देवस्थानम बोर्ड के अपर कार्याधिकारी की मौजूदगी में केदारनाथ धाम के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। साथ ही मंदिर के कपाट की चाबी एसडीएम को सौंप दी जाएगी। इसके बाद बाबा केदार की डोली मंदिर की तीन परिक्रमा करते हुए श्रद्धालुओं के जयकारों के बीच अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करेगी। डोली रुद्रा प्वाइंट, लिनचोली, रामबाड़ा, भीमबली, जंगलचट्टी, गौरीकुंड, सोनप्रयाग में भक्तों को आशीर्वाद देते हुए रात्रि प्रवास के लिए पहले पड़ाव रामपुर पहुंचेगी। 6 नवंबर को डोली रामपुर से प्रस्थान करते हुए रात्रि प्रवास के लिए विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी। 7 नवंबर को बाबा केदार की पंचमुखी भोग मूर्ति को विधि-विधान के साथ शीतकालीन पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान कर दिया जाएगा। 

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