Cji Nv Ramana Says It Is Important To Protect And Promote Independence And Integrity Of Judiciary At All Levels – मुख्य न्यायाधीश रमण बोले: न्यायपालिका की अखंडता और स्वतंत्रता को हर स्तर बचाना और प्रोत्साहित करना जरूरी


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 14 Nov 2021 06:23 PM IST

सार

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) की ओर से आयोजित कानूनी जागरूकता एवं संपर्क अभियान का समापन समारोह रविवार को आयोजित हुआ। यहां देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एनवी रमण ने देश की न्यायपालिका का संरक्षण करने और उसे प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।

मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण
– फोटो : पीटीआई

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देश के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण ने रविवार को कहा कि ट्रायल अदालतों और जिला न्यायपालिकाओं के कार्यों के जरिए लाखों लोग भारतीय न्याय व्यवस्था के बारे में जान सकते हैं। इसलिए सभी स्तरों पर न्यायपालिका की स्वतंत्रता और अखंडता को बचाने, संरक्षित करने और प्रोत्साहित करने से अधिक आवश्यक कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि एक कल्याणकारी राज्य को आकार देने में भारतीय न्यायपालिका सबसे आगे रही है। देश की संवैधानिक अदालतों के फैसलों ने सामाजिक लोकतंत्र को फलने-फूलने में सक्षम बनाया है। 

मुख्य न्यायाधीश ने यह बात राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (नालसा) की ओर से आयोजित कानूनी जागरूकता एवं आउटरीच अभियान के समापन समारोह में कही। उन्होंने कहा कि हमारे कल्याणकारी राज्य का हिस्सा होने के बावजूद, लाभार्थियों को इच्छित स्तर पर लाभ नहीं मिल पा रहा है। सम्मानजनक जीवन जीने की लोगों की आकांक्षाओं को अक्सर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। गरीबी इनमें से एक मुख्य चुनौती है। जमीनी स्तर पर मजबूत न्याय व्यवस्था के बिना हम एक स्वस्थ न्यायपालिका की कल्पना नहीं कर सकते हैं।

उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों को पहली बार सीधे तौर पर संबोधित करते हुए सीजेआई रमण ने कहा कि संविधान ने हमें जो जिम्मेदारियां सौंपी हैं हम सब मिलकर उन्हे पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निभा रहे हैं। जनता ने अपनी समस्याओं के अंतिम उपाय के रूप में न्यायपालिका पर जो अपार विश्वास दिखाया है वह इस बात का बहुत बड़ा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय और सभी उच्च न्यायालय संवैधानिक योजना को लेकर अत्यधिक जागरूक हैं, जिसका हम सभी अक्षरशः सम्मान करते हैं।

विस्तार

देश के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण ने रविवार को कहा कि ट्रायल अदालतों और जिला न्यायपालिकाओं के कार्यों के जरिए लाखों लोग भारतीय न्याय व्यवस्था के बारे में जान सकते हैं। इसलिए सभी स्तरों पर न्यायपालिका की स्वतंत्रता और अखंडता को बचाने, संरक्षित करने और प्रोत्साहित करने से अधिक आवश्यक कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि एक कल्याणकारी राज्य को आकार देने में भारतीय न्यायपालिका सबसे आगे रही है। देश की संवैधानिक अदालतों के फैसलों ने सामाजिक लोकतंत्र को फलने-फूलने में सक्षम बनाया है। 

मुख्य न्यायाधीश ने यह बात राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (नालसा) की ओर से आयोजित कानूनी जागरूकता एवं आउटरीच अभियान के समापन समारोह में कही। उन्होंने कहा कि हमारे कल्याणकारी राज्य का हिस्सा होने के बावजूद, लाभार्थियों को इच्छित स्तर पर लाभ नहीं मिल पा रहा है। सम्मानजनक जीवन जीने की लोगों की आकांक्षाओं को अक्सर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। गरीबी इनमें से एक मुख्य चुनौती है। जमीनी स्तर पर मजबूत न्याय व्यवस्था के बिना हम एक स्वस्थ न्यायपालिका की कल्पना नहीं कर सकते हैं।

उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों को पहली बार सीधे तौर पर संबोधित करते हुए सीजेआई रमण ने कहा कि संविधान ने हमें जो जिम्मेदारियां सौंपी हैं हम सब मिलकर उन्हे पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निभा रहे हैं। जनता ने अपनी समस्याओं के अंतिम उपाय के रूप में न्यायपालिका पर जो अपार विश्वास दिखाया है वह इस बात का बहुत बड़ा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय और सभी उच्च न्यायालय संवैधानिक योजना को लेकर अत्यधिक जागरूक हैं, जिसका हम सभी अक्षरशः सम्मान करते हैं।

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