Covid-19 Britain Approves Merck’s Molnupiravir Tablet For Corona Treatment, The First Country To Do So – Covid-19: ब्रिटेन ने कोरोना के इलाज के लिए मर्क की मोल्नुपिराविर टैबलेट को मान्यता दी, ऐसा करने वाला पहला देश


वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला लंदन
Published by: सुभाष कुमार
Updated Thu, 04 Nov 2021 06:50 PM IST

सार

ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जावीद ने कहा कि यह हमारे लिए एतिहासिक दिन है। ब्रिटेन दुनिया का पहला देश है, जिसने इस दवा को मंजूरी दी है। मरीज यह दवा अपने घर बैठे ही ले सकते हैं। कोरोना महामारी के खिलाफ यह दवा एक गेमचेंजर साबित होगी।  

कोरोना वायरस
– फोटो : सोशल मीडिया

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ब्रिटेन ने कोरोना संक्रमण के उपचार में उपयोगी मानी जा रही मर्क की एंटी-वायरल गोली (टैबलेट) को मंजूरी दे दी है। इस दवा का नाम मोल्नुपिराविर है। इसी के साथ ब्रिटेन पहला ऐसा देश है जिसने इस दवा को कोरोना के उपचार में प्रयोग करने की अनुमति दी है। ब्रिटेन की सरकार ने फिलहाल 18 और इससे ज्यादा उम्र के लोगों पर इस दवा के इस्तेमाल की अनुमति दी है। 

ब्रिटेन की मेडिसिन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट रेगुलेटरी अथॉरिटी (एमएचआरए) के अनुसार, यह दवा कोरोना के लक्षण को कम करने में कारगर साबित हुई है और इसके कोई नकारात्मक परिणाम भी नहीं देखने को मिले हैं। कोरोना संक्रमण के शुरुआती दिनों में यह दवा कारगर साबित हुई है। इस दवा के आने से ब्रिटेन में अस्पतालों से बोझ को कम किया जा सकेगा। हालांकि, अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि यह दवा कब तक आम लोगों तक पहुंंच पाएगी। 

इस मौके पर ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जावीद ने कहा कि यह हमारे लिए एतिहासिक दिन है। ब्रिटेन दुनिया का पहला देश है जिसने इस दवा को मंजूरी दी है। मरीज यह दवा अपने घर बैठे ही ले सकते हैं। कोरोना महामारी के खिलाफ यह दवा एक गेमचेंजर साबित होगी।  

अन्य देश भी कर रहे हैं समीक्षा
ब्रिटेन ने अक्तूबर महीने में घोषणा की थी कि वह मोल्नुपिराविर के 4,80,000 डोज खरीद रहा है। कोरोना महामारी की लहरों ने ब्रिटेन में बड़ी तबाही मचाई थी। इस दवाई की अब अमेरिका और यूरोपीय देश भी समीक्षा कर रहे हैं। अमेरिका ने भी इस दवा की 1.7 मिलियन डोज खरीदने की योजना बनाई है। 

विस्तार

ब्रिटेन ने कोरोना संक्रमण के उपचार में उपयोगी मानी जा रही मर्क की एंटी-वायरल गोली (टैबलेट) को मंजूरी दे दी है। इस दवा का नाम मोल्नुपिराविर है। इसी के साथ ब्रिटेन पहला ऐसा देश है जिसने इस दवा को कोरोना के उपचार में प्रयोग करने की अनुमति दी है। ब्रिटेन की सरकार ने फिलहाल 18 और इससे ज्यादा उम्र के लोगों पर इस दवा के इस्तेमाल की अनुमति दी है। 

ब्रिटेन की मेडिसिन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट रेगुलेटरी अथॉरिटी (एमएचआरए) के अनुसार, यह दवा कोरोना के लक्षण को कम करने में कारगर साबित हुई है और इसके कोई नकारात्मक परिणाम भी नहीं देखने को मिले हैं। कोरोना संक्रमण के शुरुआती दिनों में यह दवा कारगर साबित हुई है। इस दवा के आने से ब्रिटेन में अस्पतालों से बोझ को कम किया जा सकेगा। हालांकि, अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि यह दवा कब तक आम लोगों तक पहुंंच पाएगी। 

इस मौके पर ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जावीद ने कहा कि यह हमारे लिए एतिहासिक दिन है। ब्रिटेन दुनिया का पहला देश है जिसने इस दवा को मंजूरी दी है। मरीज यह दवा अपने घर बैठे ही ले सकते हैं। कोरोना महामारी के खिलाफ यह दवा एक गेमचेंजर साबित होगी।  

अन्य देश भी कर रहे हैं समीक्षा

ब्रिटेन ने अक्तूबर महीने में घोषणा की थी कि वह मोल्नुपिराविर के 4,80,000 डोज खरीद रहा है। कोरोना महामारी की लहरों ने ब्रिटेन में बड़ी तबाही मचाई थी। इस दवाई की अब अमेरिका और यूरोपीय देश भी समीक्षा कर रहे हैं। अमेरिका ने भी इस दवा की 1.7 मिलियन डोज खरीदने की योजना बनाई है। 

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