Elections For Congress President To Be Held In September 2022 Cwc Meeting With Chair Sonia Gandhi And Rahul Gandhi News And Updates – सीडब्ल्यूसी की बैठक: सोनिया अभी बनी रहेंगी कांग्रेस की अध्यक्ष, सितंबर 2022 में हो सकता है नए प्रेसिडेंट का चुनाव


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 16 Oct 2021 12:35 PM IST

सार

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद एक बड़ी खबर सामने आ रही है। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि कांग्रेस के नए अध्यक्ष का चुनाव सितंबर 2022 में हो सकता है।

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कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद एक बड़ी खबर सामने आ रही है। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि कांग्रेस के नए अध्यक्ष का चुनाव सितंबर 2022 में हो सकता है। हालांकि अभी इसका आधिकारिक एलान होना बाकी है। बता दें कि शनिवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय पर कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक हुई। इस बैठक में सोनिया गांधी काफी नाराज दिखीं और कांग्रेस पार्टी में स्थायी अध्यक्ष की मांग कर रहे जी-23 नेताओं को फटकार लगा दीं। सोनिया ने इस दौरान कहा कि फिलहाल मैं ही पार्टी की स्थायी अध्यक्ष हूं। इशारों में उन्होंने कहा कि किसी को भी मीडिया के माध्यम से मुझ तक बात पहुंचाने की जरूरत नहीं है। बेहतर होगा कि खुद मुझसे बात करें। उन्होंने बैठक में संदेश दिया कि आपसी मनमुटाव को दूर करेंगे तभी आगामी विधानसभा चुनाव में हम बेहतर परिणाम दे सकेंगे।

सोनिया गांधी पर पूरा भरोसा: गुलाम नबी आजाद
सोनिया गांधी की फटकार के बाद जी-23 नेताओं के सुर भी बदलने लगे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद का कहना है कि उन्हें सोनिया गांधी पर पूरा भरोसा है। उनके नेतृत्व पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। जबकि, इससे पहले गुलाब नबी आजाद और कपिल सिब्बल उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाने और स्थायी अध्यक्ष चुनने की मांग की थी। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने तो यहां तक कह दिया था कि पार्टी का कोई अध्यक्ष नहीं हैं। फैसले कौन ले रहा है, मालूम नहीं है। 

सोनिया गांधी ने भाजपा पर किया हमला
बैठक में सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना भाजपा की मानसिकता को दिखाती है कि वो किस तरह किसान आंदोलन को देखती है। तीनों काले कानून को निरस्त करने के लिए किसान सड़क पर संघर्ष कर रहा है, लेकिन सरकार को उसकी चिंता नहीं है। इसकी कड़ी से कड़ी निंदा की जानी चाहिए। सोनिया ने कहा कि जम्मू-कश्मीर दो साल से केंद्र शासित प्रदेश रहा है, लेकिन यहां हो रहे आतंकवादी हमले के लिए पूरी तरह से केंद्र सरकार जिम्मेदार है। वहीं, विदेश नीति चुनावी लामबंदी और ध्रुवीकरण का हथियार बन गई है।

मनमोहन सिंह व दिग्विजय सिंह समेत पांच नेता अनुपस्थित 
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बीमारी के चलते हिस्सा नहीं ले रहे हैं। बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उनके स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना भी की। इसके अलावा वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह समेत पांच नेता बैठक में अनुपस्थित हैं। 

विस्तार

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद एक बड़ी खबर सामने आ रही है। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि कांग्रेस के नए अध्यक्ष का चुनाव सितंबर 2022 में हो सकता है। हालांकि अभी इसका आधिकारिक एलान होना बाकी है। बता दें कि शनिवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय पर कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक हुई। इस बैठक में सोनिया गांधी काफी नाराज दिखीं और कांग्रेस पार्टी में स्थायी अध्यक्ष की मांग कर रहे जी-23 नेताओं को फटकार लगा दीं। सोनिया ने इस दौरान कहा कि फिलहाल मैं ही पार्टी की स्थायी अध्यक्ष हूं। इशारों में उन्होंने कहा कि किसी को भी मीडिया के माध्यम से मुझ तक बात पहुंचाने की जरूरत नहीं है। बेहतर होगा कि खुद मुझसे बात करें। उन्होंने बैठक में संदेश दिया कि आपसी मनमुटाव को दूर करेंगे तभी आगामी विधानसभा चुनाव में हम बेहतर परिणाम दे सकेंगे।

सोनिया गांधी पर पूरा भरोसा: गुलाम नबी आजाद

सोनिया गांधी की फटकार के बाद जी-23 नेताओं के सुर भी बदलने लगे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद का कहना है कि उन्हें सोनिया गांधी पर पूरा भरोसा है। उनके नेतृत्व पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। जबकि, इससे पहले गुलाब नबी आजाद और कपिल सिब्बल उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाने और स्थायी अध्यक्ष चुनने की मांग की थी। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने तो यहां तक कह दिया था कि पार्टी का कोई अध्यक्ष नहीं हैं। फैसले कौन ले रहा है, मालूम नहीं है। 

सोनिया गांधी ने भाजपा पर किया हमला

बैठक में सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना भाजपा की मानसिकता को दिखाती है कि वो किस तरह किसान आंदोलन को देखती है। तीनों काले कानून को निरस्त करने के लिए किसान सड़क पर संघर्ष कर रहा है, लेकिन सरकार को उसकी चिंता नहीं है। इसकी कड़ी से कड़ी निंदा की जानी चाहिए। सोनिया ने कहा कि जम्मू-कश्मीर दो साल से केंद्र शासित प्रदेश रहा है, लेकिन यहां हो रहे आतंकवादी हमले के लिए पूरी तरह से केंद्र सरकार जिम्मेदार है। वहीं, विदेश नीति चुनावी लामबंदी और ध्रुवीकरण का हथियार बन गई है।

मनमोहन सिंह व दिग्विजय सिंह समेत पांच नेता अनुपस्थित 

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बीमारी के चलते हिस्सा नहीं ले रहे हैं। बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उनके स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना भी की। इसके अलावा वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह समेत पांच नेता बैठक में अनुपस्थित हैं। 

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