Gst Council 45th Meeting On 17 September 2021 Decision On Petrol Diesel Under Gst Coronavirus Medicine – Gst: अहम फैसला कल, जीएसटी के दायरे में आ सकते हैं पेट्रोल-डीजल, कोरोना उपचार से जुड़ी दवाइयों पर भी राहत संभव


बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ‌डिंपल अलावाधी
Updated Thu, 16 Sep 2021 02:45 PM IST

सार

कोविड-19 की दूसरी लहर से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। जनता पर महंगाई का बोझ भी बढ़ा है। ऐसे में वित्त मंत्री की अगुवाई में होने वाली यह बैठक बेहद अहम है।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में कल यानी 17 सितंबर 2021 को जीएसटी परिषद की बैठक होगी। कोरोना वायरस महामारी की आशंकाओं के बीच जीएसटी परिषद की यह 45वीं बैठक बेहद अहम है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बैठक में कोविड-19 से संबंधित आवश्यक सामान पर रियायती दरों की समीक्षा की जा सकती है। इसके साथ ही एक या एक से अधिक पेट्रोलियम पदार्थों- पेट्रोल, डीजल, प्राकृतिक गैस और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (विमान ईंधन) को जीएसटी के दायरे में लाने पर पैसला हो सकता है। बैठक में राज्यों के राजस्व नुकसान पर मुआवजे पर भी चर्चा हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में जीएसटी परिषद से जुड़ी सभी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कॉमन इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल भी लॉन्च हो सकता है। 

जीएसटी के दायरे में आ सकते हैं पेट्रोल-डीजल
एक या एक से अधिक पेट्रोलियम पदार्थों- पेट्रोल, डीजल, प्राकृतिक गैस और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (विमान ईंधन) को जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है। केरल हाईकोर्ट की ओर से पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाए जाने के निर्देश के बाद जीएसटी काउंसिल के समक्ष यह मामला 17 सितंबर को लाया जाएगा। जीएसटी काउंसिल ने अभी तक उस तारीख की घोषणा नहीं की है जब से पेट्रोलियम पदार्थों पर जीएसटी लागू होगा। नाम न लेने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि राजस्व को देखते हुए जीएसएटी काउंसिल के उच्च अधिकारी पेट्रोलियम पदार्थों पर एक समान जीएसटी लगाने को तैयार नहीं हैं। दरअसल, वित्तीय वर्ष 2019-20 में पेट्रोलियम पदार्थों से राज्य व केंद्र सरकार को 5.55 लाख करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था। इसमें पेट्रोल व डीजल से ही सबसे ज्यादा राजस्व सरकारों को मिला। एक समान जीएसटी से पेट्रोल व डीजल के दामों में भारी कमी आएगी। पेट्रोल पर केंद्र सरकार 32 फीसदी तो राज्य सरकार 23.07 फीसदी टैक्स ले रही है। वहीं डीजल पर केंद्र 35 तो राज्य सरकारें 14 फीसदी से ज्यादा का टैक्स वसूल कर रही हैं। 

कोरोना उपचार से जुड़ी दवाइयों पर भी मिल सकती है राहत
इतना ही नहीं, बैठक में कोरोना उपचार से जुड़े उपकरणों व दवाइयों पर भी टैक्स से रियायत भी दी जा सकती है। इससे जीएसटी परिषद की 44वीं बैठक 12 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई थी। इसमें 30 सितंबर 2021 तक कोरोना वायरस में काम आने वाले उपकरणों और दवाओं पर जीएसटी की दरें घटाई गई थीं। तब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई बैठक में टीके पर पांच फीसदी की कर दर को कायम रखने पर सहमति बनी थी। एम्बुलेंस पर जीएसटी की दर को 28 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी किया गया था। टेम्परेचर चेकिंग इक्विपमेंट्स के लिए जीएसटी की दर पांच फीसदी की गई। दवाओं की बात करें, तो Anti-coagulants like Heparin और रेमडेसिविर की दर 12 फीसदी से पांच फीसदी हो गई है। इतना ही नहीं, 44वीं बैठक में ब्लैक फंगस के इलाज में काम आने वाली Amphotericin B दवा पर जीएसटी की दर शून्य की गई थी। Tocilizumab पर भी सरकार ने कर की दर शून्य की थी। जबकि पहले इन पर पांच फीसदी टैक्स लगता था।

लॉन्च हो सकता है कॉमन इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल 
लखनऊ में होने वाली अगली बैठक में जीएसटी से जुड़ी सभी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कॉमन इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल लॉन्च हो सकता है। इसके बाद जीएसटी पंजीकरण, कर भुगतान, रिटर्न भरने, गणना और आईजीएसटी सेटलमेंट का काम एक ही पोर्टल के जरिये किया जा सकेगा। इसके अलावा मौजूदा जीएसटी ग्राहकों को आधार सत्यापन की सुविधा भी दी जा सकती है। 

राज्यों के राजस्व नुकसान पर मुआवजे पर हो सकती है चर्चा 
इस बैठक में राज्यों के राजस्व नुकसान पर मुआवजे पर भी चर्चा हो सकती है। मालूम हो कि सरकार का माल एवं सेवा (जीएसटी) संग्रह अगस्त 2021 में 1,12,020 करोड़ रुपये रहा है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि अगस्त में 1,12,020 करोड़ रुपये के कुल जीएसटी संग्रह में सकल जीएसटी संग्रह में केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) की हिस्सेदारी 20,522 करोड़ रुपये रही, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) की हिस्सेदारी 26,605 करोड़ रुपये रही, एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) की हिस्सेदारी 56,247 करोड़ रुपये और सेस (Cess) की हिस्सेदारी 8,646 करोड़ रुपये रही।

विस्तार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में कल यानी 17 सितंबर 2021 को जीएसटी परिषद की बैठक होगी। कोरोना वायरस महामारी की आशंकाओं के बीच जीएसटी परिषद की यह 45वीं बैठक बेहद अहम है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बैठक में कोविड-19 से संबंधित आवश्यक सामान पर रियायती दरों की समीक्षा की जा सकती है। इसके साथ ही एक या एक से अधिक पेट्रोलियम पदार्थों- पेट्रोल, डीजल, प्राकृतिक गैस और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (विमान ईंधन) को जीएसटी के दायरे में लाने पर पैसला हो सकता है। बैठक में राज्यों के राजस्व नुकसान पर मुआवजे पर भी चर्चा हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में जीएसटी परिषद से जुड़ी सभी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कॉमन इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल भी लॉन्च हो सकता है। 

जीएसटी के दायरे में आ सकते हैं पेट्रोल-डीजल

एक या एक से अधिक पेट्रोलियम पदार्थों- पेट्रोल, डीजल, प्राकृतिक गैस और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (विमान ईंधन) को जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है। केरल हाईकोर्ट की ओर से पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाए जाने के निर्देश के बाद जीएसटी काउंसिल के समक्ष यह मामला 17 सितंबर को लाया जाएगा। जीएसटी काउंसिल ने अभी तक उस तारीख की घोषणा नहीं की है जब से पेट्रोलियम पदार्थों पर जीएसटी लागू होगा। नाम न लेने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि राजस्व को देखते हुए जीएसएटी काउंसिल के उच्च अधिकारी पेट्रोलियम पदार्थों पर एक समान जीएसटी लगाने को तैयार नहीं हैं। दरअसल, वित्तीय वर्ष 2019-20 में पेट्रोलियम पदार्थों से राज्य व केंद्र सरकार को 5.55 लाख करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था। इसमें पेट्रोल व डीजल से ही सबसे ज्यादा राजस्व सरकारों को मिला। एक समान जीएसटी से पेट्रोल व डीजल के दामों में भारी कमी आएगी। पेट्रोल पर केंद्र सरकार 32 फीसदी तो राज्य सरकार 23.07 फीसदी टैक्स ले रही है। वहीं डीजल पर केंद्र 35 तो राज्य सरकारें 14 फीसदी से ज्यादा का टैक्स वसूल कर रही हैं। 

कोरोना उपचार से जुड़ी दवाइयों पर भी मिल सकती है राहत

इतना ही नहीं, बैठक में कोरोना उपचार से जुड़े उपकरणों व दवाइयों पर भी टैक्स से रियायत भी दी जा सकती है। इससे जीएसटी परिषद की 44वीं बैठक 12 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई थी। इसमें 30 सितंबर 2021 तक कोरोना वायरस में काम आने वाले उपकरणों और दवाओं पर जीएसटी की दरें घटाई गई थीं। तब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई बैठक में टीके पर पांच फीसदी की कर दर को कायम रखने पर सहमति बनी थी। एम्बुलेंस पर जीएसटी की दर को 28 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी किया गया था। टेम्परेचर चेकिंग इक्विपमेंट्स के लिए जीएसटी की दर पांच फीसदी की गई। दवाओं की बात करें, तो Anti-coagulants like Heparin और रेमडेसिविर की दर 12 फीसदी से पांच फीसदी हो गई है। इतना ही नहीं, 44वीं बैठक में ब्लैक फंगस के इलाज में काम आने वाली Amphotericin B दवा पर जीएसटी की दर शून्य की गई थी। Tocilizumab पर भी सरकार ने कर की दर शून्य की थी। जबकि पहले इन पर पांच फीसदी टैक्स लगता था।

लॉन्च हो सकता है कॉमन इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल 

लखनऊ में होने वाली अगली बैठक में जीएसटी से जुड़ी सभी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कॉमन इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल लॉन्च हो सकता है। इसके बाद जीएसटी पंजीकरण, कर भुगतान, रिटर्न भरने, गणना और आईजीएसटी सेटलमेंट का काम एक ही पोर्टल के जरिये किया जा सकेगा। इसके अलावा मौजूदा जीएसटी ग्राहकों को आधार सत्यापन की सुविधा भी दी जा सकती है। 

राज्यों के राजस्व नुकसान पर मुआवजे पर हो सकती है चर्चा 

इस बैठक में राज्यों के राजस्व नुकसान पर मुआवजे पर भी चर्चा हो सकती है। मालूम हो कि सरकार का माल एवं सेवा (जीएसटी) संग्रह अगस्त 2021 में 1,12,020 करोड़ रुपये रहा है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि अगस्त में 1,12,020 करोड़ रुपये के कुल जीएसटी संग्रह में सकल जीएसटी संग्रह में केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) की हिस्सेदारी 20,522 करोड़ रुपये रही, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) की हिस्सेदारी 26,605 करोड़ रुपये रही, एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) की हिस्सेदारी 56,247 करोड़ रुपये और सेस (Cess) की हिस्सेदारी 8,646 करोड़ रुपये रही।

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