Instruction: Aspirin Can Be Fatal, Us Preventive Services Task Force Warns, Careful People Above 60 Years, Take It Only On Medical Advice – हिदायत: 60 साल से ज्यादा वाले सावधान… जानलेवा हो सकती है एस्पिरिन, डॉक्टरी सलाह पर ही लें


अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Sun, 17 Oct 2021 05:43 AM IST

सार

यह दवा हार्ट अटैक से बचने के लिए ली जाती है। अमेरिकी प्रिवेंटिव सर्विसेज टास्क फोर्स ने इसके बारे में चेताया है। उसने कहा है कि इस दवा से आंतरिक रक्तस्राव हो सकता है। इसे घातक मर्ज से बचाव के लिए डॉक्टरी सलाह पर ही लेना चाहिए।

एस्परिन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
– फोटो : Amar Ujala

ख़बर सुनें

हमारे परिवार में या आसपास अक्सर कई लोग 50 साल के पार होते ही हार्ट अटैक या आघात से बचने के लिए रोज ‘एस्पिरिन’ दवा लेने लगते हैं। कुछ डॉक्टरी सलाह पर ऐसा कर रहे होते हैं तो कुछ अपने आप ही खतरे से दूर रहने के लिए इसका सेवन शुरू कर देते हैं। लेकिन अब स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को एस्पिरिन लेने की आदत को लेकर सख्त चेतावनी दी है।

अमेरिकी प्रिवेंटिव सर्विसेज टास्क फोर्स का कहना है कि 60 साल और उससे अधिक उम्र के वह लोग, जिन्हें कभी हार्ट अटैक या स्ट्रोक नहीं आया, उन्हें एस्पिरिन लेने की कोई जरूरत नहीं है। ऐसे लोग अगर इस दवा को लेना जारी रखते हैं तो उलटे आंतरिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) के शिकार हो सकते हैं। हालांकि, यह चेतावनी सभी के लिए नहीं है। जिन्हें एक बार हार्ट अटैक आ चुका है या जिन्हें डॉक्टरों ने यह दवा लेने की सलाह दी है या फिर जिन पर ज्यादा जोखिम है, वह इसका सेवन जारी रख सकते हैं। वैसे, इन ताजा सिफारिशों ने लोगों को भ्रमित कर दिया है। ऐसे में यहां जानिए एस्पिरिन लेने या छोड़ने से जुड़े तमाम जरूरी पहलू…

  • इसके नियमित सेवन से हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा कम जरूर होता है लेकिन मस्तिष्क, पेट और आंतों में रक्तस्राव का जोखिम भी बढ़ जाता है। हालांकि इसकी आशंका कम है लेकिन यह उम्र के साथ बढ़ती जाती है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादा जोखिम वाले लोगों के लिए यह नुकसान से ज्यादा फायदेमंद हो सकती है। वहीं, दूसरे ज्यादातर लोगों में इसका कोई लाभ नहीं है।

60 साल से ज्यादा वाले सावधान…

  • टास्क फोर्स का मानना है कि 40 से 59 साल की उम्र वालों के लिए डॉक्टर जोखिम के आधार पर एस्पिरिन लेने की सलाह दे सकते हैं क्योंकि ऐसी स्थिति में इस दवा के फायदे ज्यादा हैं।
  • अगर परिवारीजनों को हृदय रोग रहा है तो इस स्थिति में डॉक्टर कोलेस्ट्रॉल और हार्ट अटैक का खतरा कम करने की अन्य दवाएं भी दे सकते हैं।
  • 60 साल से ज्यादा उम्र वालों के लिए निर्देश साफ हैं कि इन्हें पहले हार्ट अटैक या स्ट्रोक से बचाव के रूप में एस्पिरिन लेना शुरू नहीं करना चाहिए।
  • ऐसे लोगों को सेवन जारी रखना चाहिए। इनके लिए टास्क फोर्स ने दिशा निर्देश नहीं बदले हैं।
  • अगर डॉक्टर एस्पिरिन बंद करवा दे तो
  • रक्तस्राव का खतरा कब दूर होगा?
  • दवा लेना बंद करते ही रक्तस्राव का खतरा तत्काल खत्म हो जाता है। प्लेटलेट्स पर एस्पिरिन का प्रभाव एक हफ्ते में खत्म हो जाता है।

क्या है एस्पिरिन
यह दवा एक दर्द निवारक है लेकिन यह खून पतला करने का भी काम करती है। साथ ही खून का थक्का बनना भी कम करती है। हालांकि कम डोज के बावजूद नुकसान भी हैं, जिसमें मस्तिष्क और पाचन तंत्र में रक्तस्राव शामिल है। इससे यह जानलेवा साबित हो सकती है।

  • दवा छोड़ने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। दिशानिर्देश उन्हीं लोगों के लिए है, जिन्होंने अभी एस्पिरिन शुरू नहीं की है।
  • हृदयाघात झेल चुके या ज्यादा खतरे वाले मरीजों को डॉक्टर दवा जारी रखने की सलाह दे सकते हैं।
  • ताजा सिफारिशों के बाद मरीज की स्वास्थ्य स्थिति देख बंद भी कर सकते हैं।

अमेरिकी पैनल ने पांच साल पहले दी सिफारिशें बदलीं
2016 में अमेरिकी पैनल ने ही पहले हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचने के लिए 50 से 60 साल वालों को रोजाना एस्पिरिन का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। कहा गया था कि इससे हार्ट अटैक के अलावा कोलोरेक्टल (मलाशय) कैंसर से भी बचा जा सकता है लेकिन अब नए ड्राफ्ट में सिफारिशों में बदलाव किया गया है।

विस्तार

हमारे परिवार में या आसपास अक्सर कई लोग 50 साल के पार होते ही हार्ट अटैक या आघात से बचने के लिए रोज ‘एस्पिरिन’ दवा लेने लगते हैं। कुछ डॉक्टरी सलाह पर ऐसा कर रहे होते हैं तो कुछ अपने आप ही खतरे से दूर रहने के लिए इसका सेवन शुरू कर देते हैं। लेकिन अब स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को एस्पिरिन लेने की आदत को लेकर सख्त चेतावनी दी है।

अमेरिकी प्रिवेंटिव सर्विसेज टास्क फोर्स का कहना है कि 60 साल और उससे अधिक उम्र के वह लोग, जिन्हें कभी हार्ट अटैक या स्ट्रोक नहीं आया, उन्हें एस्पिरिन लेने की कोई जरूरत नहीं है। ऐसे लोग अगर इस दवा को लेना जारी रखते हैं तो उलटे आंतरिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) के शिकार हो सकते हैं। हालांकि, यह चेतावनी सभी के लिए नहीं है। जिन्हें एक बार हार्ट अटैक आ चुका है या जिन्हें डॉक्टरों ने यह दवा लेने की सलाह दी है या फिर जिन पर ज्यादा जोखिम है, वह इसका सेवन जारी रख सकते हैं। वैसे, इन ताजा सिफारिशों ने लोगों को भ्रमित कर दिया है। ऐसे में यहां जानिए एस्पिरिन लेने या छोड़ने से जुड़े तमाम जरूरी पहलू…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *