Karnataka Health Minister K Sudhakar Says Modern Indian Women Want To Live Single And Unwilling To Give Birth – कर्नाटक के मंत्री का बयान: आधुनिक भारतीय महिलाएं अकेले रहना चाहती हैं और बच्चा पैदा नहीं करना चाहतीं


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 10 Oct 2021 10:14 PM IST

सार

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री रविवार को आधुनिक भारतीय महिलाओं को लेक एक विवादित टिप्पणी कर गए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी संस्कृति के असर के चलते हमारी सोच में एक गलत बदलाव आया है।

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर
– फोटो : facebook.com/DrSudhakarK.Official

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कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर रविवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोलॉजिकल साइंसेज की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। लेकिन, यहां वह एक विवादित बयान दे गए। सुधाकर ने कहा कि आधुनिक भारतीय महिलाएं बच्चों को खुद जन्म देने के स्थान पर सरोगेसी (किराये की कोख) को प्रधानता देती हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सोच में आ रहा इस तरह का बदलाव बिल्कुल ठीक नहीं है।

बंगलूरू में हुए इस कार्यक्रम में सुधाकर ने  कहा, ‘मुझे ये कहते हुए बहुत दुख हो रहा है कि कई आधुनिक भारतीय महिलाएं अकेले रहना चाहती हं। अगर वो शादी भी करती हैं तो बच्चे को जन्म नहीं देना चाहतीं। वह सरोगेसी को प्रधानता देती हैं। हमारी सोच में एक विचारणीय बदलाव आया है, जो ठीक नहीं है। दुर्भाग्य से आज हम पश्चिमी मार्ग पर जा रहे हैं। हम अपने माता-पिता के साथ नहीं रहना चाहते हैं, दादा-दादी के साथ रहने की बात तो भूल ही जाइए।’

वहीं, मानसिक स्वास्थ्य के बारे में सुधाकर ने कहा कि इस समय देश में हर सातवां व्यक्ति किसी न किसी मानसिक समस्या से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि तनाव प्रबंधन एक तरह की कला है और इसके लिए भारतीयों को योग और ध्यान की ओर अपना रुख करना चाहिए, जो हमारे पुरखे हमें सिखा कर गए हैं। इसके साथ ही सुधाकर ने राज्य को डेढ़ करोड़ कोरोना वायर के टीके उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को धन्यवाद भी कहा।

विस्तार

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर रविवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोलॉजिकल साइंसेज की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। लेकिन, यहां वह एक विवादित बयान दे गए। सुधाकर ने कहा कि आधुनिक भारतीय महिलाएं बच्चों को खुद जन्म देने के स्थान पर सरोगेसी (किराये की कोख) को प्रधानता देती हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सोच में आ रहा इस तरह का बदलाव बिल्कुल ठीक नहीं है।

बंगलूरू में हुए इस कार्यक्रम में सुधाकर ने  कहा, ‘मुझे ये कहते हुए बहुत दुख हो रहा है कि कई आधुनिक भारतीय महिलाएं अकेले रहना चाहती हं। अगर वो शादी भी करती हैं तो बच्चे को जन्म नहीं देना चाहतीं। वह सरोगेसी को प्रधानता देती हैं। हमारी सोच में एक विचारणीय बदलाव आया है, जो ठीक नहीं है। दुर्भाग्य से आज हम पश्चिमी मार्ग पर जा रहे हैं। हम अपने माता-पिता के साथ नहीं रहना चाहते हैं, दादा-दादी के साथ रहने की बात तो भूल ही जाइए।’

वहीं, मानसिक स्वास्थ्य के बारे में सुधाकर ने कहा कि इस समय देश में हर सातवां व्यक्ति किसी न किसी मानसिक समस्या से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि तनाव प्रबंधन एक तरह की कला है और इसके लिए भारतीयों को योग और ध्यान की ओर अपना रुख करना चाहिए, जो हमारे पुरखे हमें सिखा कर गए हैं। इसके साथ ही सुधाकर ने राज्य को डेढ़ करोड़ कोरोना वायर के टीके उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को धन्यवाद भी कहा।

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