Lakhimpur Violence: Prashant Kishor Targets Congress, Says Big Flaws In The Roots Of ‘grand Old Party’ – कांग्रेस पर पीके का तंज: ‘ग्रैंड ओल्ड पार्टी’ की जड़ों में खामियां, लखीमपुर के बाद वापसी बड़ी गलतफहमी


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Fri, 08 Oct 2021 12:18 PM IST

सार

प्रशांत किशोर ने कांग्रेस का नाम लिए बिना ही उस पर निशाना साधा है और उसे ‘ग्रैंड ओल्ड पार्टी’ कहा है। 

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लखीमपुर खीरी कांड के बाद अचानक से चर्चा में आई कांग्रेस पर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने निशाना साधा है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर कांग्रेस का नाम लिए बिना लिखा है कि जो लोग या पार्टियां यह सोच रही हैं कि ‘ग्रैंड ओल्ड पार्टी’ के सहारे विपक्ष की तुरंत वापसी होगी वे गलतफहमी में हैं। उनको निराशा ही हाथ लगेगी। उन्होंने आगे लिखा है कि दुर्भाग्य से ‘ग्रैंड ओल्ड पार्टी’ की जड़ों और उनकी संगठनात्मक संरचना में बड़ी कमियां हैं। फिलहाल इस समस्या को कोई समाधान भी नहीं है। 
अहम है पीके की टिप्पणी 
कई राजनीतिक पार्टियों को सत्ता तक पहुंचा चुके प्रशांत किशोर के इस ट्वीट को आगामी चुनाव की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। खबरों के मुताबिक, बंगाल चुनाव के बाद अटकलें थी कि पीके कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं, लेकिन उनके इस ट्वीट ने सभी अटकलों पर लगभग विराम लगा दिया है। प्रशांत किशोर अभी भी विपक्ष को भाजपा से मुकाबला करने लायक नहीं मानते हैं। उन्होंने पहले भी एक बयान में कहा था कि पार्टियों को अपने संगठनात्मक ढांचे में बदलाव करने की जरूरत है। ऐसे में उनके नए बयान को चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है। 

कांग्रेस के लिए झटका है पीके का बयान 
लखीमपुर खीरी कांड के बाद उत्तर प्रदेश में अपनी खोई हुई जमीन तलाश कर रही कांग्रेस के लिए पीके का यह बयान बड़ा झटका है। कांग्रेस पार्टी के सहारे अन्य राजनीतिक दल भी विपक्ष को हवा देना चाह रहे थे, लेकिन पीके अभी भी कांग्रेस को विपक्ष का नेतृत्व करने लायक नहीं मानते हैं। 

विस्तार

लखीमपुर खीरी कांड के बाद अचानक से चर्चा में आई कांग्रेस पर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने निशाना साधा है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर कांग्रेस का नाम लिए बिना लिखा है कि जो लोग या पार्टियां यह सोच रही हैं कि ‘ग्रैंड ओल्ड पार्टी’ के सहारे विपक्ष की तुरंत वापसी होगी वे गलतफहमी में हैं। उनको निराशा ही हाथ लगेगी। उन्होंने आगे लिखा है कि दुर्भाग्य से ‘ग्रैंड ओल्ड पार्टी’ की जड़ों और उनकी संगठनात्मक संरचना में बड़ी कमियां हैं। फिलहाल इस समस्या को कोई समाधान भी नहीं है। 


अहम है पीके की टिप्पणी 

कई राजनीतिक पार्टियों को सत्ता तक पहुंचा चुके प्रशांत किशोर के इस ट्वीट को आगामी चुनाव की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। खबरों के मुताबिक, बंगाल चुनाव के बाद अटकलें थी कि पीके कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं, लेकिन उनके इस ट्वीट ने सभी अटकलों पर लगभग विराम लगा दिया है। प्रशांत किशोर अभी भी विपक्ष को भाजपा से मुकाबला करने लायक नहीं मानते हैं। उन्होंने पहले भी एक बयान में कहा था कि पार्टियों को अपने संगठनात्मक ढांचे में बदलाव करने की जरूरत है। ऐसे में उनके नए बयान को चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है। 

कांग्रेस के लिए झटका है पीके का बयान 

लखीमपुर खीरी कांड के बाद उत्तर प्रदेश में अपनी खोई हुई जमीन तलाश कर रही कांग्रेस के लिए पीके का यह बयान बड़ा झटका है। कांग्रेस पार्टी के सहारे अन्य राजनीतिक दल भी विपक्ष को हवा देना चाह रहे थे, लेकिन पीके अभी भी कांग्रेस को विपक्ष का नेतृत्व करने लायक नहीं मानते हैं। 

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