Man Placing Holy Quran In Puja Mandap In Bangladesh – बांग्लादेश: पूजा के मंडप में रखी कुरान, पुलिस ने की आरोपी की पहचान, कहा- जल्द गिरफ्त में होगा


वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बांग्लादेश
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 21 Oct 2021 12:25 AM IST

सार

कामिला शहर में पूजा मंडप में कुरान रखने वाले शख्स की पहचान इकबाल हुसैन के रूप में हुई है। इकबाल को पकड़ने के लिए पिछले कुछ दिनों से अभियान चलाया जा रहा है।

सांकेतिक तस्वीर….
– फोटो : सोशल मीडिया

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बांग्लादेश में पिछले कुछ दिनों में हिंदू मंदिरों और पूजा मंडपों को निशाना बनाया जा रहा है। यहां तमाम जगहों पर मंदिरों, पूजा मंडपों को तोड़ा गया और कहीं-कहीं तो मंदिर में आग तक लगा दी गई। वहीं अब पता चला है कि कामिला शहर में दुर्गा पूजा के मंडप में पवित्र कुरान रखने वाले शख्स की पहचान कर ली गई है। उसका नाम इकबाल हुसैन बताया जा रहा है।

स्थानीय मीडिया ने कमिला पुलिस अधीक्षक फारूक अहमद के हवाले से बताया है कि पूजा मंडप में कुरान रखी गई थी, जिस व्यक्ति ने ये काम किया उसकी पहचान मुरादपुर-लस्करपुकुर इलाके के निवासी नूर अहमद आलम के बेटे इकबाल हुसैन के रूप में हुई है।

एसपी अहमद ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज से पुलिस ने इकबाल हुसैन की पहचान की है जिसने कामिला शहर के नानुआ दिघिर पर पूजा मंडप में कुरान को रखा था। उन्होंने कहा कि दरोगा हाउस की दरगाह से कुरान की यह प्रति चोरी हो गई थी, जो पूजा मंडप में मिली।

वहीं अब इकबाल को पकड़ने के लिए पिछले कुछ दिनों से अभियान चलाया जा रहा है। तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। एसपी का कहना है कि वह जल्द ही गिरफ्त में होगा। वीडियो में इकबाल कुरान ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है।

हिंसा भड़काने वालों पर कार्रवाई के निर्देश
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गृहमंत्री असदुज्जमां खान को देश में मजहब के नाम पर हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। लोगों से तथ्यों को जांचे बिना सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करने की अपील भी की है।

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि 50 साल पहले जिन ताकतों ने देश की आजादी का विरोध किया था, वो आज भी हिंसा, नफरत और धर्मान्धता का जहर फैला रहे हैं। सरकार हिंसा की घटनाओं की निंदा करती है। हिंदू समुदाय के अंदर और बाहर से उठ रही आवाजों पर गंभीर संज्ञान ले रही है।

गत नौ वर्षों में हिंदुओं के 3,700 से ज्यादा घर-मंदिर हमलों का शिकार
एक अधिकार समूह के मुताबिक गत नौ वर्षों में बांग्लादेश के भीतर हिंदुओं पर करीब 3,721 हमले हुए है। ढाका ट्रिब्यून ने बताया कि यह डाटा एक प्रमुख अधिकार समूह ‘ऐन ओ सलीश’ केंद्र से मिला है जिसके अनुसार 2021 पिछले पांच वर्षों में अब तक का सबसे घातक वर्ष रहा है। इसी अवधि में हिंदू मंदिरों, मूर्तियों और पूजा स्थलों पर तोड़फोड़ व आगजनी के कम से कम 1,678 मामले दर्ज किए गए हैं।

विस्तार

बांग्लादेश में पिछले कुछ दिनों में हिंदू मंदिरों और पूजा मंडपों को निशाना बनाया जा रहा है। यहां तमाम जगहों पर मंदिरों, पूजा मंडपों को तोड़ा गया और कहीं-कहीं तो मंदिर में आग तक लगा दी गई। वहीं अब पता चला है कि कामिला शहर में दुर्गा पूजा के मंडप में पवित्र कुरान रखने वाले शख्स की पहचान कर ली गई है। उसका नाम इकबाल हुसैन बताया जा रहा है।

स्थानीय मीडिया ने कमिला पुलिस अधीक्षक फारूक अहमद के हवाले से बताया है कि पूजा मंडप में कुरान रखी गई थी, जिस व्यक्ति ने ये काम किया उसकी पहचान मुरादपुर-लस्करपुकुर इलाके के निवासी नूर अहमद आलम के बेटे इकबाल हुसैन के रूप में हुई है।

एसपी अहमद ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज से पुलिस ने इकबाल हुसैन की पहचान की है जिसने कामिला शहर के नानुआ दिघिर पर पूजा मंडप में कुरान को रखा था। उन्होंने कहा कि दरोगा हाउस की दरगाह से कुरान की यह प्रति चोरी हो गई थी, जो पूजा मंडप में मिली।

वहीं अब इकबाल को पकड़ने के लिए पिछले कुछ दिनों से अभियान चलाया जा रहा है। तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। एसपी का कहना है कि वह जल्द ही गिरफ्त में होगा। वीडियो में इकबाल कुरान ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है।

हिंसा भड़काने वालों पर कार्रवाई के निर्देश

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गृहमंत्री असदुज्जमां खान को देश में मजहब के नाम पर हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। लोगों से तथ्यों को जांचे बिना सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करने की अपील भी की है।

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि 50 साल पहले जिन ताकतों ने देश की आजादी का विरोध किया था, वो आज भी हिंसा, नफरत और धर्मान्धता का जहर फैला रहे हैं। सरकार हिंसा की घटनाओं की निंदा करती है। हिंदू समुदाय के अंदर और बाहर से उठ रही आवाजों पर गंभीर संज्ञान ले रही है।

गत नौ वर्षों में हिंदुओं के 3,700 से ज्यादा घर-मंदिर हमलों का शिकार

एक अधिकार समूह के मुताबिक गत नौ वर्षों में बांग्लादेश के भीतर हिंदुओं पर करीब 3,721 हमले हुए है। ढाका ट्रिब्यून ने बताया कि यह डाटा एक प्रमुख अधिकार समूह ‘ऐन ओ सलीश’ केंद्र से मिला है जिसके अनुसार 2021 पिछले पांच वर्षों में अब तक का सबसे घातक वर्ष रहा है। इसी अवधि में हिंदू मंदिरों, मूर्तियों और पूजा स्थलों पर तोड़फोड़ व आगजनी के कम से कम 1,678 मामले दर्ज किए गए हैं।

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