Pakistan Poor Financial Condition Imran Khan Reached Saudi Arabia To Save The Economy Will Seek Help From Investors And Businessmen – पाक की खराब माली हालत : अर्थव्यवस्था को बचाने सऊदी अरब पहुंचे इमरान खान, निवेशकों-कारोबारियों से मांगेंगे मदद


एजेंसी, रियाद/इस्लामाबाद।
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 24 Oct 2021 12:37 AM IST

सार

पाकिस्तान में आर्थिक बदहाली के चलते जनता महंगाई से परेशान है और देश पर बढ़ते कर्ज के चलते मदद के सभी रास्ते बंद होते जा रहे हैं। ऐसे में इमरान का 23 अक्तूबर से 25 अक्तूबर के बीच सऊदी अरब का दौरा सबसे अहम माना जा रहा है।

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पाकिस्तान की माली हालत पहले से ही खराब है और हाल ही में एफएटीएफ द्वारा पाक को ग्रे सूची में बरकरार रखने से उसे अंतरराष्ट्रीय कर्ज मिलना भी मुश्किल हो चुका है। ऐसे में प्रधानमंत्री इमरान खान देश की बदहाल अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए मध्य-पूर्व हरित पहल सम्मेलन के बहाने सऊदी निवेशकों और कारोबारियों से मदद मांगने के लिए रियाद पहुंचे हैं।

पाकिस्तान में आर्थिक बदहाली के चलते जनता महंगाई से परेशान है और देश पर बढ़ते कर्ज के चलते मदद के सभी रास्ते बंद होते जा रहे हैं। ऐसे में इमरान का 23 अक्तूबर से 25 अक्तूबर के बीच सऊदी अरब का दौरा सबसे अहम माना जा रहा है। उन्होंने शनिवार को रियाद में मिडिल-ईस्ट ग्रीन इनीशिएटिव (एमजीआई) सम्मेलन में हिस्सा लिया और सऊदी नेताओं से बात भी की।

इमरान के साथ इस दौरान विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और कैबिनेट के अन्य सदस्यों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी यहां पहुंचा है जो मुख्यत: सऊदी निवेशकों को पाकिस्तान आमंत्रित कर कारोबार में मदद मांगने की पहल करेगा। हालांकि एमजीआई सम्मेलन में इमरान को जलवायु परिवर्तन के कारण विकासशील देशों के सामने आने वाली चुनौतियों पर नजरिया पेश करना है। 

सऊदी दौरे से पाक को कई उम्मीदें
सऊदी अरब के दौरे से पाकिस्तान को काफी उम्मीदें हैं। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था दिवालिएपन की कगार पर है, जबकि ग्रे लिस्ट में रखे जाने की वजह से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), विश्व बैंक और यूरोपीय संघ से उसे आर्थिक मदद मिलना मुश्किल होगा। विश्व बैंक रिपोर्ट के अनुसार पाक सबसे ज्यादा कर्ज लेने वाले टॉप-10 देशों में शामिल है। ऐसे में चीन के बाद सऊदी अरब से ही उसे आस है।

सऊदी अरब ने जताई 2060 तक शून्य उत्सर्जन की प्रतिबद्धता 
दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादकों में शामिल सऊदी अरब ने 2060 तक ग्रीन हाउस गैसों के ‘शून्य उत्सर्जन’ की प्रतिबद्धता जताई है। यह घोषणा युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने शनिवार को की। इसके साथ ही सऊदी अरब उन 100 से अधिक देशों में शामिल हो गया है जिन्होंने दुनिया को मानव निर्मित जलवायु परिवर्तन से बाहर निकालने की प्रतिबद्धता जताई है।

सऊदी अरब के पहले सऊदी हरित पहल मंच के शुभारंभ के मौके पर बिन सलमान ने यह घोषणा की है। सऊदी अरब की यह घोषणा ग्लासगो, स्कॉटलैंड में वैश्विक सीओपी 26 जलवायु सम्मेलन शुरू होने से पहले आई है। इस सम्मेलन में दुनिया के विभिन्न देश हिस्सा ले रहे हैं जो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे।

विस्तार

पाकिस्तान की माली हालत पहले से ही खराब है और हाल ही में एफएटीएफ द्वारा पाक को ग्रे सूची में बरकरार रखने से उसे अंतरराष्ट्रीय कर्ज मिलना भी मुश्किल हो चुका है। ऐसे में प्रधानमंत्री इमरान खान देश की बदहाल अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए मध्य-पूर्व हरित पहल सम्मेलन के बहाने सऊदी निवेशकों और कारोबारियों से मदद मांगने के लिए रियाद पहुंचे हैं।

पाकिस्तान में आर्थिक बदहाली के चलते जनता महंगाई से परेशान है और देश पर बढ़ते कर्ज के चलते मदद के सभी रास्ते बंद होते जा रहे हैं। ऐसे में इमरान का 23 अक्तूबर से 25 अक्तूबर के बीच सऊदी अरब का दौरा सबसे अहम माना जा रहा है। उन्होंने शनिवार को रियाद में मिडिल-ईस्ट ग्रीन इनीशिएटिव (एमजीआई) सम्मेलन में हिस्सा लिया और सऊदी नेताओं से बात भी की।

इमरान के साथ इस दौरान विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और कैबिनेट के अन्य सदस्यों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी यहां पहुंचा है जो मुख्यत: सऊदी निवेशकों को पाकिस्तान आमंत्रित कर कारोबार में मदद मांगने की पहल करेगा। हालांकि एमजीआई सम्मेलन में इमरान को जलवायु परिवर्तन के कारण विकासशील देशों के सामने आने वाली चुनौतियों पर नजरिया पेश करना है। 

सऊदी दौरे से पाक को कई उम्मीदें

सऊदी अरब के दौरे से पाकिस्तान को काफी उम्मीदें हैं। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था दिवालिएपन की कगार पर है, जबकि ग्रे लिस्ट में रखे जाने की वजह से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), विश्व बैंक और यूरोपीय संघ से उसे आर्थिक मदद मिलना मुश्किल होगा। विश्व बैंक रिपोर्ट के अनुसार पाक सबसे ज्यादा कर्ज लेने वाले टॉप-10 देशों में शामिल है। ऐसे में चीन के बाद सऊदी अरब से ही उसे आस है।

सऊदी अरब ने जताई 2060 तक शून्य उत्सर्जन की प्रतिबद्धता 

दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादकों में शामिल सऊदी अरब ने 2060 तक ग्रीन हाउस गैसों के ‘शून्य उत्सर्जन’ की प्रतिबद्धता जताई है। यह घोषणा युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने शनिवार को की। इसके साथ ही सऊदी अरब उन 100 से अधिक देशों में शामिल हो गया है जिन्होंने दुनिया को मानव निर्मित जलवायु परिवर्तन से बाहर निकालने की प्रतिबद्धता जताई है।

सऊदी अरब के पहले सऊदी हरित पहल मंच के शुभारंभ के मौके पर बिन सलमान ने यह घोषणा की है। सऊदी अरब की यह घोषणा ग्लासगो, स्कॉटलैंड में वैश्विक सीओपी 26 जलवायु सम्मेलन शुरू होने से पहले आई है। इस सम्मेलन में दुनिया के विभिन्न देश हिस्सा ले रहे हैं जो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे।

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