Rbi Imposes Restriction On Lakshmi Cooperative Bank, Solapur, Limit Of One Thousand Rupees On Withdrawal – आरबीआई : लक्ष्मी कोऑपरेटिव बैंक पर लगाईं पाबंदियां, छह माह तक सिर्फ एक हजार रुपये निकाल सकेंगे ग्राहक


पीटीआई, मुंबई
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 13 Nov 2021 12:41 AM IST

सार

आरबीआई ने एक बयान में कहा कि बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत लगाई गई पाबंदियां 12 नवंबर 2021 को कारोबार बंद होने से छह महीने तक लागू रहेंगी। निर्देशों के अनुसार, बैंक, बिना भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्वानुमोदन के किसी भी ऋण और अग्रिमों को अनुदान नहीं करेगा। इसके साथ ही न ही कोई निवेश करेगा, कोई दायित्व नहीं लेगा और किसी भी भुगतान को देने के लिए सहमत नहीं होगा।

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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को लक्ष्मी कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड सोलापुर पर कई पाबंदियां लगाई हैं, जिसमें ग्राहकों की वित्तीय स्थिति में गिरावट के कारण निकासी सीमा एक हजार रुपये तय होना शामिल है।

आरबीआई ने एक बयान में कहा कि बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत लगाई गई पाबंदियां 12 नवंबर 2021 को कारोबार बंद होने से छह महीने तक लागू रहेंगी और समीक्षा के अधीन हैं।

आरबीआई निर्देशों के अनुसार, बैंक, बिना भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्वानुमोदन के किसी भी ऋण और अग्रिमों को अनुदान नहीं करेगा। इसके साथ ही न ही कोई निवेश करेगा, कोई दायित्व नहीं लेगा और किसी भी भुगतान को देने के लिए सहमत नहीं होगा।

आरबीआई ने कहा, विशेष रूप से सभी बचत बैंक या चालू खातों या जमाकर्ता के किसी अन्य खाते में कुल शेष राशि के एक हजार रुपये से अधिक की राशि को निकालने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा आगे कहा कि आरबीआई द्वारा निर्देशों के मुद्दे को बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक प्रतिबंधों के साथ बैंकिंग कारोबार करना जारी रखेगा। बीते सोमवार को भी आरबीआई ने बाबाजी दाते महिला सहकारी बैंक, यवतमाल, महाराष्ट्र पर भी इसी तरह की पाबंदी लगाई थीं।

विस्तार

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को लक्ष्मी कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड सोलापुर पर कई पाबंदियां लगाई हैं, जिसमें ग्राहकों की वित्तीय स्थिति में गिरावट के कारण निकासी सीमा एक हजार रुपये तय होना शामिल है।

आरबीआई ने एक बयान में कहा कि बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत लगाई गई पाबंदियां 12 नवंबर 2021 को कारोबार बंद होने से छह महीने तक लागू रहेंगी और समीक्षा के अधीन हैं।

आरबीआई निर्देशों के अनुसार, बैंक, बिना भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्वानुमोदन के किसी भी ऋण और अग्रिमों को अनुदान नहीं करेगा। इसके साथ ही न ही कोई निवेश करेगा, कोई दायित्व नहीं लेगा और किसी भी भुगतान को देने के लिए सहमत नहीं होगा।

आरबीआई ने कहा, विशेष रूप से सभी बचत बैंक या चालू खातों या जमाकर्ता के किसी अन्य खाते में कुल शेष राशि के एक हजार रुपये से अधिक की राशि को निकालने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा आगे कहा कि आरबीआई द्वारा निर्देशों के मुद्दे को बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक प्रतिबंधों के साथ बैंकिंग कारोबार करना जारी रखेगा। बीते सोमवार को भी आरबीआई ने बाबाजी दाते महिला सहकारी बैंक, यवतमाल, महाराष्ट्र पर भी इसी तरह की पाबंदी लगाई थीं।

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