Red Light On Car Off Campaign Will Start In Delhi From Today – प्रदूषण पर वार : दिल्ली में आज से शुरू होगा रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ अभियान, सरकार सतर्क


सार

100 चौराहों पर 2500 वालंटियर रहेंगे तैनात। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दिल्ली के प्रदूषण के लिए पड़ोसी राज्यों को ठहराया जिम्मेदार।

ख़बर सुनें

राजधानी में आज से प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली सरकार का रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ अभियान शुरू होगा। इसके तहत दिल्ली के 100 चौराहों पर 2500 वालंटियर तैनात होंगे। इसमें से 90 चौराहों पर 10-10 व 10 प्रमुख चौराहों पर 20-20 पर्यावरण मार्शल तैनात होंगे। सभी चौराहों पर सिविल डिफेंस कर्मी हाथों में प्लेकॉर्ड लेकर रेड लाइट पर लोगों से गाड़ी के इंजन को बंद करने की अपील करेंगे। 

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने रविवार को कहा कि ऑड-ईवन अंतिम हथियार है। अभी सरकार का ध्यान दिल्ली के अंदर प्रदूषण को कम करने के जितने वैकल्पिक माध्यम हो सकते हैं, उन सब पर सरकार काम कर रही है। इसके बाद विशेषज्ञों से राय लेकर निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा में तेजी से पराली जलाने की घटनाएं बढ़ी हैं। इसकी वजह से दिल्ली का एक्यूआई स्तर 284 पर पहुंच गया है। नासा के मुताबिक, 13 अक्टूबर को पराली जलने की संख्या कम थी, जिसकी वजह से उस दिन एक्यूआई का स्तर 171 था। 

उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के अंदर पराली जलने की घटनाएं बढ़ती हैं तो दिल्ली का प्रदूषण का स्तर भी उसी अनुपात में बढ़ने लगता है। केंद्र सरकार ने पंजाब को लगभग 250 करोड़ रुपये पराली के समाधान के लिए दिए हैं। इससे 50 लाख एकड़ क्षेत्र में बायो डी कंपोजर का निशुल्क छिड़काव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में धूल विरोधी अभियान के तहत करीब 70 फ़ीसदी लोग नियमों को पालन कर रहे हैं, बाकि के 30 फीसदी लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। 

बकौल गोपाल राय, बारिश की वजह से फसल देर से कट रही है। बारिश देर तक चली है, फसल के कटने का समय भी थोड़ा आगे बढ़ा है। अब तेजी के साथ पराली जलना शुरू हुई है। गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली सरकार दो स्तर पर काम कर रही है। एक दीर्घकालिक योजना के साथ काम किया जा रहा है। दिल्ली के अंदर जितनी भी प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन पर फैक्ट्रियां चलती थीं, उसको सरकार ने 100 फीसदी पीएनजी में तब्दील कर दिया है। इसके अलावा दिल्ली के अंदर थर्मल पावर प्लांट को बंद कर दिया गया है। 

उन्होंने कहा कि शीतकालीन कार्य योजना की मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की थी। इसके तहत धूल विरोधी अभियान बीती सात तारीख से चल रहा है और 29 अक्टूबर तक पहला चरण चलेगा। दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग एक हजार से ज्यादा जगह पर प्रदूषण को लेकर टीम निरीक्षण कर चुकी है। इसकी वजह से करीब 70 फीसदी लोग दिल्ली के अंदर नियमों को पालन कर रहे हैं।

मंत्री के मुताबिक, पिछले दिनों सभी एजेंसियों के साथ संयुक्त मीटिंग थी। सभी बिंदुओं पर चर्चा कर सभी लोगों को अलर्ट कर दिया है। यदि फिर भी घटनाएं होती हैं तो कार्रवाई की जाएगी। गोपाल राय ने कहा कि सरकार जरुरत पड़ने पर किसी भी कड़े से कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। दिल्ली के हिस्से के प्रदूषण को कम करने के लिए जो जरूरत पड़ेगी उस हर कदम को उठाया जाएगा। 

विस्तार

राजधानी में आज से प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली सरकार का रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ अभियान शुरू होगा। इसके तहत दिल्ली के 100 चौराहों पर 2500 वालंटियर तैनात होंगे। इसमें से 90 चौराहों पर 10-10 व 10 प्रमुख चौराहों पर 20-20 पर्यावरण मार्शल तैनात होंगे। सभी चौराहों पर सिविल डिफेंस कर्मी हाथों में प्लेकॉर्ड लेकर रेड लाइट पर लोगों से गाड़ी के इंजन को बंद करने की अपील करेंगे। 

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने रविवार को कहा कि ऑड-ईवन अंतिम हथियार है। अभी सरकार का ध्यान दिल्ली के अंदर प्रदूषण को कम करने के जितने वैकल्पिक माध्यम हो सकते हैं, उन सब पर सरकार काम कर रही है। इसके बाद विशेषज्ञों से राय लेकर निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा में तेजी से पराली जलाने की घटनाएं बढ़ी हैं। इसकी वजह से दिल्ली का एक्यूआई स्तर 284 पर पहुंच गया है। नासा के मुताबिक, 13 अक्टूबर को पराली जलने की संख्या कम थी, जिसकी वजह से उस दिन एक्यूआई का स्तर 171 था। 

उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के अंदर पराली जलने की घटनाएं बढ़ती हैं तो दिल्ली का प्रदूषण का स्तर भी उसी अनुपात में बढ़ने लगता है। केंद्र सरकार ने पंजाब को लगभग 250 करोड़ रुपये पराली के समाधान के लिए दिए हैं। इससे 50 लाख एकड़ क्षेत्र में बायो डी कंपोजर का निशुल्क छिड़काव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में धूल विरोधी अभियान के तहत करीब 70 फ़ीसदी लोग नियमों को पालन कर रहे हैं, बाकि के 30 फीसदी लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। 

बकौल गोपाल राय, बारिश की वजह से फसल देर से कट रही है। बारिश देर तक चली है, फसल के कटने का समय भी थोड़ा आगे बढ़ा है। अब तेजी के साथ पराली जलना शुरू हुई है। गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली सरकार दो स्तर पर काम कर रही है। एक दीर्घकालिक योजना के साथ काम किया जा रहा है। दिल्ली के अंदर जितनी भी प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन पर फैक्ट्रियां चलती थीं, उसको सरकार ने 100 फीसदी पीएनजी में तब्दील कर दिया है। इसके अलावा दिल्ली के अंदर थर्मल पावर प्लांट को बंद कर दिया गया है। 

उन्होंने कहा कि शीतकालीन कार्य योजना की मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की थी। इसके तहत धूल विरोधी अभियान बीती सात तारीख से चल रहा है और 29 अक्टूबर तक पहला चरण चलेगा। दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग एक हजार से ज्यादा जगह पर प्रदूषण को लेकर टीम निरीक्षण कर चुकी है। इसकी वजह से करीब 70 फीसदी लोग दिल्ली के अंदर नियमों को पालन कर रहे हैं।

मंत्री के मुताबिक, पिछले दिनों सभी एजेंसियों के साथ संयुक्त मीटिंग थी। सभी बिंदुओं पर चर्चा कर सभी लोगों को अलर्ट कर दिया है। यदि फिर भी घटनाएं होती हैं तो कार्रवाई की जाएगी। गोपाल राय ने कहा कि सरकार जरुरत पड़ने पर किसी भी कड़े से कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। दिल्ली के हिस्से के प्रदूषण को कम करने के लिए जो जरूरत पड़ेगी उस हर कदम को उठाया जाएगा। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

AllwNews