Serum Allowed To Test Covovax, Know At What Age Children Will Get This Vaccine – बच्चों की वैक्सीन: सीरम को ‘कोवोवैक्स’ के परीक्षण की इजाजत, जानिए किस उम्र के बच्चों को लगेगा यह टीका


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 28 Sep 2021 09:30 PM IST

सार

सीरम इंस्टीट्यूट अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स के सहयोग से बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन बना रही है। डीसीजीआई ने पहल सीरम को 12 से 17 साल तक बच्चों के लिए टीके के परीक्षण की मंजूरी दी थी। अब 7 से 11 साल तक बच्चों के लिए इसी टीके के परीक्षण की मंजूरी दी गई है।

 

भारतीय सीरम संस्थान
– फोटो : पीटीआई (फाइल)

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कोरोना महामारी से बच्चों के बचाव के लिए टीकों के विकास का काम जोरों से चल रहा है। भारतीय दवा महानिदेशक (DCGI) ने अब सीरम इंस्टीट्यूट को सात से 11 साल तक की उम्र के बच्चों के टीके के परीक्षण की मंजूरी दे दी है।

दरअसल, सीरम इंस्टीट्यूट बच्चों के लिए अमेरिकी दवा कंपनी के टीके को ‘कोवोवैैक्स’ के नाम से देश में तैयार कर रही है। इससे पहले भारतीय दवा महानिदेशक (DCGI) ने सीरम को 12 से 17 साल की उम्र के बच्चों पर इस टीके के परीक्षण की मंजूरी दी थी। सीरम 100 बच्चों पर इसका परीक्षण भी कर चुकी है। परीक्षण के डाटा को डीसीजीआई को मुहैया करा दिया गया है।

मंगलवार को केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की विशेषज्ञ समिति ने कहा कि नियमों का पालन करते हुए सीरम को सात से 11 साल तक के बच्चों पर इस वैक्सीन के परीक्षण की इजाजत दी गई है।

नोवावैक्स को अभी नहीं मिली इजाजत
अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स की वैक्सीन को अभी भारत में इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी नहीं मिली है। सितंबर के आरंभ में सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने उम्मीद जताई थी कि अगले साल जनवरी-फरवरी तक 18 साल से कम उम्र के बच्चों के टीके ‘कोवोवैैक्स’ को लगाने की मंजूरी मिल जाएगी।

अभी जॉयकोव-डी को ही इजाजत
भारत में अभी जायडस कैडिला की जॉयकोव-डी वैक्सीन को ही 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों और वयस्कों को लगाने के लिए इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी मिली है।

कोवॉक्सिन को डब्ल्यूएचओ की मंजूरी में और देरी
इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत बायोटेक की स्वदेशी वैक्सीन ‘कोवॉक्सिन’ को आपात इस्तेमाल की मंजूरी (ईयूए) के लिए कुछ और डाटा मांगा है। इससे इस वैक्सीन को विश्व संस्था की  मंजूरी मिलने में और देरी हो सकती है। इस कारण विदेश जाने वाले भारतीयों की मुसीबत और बढ़ गई है। इनमें बड़ी संख्या में विद्याथी शामिल हैं।

विस्तार

कोरोना महामारी से बच्चों के बचाव के लिए टीकों के विकास का काम जोरों से चल रहा है। भारतीय दवा महानिदेशक (DCGI) ने अब सीरम इंस्टीट्यूट को सात से 11 साल तक की उम्र के बच्चों के टीके के परीक्षण की मंजूरी दे दी है।

दरअसल, सीरम इंस्टीट्यूट बच्चों के लिए अमेरिकी दवा कंपनी के टीके को ‘कोवोवैैक्स’ के नाम से देश में तैयार कर रही है। इससे पहले भारतीय दवा महानिदेशक (DCGI) ने सीरम को 12 से 17 साल की उम्र के बच्चों पर इस टीके के परीक्षण की मंजूरी दी थी। सीरम 100 बच्चों पर इसका परीक्षण भी कर चुकी है। परीक्षण के डाटा को डीसीजीआई को मुहैया करा दिया गया है।

मंगलवार को केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की विशेषज्ञ समिति ने कहा कि नियमों का पालन करते हुए सीरम को सात से 11 साल तक के बच्चों पर इस वैक्सीन के परीक्षण की इजाजत दी गई है।

नोवावैक्स को अभी नहीं मिली इजाजत

अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स की वैक्सीन को अभी भारत में इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी नहीं मिली है। सितंबर के आरंभ में सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने उम्मीद जताई थी कि अगले साल जनवरी-फरवरी तक 18 साल से कम उम्र के बच्चों के टीके ‘कोवोवैैक्स’ को लगाने की मंजूरी मिल जाएगी।

अभी जॉयकोव-डी को ही इजाजत

भारत में अभी जायडस कैडिला की जॉयकोव-डी वैक्सीन को ही 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों और वयस्कों को लगाने के लिए इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी मिली है।

कोवॉक्सिन को डब्ल्यूएचओ की मंजूरी में और देरी

इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत बायोटेक की स्वदेशी वैक्सीन ‘कोवॉक्सिन’ को आपात इस्तेमाल की मंजूरी (ईयूए) के लिए कुछ और डाटा मांगा है। इससे इस वैक्सीन को विश्व संस्था की  मंजूरी मिलने में और देरी हो सकती है। इस कारण विदेश जाने वाले भारतीयों की मुसीबत और बढ़ गई है। इनमें बड़ी संख्या में विद्याथी शामिल हैं।

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