Struggle Between Taliban And Haqqani Network Begins Baradar Leaves Kabul – सत्ता की जंग: तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के बीच शुरू हुआ संघर्ष, बरादर ने छोड़ा काबुल


वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Wed, 15 Sep 2021 03:01 PM IST

सार

हक्कानी नेटवर्क को तालिबान का खूंखार दल माना जाता है। इस दल का मानना है कि उसके लड़ाकों के कारण अफगानिस्तान में तालिबान को जीत मिली। बरादर का मानना है कि उनकी कूटनीतिक चालों के कारण ऐसा हुआ। 
 

मुल्ला बरादर
– फोटो : सोशल मीडिया

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अफगानिस्तान में अंतरिम सरकार का गठन हो गया है, लेकिन स्थाई सरकार को लेकर अभी भी गहमागहमी बनी हुई है। अब खबर आ रही है कि तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के बीच क्रेडिट को लेकर संघर्ष शुरू हो गया है, जिसके बाद मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने काबुल छोड़ दिया है। 

बता दें, मुल्ला अब्दुल गनी बरादर तालिबान सरकार में डिप्टी प्राइम मिनिस्टर बनाए गए हैं। कुछ दिन पहले हक्कानी नेटवर्क और उनके बीच झड़प भी हुई थी, जिसमें बरादर के गोली लगने की खबरें सामने आई थीं। 

क्रेडिट लेने की जंग 
ताजा मामला सामने आ रहा है कि बरादर और हक्कानी नेटवर्क के नेता खलील उर-रहमान के बीच कहासुनी हुई है। इसके बाद दोनों के समर्थक आपस में भिड़ गए हैं। दरअसल, हक्कानी नेटवर्क का मानना है कि उसके आक्रामक रवैये और लड़ाकों के कारण ही अफगानिस्तान की सत्ता मिली है। वहीं बरादर का मानना है कि उनकी कूटनीति के कारण ही तालिबान को जीत हासिल हुई है। ऐसे में दोनों गुट जीत का क्रेडिट लेने के लिए भिड़ गए हैं। 

सरकार में हिस्सेदारी का भी है विवाद
तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के बीच सरकार में हिस्सेदारी का भी विवाद है। दरअसल, हक्कानी नेटवर्क अफगानिस्तान की सरकार में प्रमुख भूमिका चाहता है, लेकिन तालिबान के नेता ऐसा नहीं चाहते। इसको लेकर भी दोनों के बीच विवाद है। पिछले दिनों सरकार गठन के दौरान ही दोनों गुटों में गोली भी चली थी, जिसमें बरादर के घायल होने की खबरें सामने आई थीं। 

बीबीसी ने अपनी रिपेार्ट में कहा है कि बरादर काबुल छोड़कर कंधार चले गए हैं। पहले एक प्रवक्ता का बयान आया कि बरादर कंधान सुप्रीम नेता से मिलने गए हैं। बात में बताया गया कि वह वहीं रुक गए हैं।

विस्तार

अफगानिस्तान में अंतरिम सरकार का गठन हो गया है, लेकिन स्थाई सरकार को लेकर अभी भी गहमागहमी बनी हुई है। अब खबर आ रही है कि तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के बीच क्रेडिट को लेकर संघर्ष शुरू हो गया है, जिसके बाद मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने काबुल छोड़ दिया है। 

बता दें, मुल्ला अब्दुल गनी बरादर तालिबान सरकार में डिप्टी प्राइम मिनिस्टर बनाए गए हैं। कुछ दिन पहले हक्कानी नेटवर्क और उनके बीच झड़प भी हुई थी, जिसमें बरादर के गोली लगने की खबरें सामने आई थीं। 

क्रेडिट लेने की जंग 

ताजा मामला सामने आ रहा है कि बरादर और हक्कानी नेटवर्क के नेता खलील उर-रहमान के बीच कहासुनी हुई है। इसके बाद दोनों के समर्थक आपस में भिड़ गए हैं। दरअसल, हक्कानी नेटवर्क का मानना है कि उसके आक्रामक रवैये और लड़ाकों के कारण ही अफगानिस्तान की सत्ता मिली है। वहीं बरादर का मानना है कि उनकी कूटनीति के कारण ही तालिबान को जीत हासिल हुई है। ऐसे में दोनों गुट जीत का क्रेडिट लेने के लिए भिड़ गए हैं। 

सरकार में हिस्सेदारी का भी है विवाद

तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के बीच सरकार में हिस्सेदारी का भी विवाद है। दरअसल, हक्कानी नेटवर्क अफगानिस्तान की सरकार में प्रमुख भूमिका चाहता है, लेकिन तालिबान के नेता ऐसा नहीं चाहते। इसको लेकर भी दोनों के बीच विवाद है। पिछले दिनों सरकार गठन के दौरान ही दोनों गुटों में गोली भी चली थी, जिसमें बरादर के घायल होने की खबरें सामने आई थीं। 

बीबीसी ने अपनी रिपेार्ट में कहा है कि बरादर काबुल छोड़कर कंधार चले गए हैं। पहले एक प्रवक्ता का बयान आया कि बरादर कंधान सुप्रीम नेता से मिलने गए हैं। बात में बताया गया कि वह वहीं रुक गए हैं।

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