Tourists Will Be Able To See The Retreat Ceremony At Attari Wagah Border – 18 महीने बाद अच्छी खबर: अटारी सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी देख सकेंगे सैलानी, 300 लोगों को ही मिली अनुमति


संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 17 Sep 2021 08:51 PM IST

सार

अटारी सीमा पर बीएसएफ और पाकिस्तानी रेंजर्स के बीच 1959 से लगातार रोजाना शाम को रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया जाता है। दोनों देशों के सुरक्षा बलों की आपसी सहमति से जवान सम्मान के साथ अपने-अपने देश के राष्ट्रीय ध्वज उतारते हैं। राष्ट्रीय ध्वज उतारने का संकेत भारत-पाक सीमा रास्ते को बंद करना है।

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अमृतसर स्थित अटारी सीमा पर अब रोजाना भारत माता के जयकारे गूंजेंगे। देश-विदेश से अमृतसर पहुंचने वाले सैलानियों का भारत-पाकिस्तान सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी देखने का इंतजार शुक्रवार को डीसी गुरप्रीत सिंह खैहरा के आदेश के बाद खत्म हो गया है। 18 माह बाद शुक्रवार शाम 300 सैलानियों की मौजूदगी में 5:30 बजे ज्वाइंट चेक पोस्ट (जेसीपी) अटारी पर भारत माता के जयकारे सुनने को मिले। सीमा सुरक्षा बल और पाक रेंजर्स के बीच 25 मिनट की रिट्रीट सेरेमनी के दौरान देशभक्ति के नारों से आकाश गूंज उठा। 

कोविड संकट के कारण भारत सरकार के आदेश के बाद सात मार्च 2020 को अटारी-वाघा सीमा पर बीएसएफ और पाक रेंजर्स के बीच होने वाली रिट्रीट सेरेमनी बंद कर दी गई थी। जेसीपी अटारी पर अब स्वास्थ्य विभाग की कोविड गाइडलाइंस के मुताबिक नए अंदाज से रिट्रीट सेरेमनी शुरू हो गई है। 

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बीएसएफ ने इसके लिए खासा हेडक्वार्टर के गेट नंबर तीन के बाहर एक बोर्ड पर अंकित लैंडलाइन नंबर डिस्पले किया, ताकि इसके जरिए सैलानी रजिस्ट्रेशन करवा सकें। बीएसएफ खासा हेडक्वार्टर के डीआईजी भूपिंदर सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार के आदेश के बाद 300 सैलानियों को अटारी सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी देखने की इजाजत दी गई है। भविष्य में अगर सरकार सैलानियों की संख्या बढ़ाने के आदेश देती है तो उसके मुताबिक प्रबंध किए जाएंगे।

वैसे तो अटारी-वाघा सीमा पर रोज शाम 25 मिनट रिट्रीट सेरेमनी होती थी। कोरोना की वजह से केंद्र सरकार ने इसे सात मार्च 2020 से सैलानियों के लिए बंद कर दिया था लेकिन सीमा पर राष्ट्रीय ध्वज उतारने की रस्म अदा करने के लिए बीएसएफ और पाक रेंजर्स के बीच रिट्रीट सेरेमनी जारी रही। सरकार ने इसकी समय सीमा को 25 मिनट से घटाकर 156 सेकेंड अर्थात 2.36 मिनट कर दिया। इन 156 सेकेंड की सेरेमनी के दौरान बीएसएफ के जवान पाक रेंजर्स के साथ परेड करने के बाद देश का तिरंगा सम्मान सहित उतारने की रस्म करते थे।

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सीमांत गांव के लोगों के खिले चेहरे
कोविड संकट शुरू होने के बाद जेसीपी अटारी पर रिट्रीट सेरेमनी बंद होने से सीमांत गांवों के लोगों की जिंदगी ठहर सी गई थी, क्योंकि यहां हजारों की संख्या में पहुंचने वाले सैलानी सीमांत गांवों के लोगों की एक आय का जरिया थे। यहां तक कि छोटे बच्चे भी सैलानियों के माथे, गालों, हाथों और गर्दन पर तिरंगा बनाकर अपनी शिक्षा का खर्च निकाल लेते थे। रिट्रीट सेरेमनी बंद होने के बाद तो सन्नाटा पसर गया था और शाम को पंजाब पुलिस के कर्मचारी और बीएसएफ के कर्मचारी ही ड्यूटी करते दिखाई देते थे।

दुनिया में अनोखी है यह परेड
दो देशों के बॉर्डर पर होने वाली यह परेड दुनिया भर में अनोखी है। दुनिया के किसी भी बॉर्डर पर ऐसा कार्यक्रम नहीं होता। यही वजह है कि दोनों देशों से बड़ी संख्या पर्यटक इसे देखने आते हैं। यह परेड शाम के वक्त बार्डर के गेट बंद होने से पहले होती है।

विस्तार

अमृतसर स्थित अटारी सीमा पर अब रोजाना भारत माता के जयकारे गूंजेंगे। देश-विदेश से अमृतसर पहुंचने वाले सैलानियों का भारत-पाकिस्तान सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी देखने का इंतजार शुक्रवार को डीसी गुरप्रीत सिंह खैहरा के आदेश के बाद खत्म हो गया है। 18 माह बाद शुक्रवार शाम 300 सैलानियों की मौजूदगी में 5:30 बजे ज्वाइंट चेक पोस्ट (जेसीपी) अटारी पर भारत माता के जयकारे सुनने को मिले। सीमा सुरक्षा बल और पाक रेंजर्स के बीच 25 मिनट की रिट्रीट सेरेमनी के दौरान देशभक्ति के नारों से आकाश गूंज उठा। 

कोविड संकट के कारण भारत सरकार के आदेश के बाद सात मार्च 2020 को अटारी-वाघा सीमा पर बीएसएफ और पाक रेंजर्स के बीच होने वाली रिट्रीट सेरेमनी बंद कर दी गई थी। जेसीपी अटारी पर अब स्वास्थ्य विभाग की कोविड गाइडलाइंस के मुताबिक नए अंदाज से रिट्रीट सेरेमनी शुरू हो गई है। 

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बीएसएफ ने इसके लिए खासा हेडक्वार्टर के गेट नंबर तीन के बाहर एक बोर्ड पर अंकित लैंडलाइन नंबर डिस्पले किया, ताकि इसके जरिए सैलानी रजिस्ट्रेशन करवा सकें। बीएसएफ खासा हेडक्वार्टर के डीआईजी भूपिंदर सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार के आदेश के बाद 300 सैलानियों को अटारी सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी देखने की इजाजत दी गई है। भविष्य में अगर सरकार सैलानियों की संख्या बढ़ाने के आदेश देती है तो उसके मुताबिक प्रबंध किए जाएंगे।

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