Vigilance Probe Into Power Purchase Agreements In Punjab – पंजाब: बिजली खरीद समझौतों की होगी विजिलेंस जांच, सदन में सीएम चन्नी ने किया एलान


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 12 Nov 2021 12:37 AM IST

सार

पंजाब सरकार बिजली खरीद समझौतों की विजिलेंस जांच कराएगी। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने विधानसभा में यह एलान किया। उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के अनियमितता और भ्रष्टाचार के सभी मामलों की भी जांच करवाई जाएगी। 

पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र
– फोटो : @PunjabGovtIndia

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पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने गुरुवार को एलान किया कि अकाली-भाजपा सरकार में हुए विवादित बिजली खरीद समझौतों समेत भ्रष्टाचार और अनियमितता के सभी मामलों की जल्द ही विजिलेंस जांच होगी।

विधानसभा में बिजली क्षेत्र (2006-07 से 2020-21) संबंधी श्वेत पत्र पेश करने के मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की वचनबद्धता जाहिर की और कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के उन सभी बेईमान नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने रेत, परिवहन और नशे के अलग-अलग माफियाओं के जरिये नाजायज तरीके से अपनी जेबें भरीं। 

पवित्र श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की बेअदबी में शामिल लोगों को सजा दिलाने के अपनी सरकार के प्रण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में चल रही जांच का उपयुक्त निष्कर्ष निकलेगा, ताकि इस घिनौने जुर्म के जिम्मेदार व्यक्तियों को सजा मिल सके। उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह ही ड्रग की बड़ी मछलियां, चाहे वह कितने भी रसूखदार क्यों न हों, को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। 

उन्होंने आगे कहा कि कोई भी मुझे कमजोर न समझे। हालांकि जमीन से जुड़ा हुआ हूं लेकिन अपने रास्ते से भटकाने के लिए किसी की तरफ से भी डाले गए दबाव में नहीं आऊंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नशे संबंधी रिपोर्ट 18 नवंबर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के दखल से खोल दी जाएगी।

मजीठिया सदन से निकाले जाने का ढूंढ़ रहे थे बहाना: चन्नी
मजीठिया को निशाने पर लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेता की तरफ से जानबूझ कर सुबह से ही इस विशेष सत्र में व्यवधान डालने की कोशिश की जा रही थी ताकि उन्हें सदन से बाहर निकाले जाने का बहाना मिल सके।

आखिरकार उन्हें कामयाबी मिल ही गई, जब स्पीकर ने मजबूर होकर उनका और उनकी पार्टी के साथियों को बाकी दिन के लिए नेम कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजीठिया और उनकी पार्टी के व्यक्तियों में इतनी हिम्मत नहीं थी कि वह बीते 10 साल के दौरान व्यापक भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के अकाली दल की तरफ से किए गुनाहों के लिए आलोचना का सामना कर सकें।

विस्तार

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने गुरुवार को एलान किया कि अकाली-भाजपा सरकार में हुए विवादित बिजली खरीद समझौतों समेत भ्रष्टाचार और अनियमितता के सभी मामलों की जल्द ही विजिलेंस जांच होगी।

विधानसभा में बिजली क्षेत्र (2006-07 से 2020-21) संबंधी श्वेत पत्र पेश करने के मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की वचनबद्धता जाहिर की और कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के उन सभी बेईमान नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने रेत, परिवहन और नशे के अलग-अलग माफियाओं के जरिये नाजायज तरीके से अपनी जेबें भरीं। 

पवित्र श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की बेअदबी में शामिल लोगों को सजा दिलाने के अपनी सरकार के प्रण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में चल रही जांच का उपयुक्त निष्कर्ष निकलेगा, ताकि इस घिनौने जुर्म के जिम्मेदार व्यक्तियों को सजा मिल सके। उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह ही ड्रग की बड़ी मछलियां, चाहे वह कितने भी रसूखदार क्यों न हों, को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। 

उन्होंने आगे कहा कि कोई भी मुझे कमजोर न समझे। हालांकि जमीन से जुड़ा हुआ हूं लेकिन अपने रास्ते से भटकाने के लिए किसी की तरफ से भी डाले गए दबाव में नहीं आऊंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नशे संबंधी रिपोर्ट 18 नवंबर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के दखल से खोल दी जाएगी।

मजीठिया सदन से निकाले जाने का ढूंढ़ रहे थे बहाना: चन्नी

मजीठिया को निशाने पर लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेता की तरफ से जानबूझ कर सुबह से ही इस विशेष सत्र में व्यवधान डालने की कोशिश की जा रही थी ताकि उन्हें सदन से बाहर निकाले जाने का बहाना मिल सके।

आखिरकार उन्हें कामयाबी मिल ही गई, जब स्पीकर ने मजबूर होकर उनका और उनकी पार्टी के साथियों को बाकी दिन के लिए नेम कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजीठिया और उनकी पार्टी के व्यक्तियों में इतनी हिम्मत नहीं थी कि वह बीते 10 साल के दौरान व्यापक भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के अकाली दल की तरफ से किए गुनाहों के लिए आलोचना का सामना कर सकें।

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