Vijayadashami: Rss Chief Mohan Bhagwat Addressing Sangh Workers – विजयादशमी पर संघ प्रमुख का संबोधन: विभाजन की टीस अब तक नहीं गई, नई पीढ़ी को इतिहास जानना चाहिए


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Fri, 15 Oct 2021 09:06 AM IST

सार

संघ प्रमुख ने कहा कि स्वतंत्र भारत का चित्र कैसा हो, इसके लिए देश के सभी क्षेत्रों से, सभी जातिवर्गों से निकले वीरों ने तपस्या त्याग और बलिदान के हिमालय खड़े किये। समाज की आत्मीयता व समता आधारित रचना के लिए सभी को प्रयास करने पड़ेंगे। 
 

ख़बर सुनें

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शुक्रवार को 96वें स्थापना दिवस व विजयादशमी के अवसर पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। शस्त्र पूजा के बाद उन्होंने कहा कि यह हमारी स्वतंत्रता का 75वां वर्ष है। 15 अगस्त 1947 को हम स्वाधीन हुए। हमें यह स्वाधीनता रातों रात नहीं मिली। स्वतंत्र भारत का चित्र कैसा हो इसके लिए देश के सभी क्षेत्रों से सभी जातिवर्गों से निकले वीरों ने तपस्या, त्याग और बलिदान के हिमालय खड़े किए। समाज की आत्मीयता व समता आधारित रचना के लिए सभी को प्रयास करने पड़ेंगे। 
 
अब तक नहीं गई टीस 
मोहन भागवत ने कहा कि आजादी के बाद विभाजन का दर्द मिला। विभाजन की टीस अब तक नहीं गई है। हमारी पीढ़ियों को इतिहास के बारे में जानना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ी अपने आगे की पीढ़ी को बता पाएं कि देश के लिए बलिदानियों की आकाश गंगा चली आ रही है। 

ड्रग्स से देश को मुक्त कराने का प्रयास हो 
संघ प्रमुख ने कहा कि नई पीढ़ी में नशीले पदार्थ खाने की आदत बढ़ रही है। उच्च से निम्न स्तर तक व्यसन है। इसलिए ड्रग्स से देश को मुक्त कराने का प्रयास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में अराजकता फैलाने का प्रयास हो रहा है। 

OTT पर सरकार को नसीहत
कोरोना महामारी के बाद ऑनलाइन शिक्षा बढ़ी है। बच्चों के हाथ में मोबाइल हैं। ऐसे में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नियंत्रण नहीं रह गया है। सरकार को ओ.टी.टी. के लिए सामग्री नियामक ढांचा तैयार करने के लिए प्रयास करने चाहिए।

कोरोना के खिलाफ गांवों में टोली तैयार 
भागवत ने कहा कि भारत ने कोरोना के प्रति सबसे अच्छे तरीके से प्रतिकार किया है। पहली लहर भारत में कोई खास असर नहीं दिखा पाई थी, लेकिन दूसरी ने कई लोगों को हमसे छीन लिया। अब तीसरी लहर की भी आशंका है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने गांव-गांव में युवाओं की टोली को प्रशिक्षित किया है, जिससे वे तीसरी लहर में देश की मदद कर पाएं।

राज्यों के बीच तालमेल होना जरूरी 
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि देश में अराजकता का माहौल बनाया जा रहा है। राज्य आपस में लड़ रहे हैं, पुलिस आपस में लड़ रही है। इसलिए राज्यों के बीच तालमेल होना जरूरी है। पर्व, त्योहार पर मेलजोल बढ़ना चाहिए। 

विस्तार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शुक्रवार को 96वें स्थापना दिवस व विजयादशमी के अवसर पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। शस्त्र पूजा के बाद उन्होंने कहा कि यह हमारी स्वतंत्रता का 75वां वर्ष है। 15 अगस्त 1947 को हम स्वाधीन हुए। हमें यह स्वाधीनता रातों रात नहीं मिली। स्वतंत्र भारत का चित्र कैसा हो इसके लिए देश के सभी क्षेत्रों से सभी जातिवर्गों से निकले वीरों ने तपस्या, त्याग और बलिदान के हिमालय खड़े किए। समाज की आत्मीयता व समता आधारित रचना के लिए सभी को प्रयास करने पड़ेंगे। 

 

अब तक नहीं गई टीस 

मोहन भागवत ने कहा कि आजादी के बाद विभाजन का दर्द मिला। विभाजन की टीस अब तक नहीं गई है। हमारी पीढ़ियों को इतिहास के बारे में जानना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ी अपने आगे की पीढ़ी को बता पाएं कि देश के लिए बलिदानियों की आकाश गंगा चली आ रही है। 

ड्रग्स से देश को मुक्त कराने का प्रयास हो 

संघ प्रमुख ने कहा कि नई पीढ़ी में नशीले पदार्थ खाने की आदत बढ़ रही है। उच्च से निम्न स्तर तक व्यसन है। इसलिए ड्रग्स से देश को मुक्त कराने का प्रयास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में अराजकता फैलाने का प्रयास हो रहा है। 

OTT पर सरकार को नसीहत

कोरोना महामारी के बाद ऑनलाइन शिक्षा बढ़ी है। बच्चों के हाथ में मोबाइल हैं। ऐसे में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नियंत्रण नहीं रह गया है। सरकार को ओ.टी.टी. के लिए सामग्री नियामक ढांचा तैयार करने के लिए प्रयास करने चाहिए।

कोरोना के खिलाफ गांवों में टोली तैयार 

भागवत ने कहा कि भारत ने कोरोना के प्रति सबसे अच्छे तरीके से प्रतिकार किया है। पहली लहर भारत में कोई खास असर नहीं दिखा पाई थी, लेकिन दूसरी ने कई लोगों को हमसे छीन लिया। अब तीसरी लहर की भी आशंका है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने गांव-गांव में युवाओं की टोली को प्रशिक्षित किया है, जिससे वे तीसरी लहर में देश की मदद कर पाएं।

राज्यों के बीच तालमेल होना जरूरी 

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि देश में अराजकता का माहौल बनाया जा रहा है। राज्य आपस में लड़ रहे हैं, पुलिस आपस में लड़ रही है। इसलिए राज्यों के बीच तालमेल होना जरूरी है। पर्व, त्योहार पर मेलजोल बढ़ना चाहिए। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *