Wrestler Nisha Dahiya Becomes National Champion In 65kg Category After Fake Murder Story – कामयाबी: ‘मौत के अगले दिन’ चैंपियन बनीं निशा दहिया, नेशनल्स में सिर्फ 30 सेकेंड में जीता गोल्ड मेडल


स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, गोंडा
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 11 Nov 2021 08:05 PM IST

सार

पहलवान निशा दहिया के लिए फेक न्यूज के बाद एक खुशखबरी आई है। उत्तर प्रदेश के गोंडा में खेले जा रहे नेशनल चैंपियनशिप में निशा ने गोल्ड मेडल जीता है।

निशा दहिया
– फोटो : सोशल मीडिया

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विस्तार

पहलवान निशा दहिया के लिए फेक न्यूज के बाद एक खुशखबरी आई है। उत्तर प्रदेश के गोंडा में खेले जा रहे नेशनल चैंपियनशिप में निशा ने गोल्ड मेडल जीता है। उन्होंने 65 किलोग्राम वर्ग में जीत हासिल की। बुधवार को मीडिया रिपोर्ट्स में उनके मौत की खबर खूब वायरल हुई थी। हालांकि, बाद में पता चला था कि जिस निशा दहिया की मौत हुई वह कोई दूसरी है। निशा को खुद इसके लिए वीडियो जारी करना पड़ा था। 

23 साल की निशा ने नेशनल्स के फाइनल को सिर्फ 30 सेकंड में जीत लिया। उन्होंने पंजाब की जसप्रीत कौर को हराया और स्वर्ण पदक जीता। निशा रेलवे का प्रतिनिधित्व करती हैं। वह इससे पहले विश्व अंडर-23 चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल भी जीत चुकी हैं। बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने इस जीत पर निशा को बधाई भी दी थी। 

निशा ने जीत के बाद कहा- यह मेरे लिए बड़ी जीत है। मैंने अच्छे तरीके से अपने अभियान को समाप्त किया। मैं कल बहुत थकी हुई थी। पहले वजन कम करने की वजह से मुझे थकान हो रही थी और फिर जो घटनाएं घटीं, उसकी वजह से सो नहीं सकी थी। मैं पहले ही खुद को कमजोर महसूस कर रही थी और उस मौत वाली घटना ने मुझे और कमजोर कर दिया। नेशनल्स में निशा ने तीसरा गोल्ड मेडल जीता है। अर्जुन अवॉर्ड जीत चुके सत्यवर्त कदियान उनके कोच हैं। 

बुधवार को खबरें आई थीं कि निशा को सोनीपत में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। बाद में इसका खुलासा हुआ कि वह निशा कोई और थी। जिस निशा की मौत हुई, वह कोई नई रेसलर थी। निशा दहिया ने साक्षी मलिक के साथ एक वीडियो जारी कर कहा था कि मैं गोंडा में सीनियर नेशनल्स खेलने आई हूं और बिल्कुल ठीक हूं। मेरे मरने की खबर झूठी है। 

मैं चाहती हूं कि लोग मुझे मेरे खेल की वजह से जानें

निशा ने कहा कि हर खिलाड़ी चाहता है कि लोग उसके बारे में जाने, लेकिन इस तरीके से नहीं। “मैं चाहती हूं कि लोग मुझे मेरे प्रदर्शन की वजह से जानें न कि ऐसी अफवाहों की वजह से। मुझे इतने फोन आए कि अंत में अपना फोन बंद करना पड़ा। यह काफी तनावपूर्ण होता जा रहा था और मैं अपने मैच पर ध्यान रखना चाहती थी। हालांकि इसकी वजह से मेरे खेल पर असर नहीं पड़ा।”

निशा के अलावा शफाली और प्रियंका ने भी मेडल जीते। इन दोनों खिलाड़ियों ने कांस्य पदक अपने नाम किया। अगर इन दोनों खिलाड़ियों को ठीक से तैयार किया गया तो आने वाले समय में ये भारत की स्टार हो सकती हैं। इस प्रतियोगिता में 65 किलोग्राम वर्ग के दोनों सेमीफाइनल मैच बहुत ही शानदार थे और दोनों मैचों में खिलाड़ियों ने काफी तेज खेल दिखाया। निशा ने सेमीफाइनल में प्रियंका को 7-6 से हराया तो जसप्रीत ने हरयाणा की शफाली को 6-4 से मात दी। 

76 किलोग्राम वर्ग में गुरसरनप्रीत कौर ने जीता सोना

महिलाओं के 76 किलोग्राम वर्ग में 37 साल की गुरसरनप्रीत कौर ने गोल्ड मेडल जीता। उनकी प्रतिद्वंदी पूजा सिहाज मैच के दौरान ही चोटिल हो गईं और उन्होंने बीच में ही मैच छोड़ दिया। मैच के दौरान उनका दायां हाथ मुड़ गया था। इसके बाद उन्होंने आगे खेलने में असमर्थता दिखाई और गुरसरनप्रीत मैच जीत गईं। पूजा ने सेमीफाइनल में किरण को 3-1 से हराया था। 

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