Ashok Gehlot did not reach the Dalit meeting, there was a mutual discord in the Congress again | दलित सभा में अशोक गहलोत नहीं पहुंचे, कांग्रेस में फिर आई आपसी कलह सामने



डिजिटल डेस्क, जयपुर। पंजाब के बाद राजस्थान कांग्रेस में अंदरूनी कलह खत्म होने का नाम नहीं ले रही है, यहां भी दो गुटों में पार्टी कलह से जूझ रही है। एक बार फिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच चल रहे मतभेद खुलकर सामने आ गए। आपको बता दें बुधवार को सचिन पायलट की गुट के तरफ से एक दलित सभा का आयोजन किया था, जहां पर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति का अनावरण कार्यक्रम और रैली होनी थी। वहां पर सीएम अशोक गहलोत को  जाना तय माना जा रहा था लेकिन ऐन मौके पर सीएम ने अपना कार्यक्रम कैंसिल कर दिया। यहां तक कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी वहां नहीं गए। बता दें कि यह कार्यक्रम जयपुर के चाकसू में होना था। लेकिन गहलोत ने अचानक कार्यक्रम रद्द कर सियासत में फिर से गरमी ला दी और कयास लगना शुरू हो गया कि राजस्थान  में कांग्रेस पंजाब की राह पर चल रही है।

दलितों से जुड़े कार्यक्रम में क्यों नहीं पहुंचे गहलोत?

जानकारों के मुताबिक राजस्थान में हाल ही में हुई दलित हत्या के बाद से पार्टी बीजेपी के आक्रामक रूख के बाद सचिन पायलट ने चाकसू में दलित सभा का आयोजन किया था। माना जा रहा था कि इस सभा में खुद सीएम गहलोत उपस्थित रहेंगे लेकिन बाद में कार्यक्रम रद्द कर दिया। जानकारों की मानें तो राजस्थान में कांग्रेस पार्टी सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। एक तरफ जहां उत्तरप्रदेश और पंजाब में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी यूपी में दलितों की मसीहा बताने में जुटी हैं तो दूसरी तरफ इन्हीं के मुख्यमंत्री दलितों के कार्यक्रम में भाग नहीं ले पाए। अब इस घटना के बाद से सवालों की झड़ी लग गई है। गहलोत पायलट में बंटी कांग्रेस का खामियाजा कहीं पार्टी को दूसरे स्तर पर भुगतना न पड़ जाए ये संशय भी बरकरार है। सवाल ये भी है कि क्या पार्टी के एजेंडे से ज्यादा गहलोत को पायलट के साथ मंच साझा करने से बचने की फिक्र थी। 



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