Rebel attitude of Varun Gandhi, said by tweeting that trying to fight Hindu and Sikh | वरूण गांधी के बागी तेवर, ट्वीट कर कहा हिंदू और सिख को लड़ाने की कोशिश



डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी कांड को लेकर बीजेपी सरकार पर एक तरफ सारा विपक्ष एकजुट है तो दूसरी तरफ खुद बीजेपी से पीलीभीत सांसद वरूण गांधी हमलावर हो रहे है। जिससे बीजेपी खुद असहज हो रही है। बता दें कि कई ऐसे मौके आएं हैं जहां वरूण गांधी बीजेपी को कटघरें में खड़ा कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक वरूण गांधी कुछ दिनों से बीजेपी से नाराज चल रहे है। जिसकी वजह से पार्टी विरोधी बयान देने में पीछे नहीं हटते है। बता दें कि रविवार को वरूण गांधी ने लखीमपुर खीरी घटना को लेकर ट्वीट कर फिर से बीजेपी सरकार को घेरा है, उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी हिंसा को ‘हिंदू सिख लड़ाई’ में बदलने की कोशिश की जा रही है। यह न केवल एक अनैतिक और झूठा नैरेटिव है, बल्कि उन दोषों को बनाना और उन घावों को फिर से खोलना खतरनाक है जो एक पीढ़ी को ठीक करने में लगे हैं। हमें छोटे राजनीतिक लाभ को राष्ट्रीय एकता से ऊपर नहीं रखना चाहिए।

बीजेपी कार्यकारिणी से बाहर किए गए थे वरूण
गौरतलब है कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गुरूवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 80 सदस्यों को जगह दी थी। जेपी नड्डा की नई टीम में दलबदलुओं को खास तवज्जो दी गई थी। लेकिन बीजेपी के कई सदस्यों को बाहर का रास्ता दिखाया गया था। उनमें से वरूण गांधी खुद बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य थे। यहां तक की वरूण गांधी की मां मेनका गांधी को भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्यता से बाहर कर दिया गया था। बता दें कि मेनका गांधी सुल्तानपुर लोकसभा से बीजेपी सांसद है। अब कयास लगाए जा रहे कि बीजेपी ने वरूण गांधी की बगावत को लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकालकर बड़ा संदेश दिया।

जब सीएम को लिखा था पत्र

बता दें कि वरुण गांधी ने गुरुवार को ट्विटर पर कथित तौर पर लखीमपुर खीरी की घटना की एक वीडियो क्लिप शेयर किया था, जिसमें एक बीजेपी नेता के काफिले की एक एसयूवी प्रदर्शनकारी किसानों को कुचलते हुए दिखाई देती है। पीलीभीत से बीजेपी सांसद गांधी ने कहा था। वीडियो बिलकुल स्पष्ट है, प्रदर्शनकारियों को हत्या के माध्यम से चुप नहीं कराया जा सकता है। निर्दोष किसानों की हत्या के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए और अहंकार तथा क्रूरता का संदेश हर किसान के जेहन में आने से पहले न्याय दिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने लखीमपुर हिंसा में किसानों समेत आठ लोगों की मौत के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को पत्र लिखकर सीबीआई से जांच कराने की मांग भी की थी। वरुण गांधी ने मुख्यमंत्री को लिखा अपना पत्र ट्विटर पर शेयर किया था जिसमें उन्होंने घटना की सीबीआई जांच की मांग के साथ ही पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा दिये जाने की भी सिफारिश की थी।

 

 





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