Rajnandgaon News: फास्ट्रैक कोर्ट ने दी दुष्कर्म के आरोपित को फांसी हाईकोर्ट तय करेगा दिन


Publish Date: | Tue, 14 Sep 2021 07:19 AM (IST)

राजनांदगांव । साढ़े तीन साल की अबोध बच्ची का दुष्कर्म कर हत्या के मामले के दोषी शेखर कोर्राम को फास्ट्रैक कोर्ट के एडीजे शैलेष शर्मा ने फांसी की सजा सुनाई है। राजनांदगांव जिले में पहली बार पाक्सो के आरोपित को फांसी की सजा दी गई है। इस फैसले के बाद पीड़ित बच्ची के परिवार को न्याय मिला। सालभर से पीड़ित बच्ची के माता-पिता आरोपित को फांसी की सजा दिलाने के लिए गुहार लगा रहे थे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी स्वजन गुहार लगा चुके हैं। घटना बाद जिलेभर में पीड़ित बच्ची को न्याय दिलाने के लिए रैलियां व कैंडल मार्च भी निकाली गई थी। प्रकरण में सभी साक्ष्य और गवाहों को सुनने के बाद फास्ट्रैक कोर्ट के विशेष जज अपर व जिला सत्र न्यायाधीश शैलेष शर्मा ने आरोपित को धारा 302 के तहत फांसी की सजा सुनाई।

पूरा मामला शहर से लगे ग्राम कांकेतरा का है। बीते 22 अगस्त वर्ष 2020 को आरोपित 25 वर्षीय शेखर पिता गैंदसिंह ने घर के बाहर खेल रही साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची को चाकलेट का लालच देकर अपने घर ले गया। वहां आरोपित शेखर ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया फिर उसकी आवाज दबाने के लिए तकिये से मुंह दबा दिया। जिससे मासूम की मौके पर मौत हो गई थी। शव को आरोपित ने अपने घर में पलंग के नीचे छिपा दिया था। दोपहर-शाम तक जब बच्चीं घर के आसपास नहीं दिखी, तब उसके माता-पिता ने गांव में खोजबीन शुरू की। देर शाम तक पड़ोसियों के साथ घरवाले बच्ची को ढूंढते रहे। आरोपित शेखर भी अनजान बनकर ढूंढने की नौटंकी कर रहा था। दूसरे दिन स्वजनों ने चिखली पुलिस चौकी में मामले की शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने गांव वालों से पूछताछ की, जिसमें यह पता चला कि मासूम बच्ची को शेखर के साथ देखा गया था। तब पुलिस ने संदेह के आधार पर शेखर को गांव के एक खंडहरनुमा मकान से हिरासत में लिया। पूछताछ में जब आरोपित ने बच्ची की हत्या करना स्वीकार किया फिर उसकी निशानदेही पर पुलिस ने आरोपित शेखर के घर से ही मासूम का शव बरामद कर आरोपित को गिरफ्तार किया था।

बच्ची की मौत के एक साल बाद उनके स्वजनों को न्याय मिला है। फास्ट्रैक कोर्ट ने आरोपित को फांसी की सजा देकर ऐतिहासिक फैसला लिया है। जिसका स्वजनों के साथ न्याय की गुहार लगाने वाले सामाजिक संस्था के प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने स्वागत किया है। शासकीय लोक अभियोजक परवेज अख्तर ने कहा कि जिले में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। ऐतिहासिक फैसले के बाद इस तरह की जघन्य वारदात रोक लग सकता है।

पुलिस ने घटना स्थल से वारदात में उपयोग किए तकिये के साथ कई साक्ष्य बरामद किए थे। पाक्सो कोर्ट में चल रहे प्रकरण में जब जब्त किए गए साक्ष्य मंगाया गया, तब पुलिस अधीक्षक डी.श्रवण ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएनए टेस्ट किराया। जब्त किए गए तकिये में मृत बच्ची के मुंह की लार का डीएनए हुआ। वहीं आरोपित के हाथों की जांच कर टेस्ट कराया गया। डीएनए की रिपोर्ट आने के बाद आरोपित पर लगा दोष और गंभीर हो गया था। इस कारण कोर्ट में बचाव पक्ष के वकील की दलीलों को खारिज कर दिया गया।

शासकीय लोक अभियोजक परवेज अख्तर ने बताया कि फास्ट्रैक कोर्ट के एडीजे शैलेष शर्मा ने त्वरित न्याय करते हुए आरोपित शेखर कोर्राम को फांसी की सजा सुनाई है। पाक्सो एक्ट के तहत आरोप की पुष्टि होने के बाद फांसी की सजा देने का यह पहला मामला है। इसकी तारीख हाईकोर्ट से पुष्टि के बाद तय होगी। उन्होंने कहा कि जघन्य वारदात को देखते मैंने प्रकरण में आरोपित को फांसी की सजा देने की अपील की थी। प्रकरण के सभी साक्ष्य और गवाहों के बाद फास्ट्रैक कोर्ट के एडीजे शैलेष शर्मा ने बचाव पक्ष के वकील की दलीलों को खारिज करते हुए आरोपित को फांसी की सजा सुनाई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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